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पुस्तकों का जीवन में बहुत महत्व है । जब भी किसी नए रचनाकार की पुस्तक से रुबरु होता हूँ तो यही सोचकर उसे उठा लेता हूँ कि आज एक नए व्यक्ति से मुलाकत हो रही है । एक नए कलाकार को जानने का अवसर प्राप्त हो रहा है । ऐसी स्थिति में मैं शब्दों के साधक से परिच...
जीवन पथ में, मैं अकेला /  साथी हो तुममंजिल को पाने मैं  निकला / साहिल हो तुम मेरे हृदय में उठती करुणा / आंसू हो तुम हर शै पर चमकने वाला / सितारा हो तुम . जीवन और जगत में / चेतना हो तुम सोच और कल्पना से परे / ऐसा रहस्य हो तुम  सुख...
मानव का स्वभाव है. वह हर कर्म करने से पहले सोचता है और आकलन करता है अपनी लाभ-हानि का. जब मानव में चिंतन की प्रवृति जागृत होती है तो, वह जीवन के हर पहलू को उसी दृष्टिकोण से सोचता है और फिर किसी निष्कर्ष पर पहुँच कर अपना कर्म करता है. मानव का यह कर्म उसके बुद्धि...
यह संसार एक मेला है , यहाँ जो भी आता है अपना समय बिता कर चला जाता है आने - जाने का यह क्रम आदि काल से चला आ रहा है . पूरी कायनात को जब हम देखते हैं तो यह ही महसूस होता है कि इस जहां में कुछ भी नित्य नहीं है , शाश्वत नहीं है . अगर कहीं  कुछ शाश्वत है तो उसे हम...
भारतीय संस्कृति में उत्सव का बड़ा महत्व है   उत्सव शब्द. सुनते ही हमारे जहन में एक रोमांच सा भर जाता है , मन ख़ुशी की कल्पना से झूम उठता है , और ऐसा लगने लगता है जैसे सारा वातावरण खुशियों से सराबोर हो, उत्सव मात्र हंसी - ख़ुशी , नाच - गान या खेल का नहीं...
इन पोस्टों के लिए सबसे ज्यादा पेज देखे गएसृजन मानव जीवन का स्वभाव है . मानव ही नहीं प्रकृति के कण - कण में सृजन का अद्भुत संगम देखने को मिलता है . एक चिड़िया जब अपना घोंसला बनाती है तो उसकी कला अद्भुत होती है . उस पर न तो बारिश का असर होता है , ना आंधी का...
सवाल जब किसी से भी पूछा जाये जरुरी नहीं हमें उसका उत्तर भी मिल जाये ,और जिस सवाल का  उत्तर आपको मिल जाये फिर तो आपकी सारी जिज्ञासा ही शांत हो जाये . जिज्ञासा का शांत होना कहीं न कहीं हमारे जीवन में ठहराब देता है . तब तक खोज चल रही है तब तक हम प्रगति...
जीवन भी क्या है ? एक यक्ष प्रश्न , हम सुलझाने की कोशिश करते हैं और यह उलझता जाता है . हम  एक सिरा पकड़ते हैं और हमारे सामने कई सिरे आ जाते हैं . हम एक इच्छा की पूर्ति के लिए दिन रात मेहनत करते हैं, लेकिन कभी सफलता तो कभी असफलता&n...
भ्रष्टाचार को मिटाने की आस लिए जनता की आँखों की चमक बढ़ रही है ...अब तो सब सही होकर ही रहेगा ....इतने में फिर दृश्य बदल जाता है ....! गतांक से आगे :- एक तरफ भ्रष्टाचार पर बात हो रही थी और लोग हैं कि फिर इसी का सहारा ले रहे हैं . भीड़ बढ़ रह...
रात को अपने सब काम निपटाने के बाद मन किया थोडा सा नेट पर देखा जाये क्या चल रहा है , इसलिए जीमेल खोल दिया , यहाँ कोई नहीं दिखाई दिया , ठीक है फेसबुक की तरफ बढ़ते हैं ..यहाँ कुछ अपडेट्स हैं चलो पढ़ते हैं, लाइक करते हैं, टिप्पणी करने से मुझे गुरेज है . फिर चलो नींद आ...