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छंद- सारसी छंद (विषम चरण चौपाई तथा  सम चरण दोहा)----जयचंदों    से   करूँ   निवेदन,    माने  मेरी  बात।सत्य सनातन रखें आचरण , विमल रखें मन-गात।रजक-श्वान की दशा ज्ञात क्या , जयचंदी निष्णात।शीघ्र  त्याग ...
दोहे -----व्याकुल मन की वेदना , बन जाती है काव्य।निज पीड़ा जब-जब कहूँ, होती सदा सु-श्राव्य।।०१।।-----दृग से दृगजल शुष्क अब , गाँवों से अपनत्व।शहर गये जन-गण सभी , मेटे मौलिक तत्व।।०२।।------हम सुधरे सुधरा जगत , करें नवल नित शोध।जिस दिन फल इसका मिले , होगा प्राण...
छंद- दोहा‌तिथि- २६-०१-२०२१दिवस- मंगलवार--------------------फैली चारों ओर ध्वनि , जन गण मन की तान।सदा तिंरगा देश की , करवाता पहचान।।०१।।----राष्ट्र भक्ति का पाठ अब , गाये सदा प्रताप।महापुरुष की याद में, मिले सभी हैं आप।।०२।।----बनकर सबका गर्व ध्वज, छूता है आकाश।इसके...
 प्रभात दृश्य में एक गीत जैसा कुछ---------------------------------------प्रभात दृश्य देखिए।विशाल वृक्ष देखिए।।अनंत  रश्मियाँ   बहें।सवार अश्व  हो चलें।प्रताप  देखता  रहे-प्रकाश पुंज देखिए।खुली धरा खुला गगन।प्रणाम कर करें  मनन...
 पोस्ट लेवल : Acharypratap achary Pratap
आज से ठीक एक वर्ष पूर्व लिखा गया  गीत - यह बेला शाम की --------------------यह वेला  शाम  की यह वेला  शाम  की।दिन भर के काम से थककर आराम की।यह वेला  शाम  की , यह  वेला  शाम की।मेघा -मल्हार   की खग...
 पोस्ट लेवल : Acharypratap achary Pratap
 डॉ पूजा मिश्र 'आशना' नाम-डॉ पूजा मिश्र 'आशना'माता-श्रीमती मंजुला शर्मापिता-श्री सुरेंद्र शर्मापति का नाम-डॉ सुमित मिश्रशहर-राजोद,जिला-धार(म.प्र.)जन्म दिनांक-06/11/1981जन्म स्थान-ग्वालियर(म.प्र.)शैक्षणिक योग्यता-B. A. M. Sव्यवसाय-आयुष चिकित्सा अधिकारी।प्र...
स्वरचित पुराने दोहों का परिमार्जन पश्चात् प्रेषण एवं संग्रहणविधा -छंदबद्धछंद- दोहातिथि- २४-०१-२०२१दिवस- आदित्यवार--------------------बे-सबरी  में  थे  दिखे ,  वे-सबरी  के  राम।बेसब्री  में  खा  गए , जूठन उन्हें प्रणाम।।०...
 पोस्ट लेवल : प्रताप-सहस्र
जय माँ भारतीनमन अक्षरवाणी परिवारविधा -छंदबद्धछंद- दोहा‌ सह चौपाईविषय- स्वेच्छिकतिथि- २३-०१-२०२१दिवस- शनिवार--------------------एक वर्ष पूर्व किया गया सृजन.... एक दृश्य- रामायण से आज परिमार्जन के पश्चात् पुनर्प्रकाशन...टिप्पणी-तुलसीदास महराज से मिलेगी न...
कुण्डलिनी छंद : शिल्प विधान- इस छंद का जनक आचार्य ओम नीरव जी को माना जाता है जो कि कविता लोक समूह के संचालक और संस्थापक है।1) एक दोहा और अर्धरोला के योग से चार चरणों वाला कुण्डलिनी छंद बनता है ।2) इसके पहले दो चरणों में प्रत्येक का मात्रा भार 13, 11 होता है और बाद...
दोहे--------गुणवत्ता होती नहीं , विनिमय का बाजार।आश्रित हुआ प्रचार पर , क्रय-विक्रय का सार।।०१।।----थोथी गुणवत्ता हुई ,  बस प्रचार की आस।सर्व सफलता के लिए , करते रहे  प्रयास।।०२।।-----गुणवत्ता हो कार्य में , सरस सरल हो भाव।पाठक दर्शक शेष सब , बैठें एकहि न...