ब्लॉगसेतु

“ओह!…शिट..पहुँच जाना चाहिए था अब तक तो उसे….पता भी है कि मुझे फिल्म की स्टार्टिंग मिस करना बिलकुल भी पसंद नहीं”… “कहीं ट्रैफिक की वजह से तो नहीं…इस वक्त ट्रैफिक भी तो सड़कों पे बहुत होता है लेकिन अगर ऐसी ही बात थी तो घर से जल्दी निकलना चाहिए था उसे"सड़क पे भारी...
तेरे आँसूओं की कीमत कम नहीं..…………........बहुत है मेरे लिए डॉक्टर ने जो कहा है..सेलाइन वाटर बैस्ट नेज़ल ड्राप है मेरे लिए -------------------------------------------------------------------------- प्रभु...क्यों ना उतारूं सुबह शाम मैं..आरती जामुन सारे तोड़ ले जा...
करारी मात के बाद....अब क्या करेगी कांग्रेसदुम दबा मुँह छुपाएगी या..हालात करेगी फेससुना था किसी विज्ञापन में कि....चीता भी पीता हैकेजरीवाल मगर देखो...बिना खाए पिए ही जीता हैअपनी इज्ज़त.............................अपने हाथआप को नहीं चाहिए..कांग्रेस-भाजपा का साथना भाजप...
 सन 1945 मे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की तथाकथित हवाई दुर्घटना या उनके जापानी सरकार के सहयोग से 1945 के बाद सोवियत रूस मे शरण लेने या बाद मे भारत मे उनके होने के बारे मे हमेशा ही सरकार की ओर से गोलमोल जवाब दिया गया है उन से जुड़ी हुई हर जानकारी को "राष्ट्र हि...
***राजीव तनेजा*** फेसबुकिया नशा ऐसा नशा है कि एक बार इसकी लत लग गई तो समझो लग गयी...बंदा बावलों की तरह बार बार टपक पड़ता है इसकी साईट पर कि..."जा के देखूँ तो सही मुझे कितने लाईक और कितने कमेन्ट मिले हैं?"... "अरे!...तुझे क्या लड्डू लेने हैं इ...
 
रात कह रही है चुपके से…कानों में मेरे सो जा चुपचाप…बहुत हो लिए ड्रामे तेरे ************************************************** अन्ना रामदेव कर रहे....दिल्ली में मंथन हाथ लगेगा कुछ या..रह जाएँगे ठन ठन ***********************************************...
एक कटता पेड़ बचा.....आज मैंने धरती का क़र्ज़ चुकाया है पड़ोसी मकान ना बना सके..रिपोर्ट कर तभी उसे फँसाया है  *************************************************कट जाएगा जिंदगी का बचा खुचा सफर सुकुन से बस!.................डरा मत तू मुझे….सख्त क़ानून से *...
कुछ लोग महान पैदा होते हैं.........कुछ पर महानता थोप दी जाती है कुछ चाकुओं से खेलते हैं और…कुछ को जबरन सौंप..तोप दी जाती है **********************************************************अजीब रिश्ता है मेरा तुमसे और......…...........तन्हाई से दिन में झिझक...
बिसात इश्क की आज फिर.......................मैंने बिछा दी भाइयों ने उसके रोली चन्दन के साथ अर्थी मेरी सजा दी ************************************************ मर के नाम रौशन किया.....तो क्या किया जिन्दगी भर तरसते रहे..बुढ़ापे में घी पिया **********...