ब्लॉगसेतु

prakash govind
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 पोस्ट लेवल : Shreshth Srajan
हिमांशु पाण्डेय
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"बतलाओ माँ,बालमणि अम्मामलयालम कविता की शीर्ष कवयित्री । प्रख्यात भारतीय अंग्रेजी साहित्यकार ’कमला दास’ की माँ ।जन्म : १९ जुलाई १९०९,मृत्यु : २९ सितम्बर २००४’सरस्वती सम्मान’ सहित अनेक सम्मान/पुरस्कारों से सम्मानित । कवितायें दार्शनिक विचारों एवं मानवता के प्रति अगाध...
प्रातिक माहेश्वरी
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ठीक साल भर बाद इसी दिन एक और पोस्ट..पता नहीं इस दिन क्यों लिखना चाहता हूँ पर चाहता हूँ इसीलिए लिख रहा हूँ..पर इस बार कुछ अलग.. बदलाव आवश्यक है और निरंतर है.. एक साल में मैं भी बदला हूँ, दुनिया भी..बिट्स में भी बदलाव आ रहा है.. आशा है अच्छे के लिए ही आये..पर इस दिन...
रेखा श्रीवास्तव
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                              महिला दिवस पर महिला आरक्षण विधेयक का , जो पिछले १४ वर्षों से लंबित पड़ा हुआ है, वही हश्र ह...
 पोस्ट लेवल : sansad aur netajee mahila aarakshan
kumarendra singh sengar
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कल के शर्मनाक प्रदर्शन के बाद आज राज्यसभा में सात सांसदों के निलम्बन के बाद महिलाओं की चिरपरिचित प्रतीक्षा की समाप्ति का प्रथम चरण पूरा हुआ। राज्यसभा ने 186 के समर्थन और मात्र 01 के विरोध (वोटिंग के आधार पर) के साथ महिला आरक्षण विधेयक को पारित कर दिया।14 साल के लम्...
अविनाश वाचस्पति
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चित्र में दिखलाई दे रहे हैं जोउनके नाम भी बतलाइये तोक्लिक इमेज पर करिएगा, तभी देख पाइएगा और पढ़ सकिएगासोपानस्‍टेप मासिक मार्च 2010 के अंक से साभार
संजय भास्कर
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क्या जीना बेवफा महबूब के लिए  क्या जीना धोखेबाज़ यारो के लिए  जीन हो तो जीओदेश के लिए  देखना उत्तर आएगा तिरंगा  ख़ुद तुम्हारे कफ़न के लिए |
संगीता पुरी
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अगस्‍त 2007 में मुझे जब हिंदी में ब्‍लागिंग करने के बारे में जानकारी मिली थी , तो मैने इस दिशा में कदम बढा ही दिया था। जीमेल में मेरा अकाउंट नहीं था , इंटरनेट के बारे में आधी अधूरी जानकारी थी , फिर भी वर्डप्रेस पर नियमित रूप से लिखना तो शुरू कर दिया था , पर फिर भी...
सतीश सक्सेना
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डॉ अरविन्द मिश्रा का एक चुभता हुआ कमेंट्स मेरा ध्यान उनकी ओर खींच ले गया है  " चलिए आप उदासीन और तटस्थ रहकर इसी तरह बीच बीच में आकर अपनी घोर चिंता व्यक्त करते रहा करिए -ब्लागजगत का जो होना है वह तो हो ही जाएगा "   और मुझे लगा कि जैसे अरविन्द मिश...
kumarendra singh sengar
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शर्मनाक! महिला आरक्षण विधेयक संसद में पेश तो हुआ किन्तु पारित नहीं हो सका।शर्मनाक! संसद के दोनों सदनों में हंगामा होता रहा और सरकार की ओर से किसी तरह की कठोर कार्यवाही नहीं की गई।शर्मनाक! दलितों, पिछड़ों के लिए आरक्षण की माँग कर विधेयक का विरोध करने वाले टिकट वितरण...