ब्लॉगसेतु

kuldeep thakur
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जय मां हाटेशवरी......पतझड़ दिया था वक़्त ने सौगात में मुझेमैने वक़्त की जेब से ‘सावन’ चुरा लियासादर अभिवादन.....अब पेश है.....मेरी पसंद के कुछ लिंक.....मुक्तक : - फाड़कर कुछ आपके वहाँ का , कुछ मेरे भी यहाँ का ,जानूँ न कैसा-कैसा ,जाने कहाँ-कहाँ का ?आँखों से अपनी चुन-...
 पोस्ट लेवल : 1465
Yashoda Agrawal
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दैणा होया रे खोली का गणेशा हो सेवा करूंल ।(1-अर्थ= दैणा होया= (कृपा करना),  खोली =(मुख्य द्वार पर स्थापित)2दैणा होया रेपंचनाम देवताअसीक दिया ।( 2- असीक =आशीष)3मेरो पहाड़हरयूँ  छ भरयूँआंख्यों मां  बस्युं ।(3- अर्थ -हरयूँ  छ भरयूँ =ह...
 पोस्ट लेवल : हाइकु कमला निखुर्पा
रेखा श्रीवास्तव
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औरत की इज्जतएक चाय की प्याली हो गयीजिसेजिसने पिया - तोअकेले नहीं दोस्तों के संगक्या ये अबलत बन चुकी है। जो इंसान के जमीर मेंशामिल नहीं है  -औरत की इज्जत करना। और समाज उसेकितनी जलालत भरीनजर से देखती है,घुट घुट कर जीने के लिएमजबूर होती है,क्योंकिउस पीड़ा का अहसास...
Neeraj Jaat
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19 जुलाई 2019, शुक्रवार...दोपहर बाद दिल्ली से करण चौधरी का फोन आया - "नीरज, मैं तीर्थन वैली आ रहा हूँ।”"आ जाओ।”फिर दोपहर बाद के बाद फोन आया - "नीरज, मैं नहीं आ रहा हूँ।”"ठीक है। मत आओ।”शाम को फोन आया - " हाँ नीरज, कैसे हो?... क्या कर रहे हो...
Vidyut Maurya
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अपना देश रहन सहन के मामले में कितना अनूठा है। भिन्न भाषा भिन्न देश- भारत अपना एक देश। पर देश के रहन सहन के भिन्नता को देखना और समझना हो तो मध्य प्रदेश के जनजातीय संग्रहालय में पहुंचिए।मध्य प्रदेश का ये जन जातीय संग्रहालय, भोपाल के श्यामला हिल्स इलाके में स्थित है,...
 पोस्ट लेवल : MADHYA PRADESH
Ajay Singh
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शिवमहापुराण – प्रथम विद्येश्वरसंहिता – अध्याय 07 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः सातवाँ अध्याय भगवान् शंकर का ब्रह्मा और विष्णु के युद्ध में अग्निस्तम्भरूप में प्राकट्य, स्तम्भ के आदि और अन्त की जानकारी के लिये दोनों का प्रस्थान शिवजी बोले — हे...
 पोस्ट लेवल : शिवपुराण
Ajay Singh
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॥ अष्टाक्षरी शिवमन्त्र प्रयोगः ॥ उमापति (शारदायाम्) मन्त्र – “ह्रीं ॐ नमः शिवाय ह्रीं” । विनियोगः – ॐ अस्य श्रीशिवाष्टाक्षर मन्त्रस्य वामदेव ऋषिः, पंक्ति छन्दः, उमापतिर्देवता सर्वेष्टसिद्धये जपे विनियोगः । ऋषिन्यासः – ॐ वामदेवर्षये नमः शिर...
Ajay Singh
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॥ अथ रावणकृत शिव ताण्डव स्तोत्रम् ॥ ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम् । डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ॥ १ ॥ जटाकटाहसम्भ्रमभ्रमन्निलिम्पनिर्झरी- विलोलवीचिवल्लरीविराजमानमूर...
 पोस्ट लेवल : कवच-स्तोत्र
NILESH MATHUR
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अहंकारी हूँ क्योंकि पुरुष हूँ मैं  सदियों से अहंकारी रहा है पुरुष  और कायम रहेगा ये अहंकार सदा, रावण से मेरी तुलना  कर सकते हो तुम  लेकिन मेरा वध करने के लिए  तुम्हे राम बनना होगा, और राम बनने का सामर्थ्य  तुममे भी नहीं है...
Ajay Singh
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॥ द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम् ॥ सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम् । भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये ॥ १ ॥ श्रीशैलशृङ्गे विबुधातिसङ्गे तुलाद्रितुङ्गेऽपि मुदा वसन्तम् । तमर्जुनं मल्लिकपूर्वमेकं नमामि संसारसमुद्रसेतुम् ॥ २ ॥...
 पोस्ट लेवल : कवच-स्तोत्र