ब्लॉगसेतु

देवेन्द्र पाण्डेय
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आज बादल घिर रहे हैंखूब  बारिश हो रही हैशाम तक सूखा था मौसमरात बारिश हो रही है।फोन कर के घर में पूछाहाल क्या अपने शहर का?क्या वहाँ सूखा है मौसमया कि बारिश हो रही है?घर ने कहा सूखा है मौसमचल रहा टी.वी. अभी तोक्या नहीं टी.वी. वहाँ है?फोन रख्खो, देखने दो!कट गई बिज...
 पोस्ट लेवल : कविता
jafar airoli
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कागज़ के उन टुकडो को दिल से लगा रखा हैं ,तेरे हरेक लब्ज़ को जिंदगी बना रखा हैं ,वो ख़त जो तुमने मेरे नाम किये .....दौरे तन्हाई में वो साथ चलते हैं ,मेरी थकानो में छाँव धरते  हैं ,सारे जहां में चाहे खिज़ा छाये वो फूल मेरे सिराहने महकते हैं .उस एक आग को ख़ुदमे मे...
Tricks King
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); नौकरी चाहिए तो इन बातों का रखें ध्यान, नौकरी कैसे प्राप्त करे? (Naukri chahiye to Follow Kare ye Tips) नौकरी पाने के लिए जरुरी टिप्स. (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});...
 पोस्ट लेवल : Tips And Tricks
Basudeo Agarwal
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हुआ सूर्य का संक्रमण, मकर राशि में आज।मने पर्व सक्रांति का, ले कर पूरे साज।।शुचिता तन मन की रखें, धरें सूर्य का ध्यान।यथा शक्ति सब ही करें, तिल-लड्डू का दान।।सुख वैभव सम्पत्ति का, यह पावन है पर्व।भारत के हर प्रांत में, इसका न्यारा गर्व।।पोंगल, खिचड़ी, लोहड़ी, कहीं बि...
Basudeo Agarwal
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(8 भगण 211)भीतर मत्सर लोभ भरे पर, बाहर तू तन खूबसजावत।अंतर में जग-मोह बसा कर, क्यों भगवा फिर धार दिखावत।दीन दुखी पर भाव दया नहिं, आरत हो भगवानमनावत।पाप घड़ा उर माँहि भरा रख, पागल अंतरयामिरिझावत।।बासुदेव अग्रवाल 'नमन'तिनसुकिया20-11-18
Basudeo Agarwal
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(122×7  +  12)दया का महामन्त्र धारो मनों में, दया से सभी को लुभाते चलो।न हो भेद दुर्भाव कैसा किसी से, सभी को गले से लगाते चलो।दयाभूषणों से सभी प्राणियों के, उरों को सदा ही सजाते चलो।दुखाओ दिलों को न थोड़ा किसी के,  दया की सुधा को बहाते चलो।बासुदेव अग्...
Basudeo Agarwal
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घनाक्षरी पाठक या श्रोता के मन पर पूर्व के मनोभावों को हटाकर अपना प्रभाव स्थापित कर अपने अनुकूल बना लेनेवाला छंद है। घनाक्षरी में शब्द प्रवाह इस तरह होता है मानो मेघ की गर्जन हो रही हो। साथ ही इसमें शब्दों की बुनावट सघन होती है जैसे एक को ठेलकर दूसरा शब्द आने की जल्...
Basudeo Agarwal
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शिल्प~8888,अंत में लघु-लघुजब की क्रिकेट शुरु, बल्ले का था नामी गुरु,जीभ से बैटिंग करे, अब धुँवाधार यह।न्योता दिया इमरान, गुरु गया पाकिस्तान,फिर तो खिलाया गुल, वहाँ लगातार यह।संग बैठ सेनाध्यक्ष, हुआ होगा चौड़ा वक्ष,सब के भिगोये अक्ष, मन क्या विचार यहबेगाने की ताजपोशी...
रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : आलेख
Basudeo Agarwal
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रुबाई-1दिनकर सा धरा पर न रहा है कोई;हूँकार भरे जो न बचा है कोई;चमचों ने है अधिकार किया मंचों पे;उद्धार करे झूठों से ना है कोई।रुबाई-2जीते हैं सभी मौन यहाँ रह कर के;मर रूह गई जुल्मो जफ़ा सह कर के;पत्थर पे न होता है असर चीखों का;कुछ फ़र्क नहीं पड़ता इन्हें कह कर के।रुबा...