ब्लॉगसेतु

मैं हो गया हूं मौनकुछ कहते हैंकोई कहता है कि भटक गया हूंकठोर प्रतिक्रियाएं मुझे उद्वेलित नहीं करतीदेखता हूं दुनिया कोआंखें बंद करके मुस्कुरा देता हूंऔर कई बार रोता  हूं चीखता भी हूं मौन ही इतनी जोर से मेरा मौन गहराता जाता हैमेरी चीख जम जाती है ह...
 पोस्ट लेवल : काव्‍य
मेरा वैराग्य,वास्तव में मेरा सौभाग्य है।मेरी हस्ती,उस खुदा की मस्ती है।मेरा निश्चल प्रेम,उस ईश्वर का प्रतिरूप है।मेरी स्तुति,उस ईश् की अभिव्यक्ति है।मेरी वंदना,उस अलख निरंजन की अनुभूति है।मेरी भक्ति,उस तत्पुरुष के लिए आस्था है।मेरी शक्ति परब्रह्म स्वरूप की मात...
 पोस्ट लेवल : काव्‍य
वास्तव में भाषा वही है जो दिलों में उतर जाए। जो भाषा दिल में नहीं उतरती, वो जनमानस की भाषा नहीं बन सकती और जो भाषा जनमानस की नहीं बन सकती, वो कभी विकसित नहीं हो सकती। यह महत्वपूर्ण है कि किसे कौनसी बात किस भाषा में समझ आती है। इस बात में कोई संदेह नहीं कि निज भाषा...
 पोस्ट लेवल : जगदीश बाली
बिलासपुर प्रेस क्लब में मंगलवार को साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें सुखराम आजाद मुख्यतिथि व कमांडेंट सुरेंद्र शर्मा अध्यक्ष तथा डा. एआर सांख्यान व डा. प्रशांत आचार्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर जाने माने कवि लेखक रतन चंद निर्झर को मुख्यतिथि द्व...
कुमारसैन में ’मंथन’ ने लिखी हिमालय साहित्य मंच व हिमवाणी के साथ शब्द सृजन की ऐतिहासिक इबारतसाहित्यिक रूप से लगभग शांत पड़ी कुमारसैन की फ़िजाओं ने उस वक्त नई हवाओं की खुशबू का एहसास किया जब दुनिया के शोर-शराबे से दूर आइ टी आई के भव्य भवन के सुंदर सभागार में साहित्य मं...
कुमारसैन की नवगठित साहित्य और सांस्कृतिक संस्था मंथन ने अपना पहला साहित्यिक समागम अययोजित किया। लगभग 25 कवियों व 100 से अधिक श्रोताओं व क्षेत्र के बुद्धिजीवियों के बीच मशहूर लेखक एस आर हरनौट के दीप प्रजवल्लन के साथ कुमारसैन साहित्य मंच 'मंथन' ने  अपनी पहली साह...
जो हाथ गुरु से आशीर्वाद पाने के लिए उठने चाहिए, जिन हाथों को कलम थाम कर अपना भविष्य लिखना चाहिए, जिन हाथों में किताबें शोभा देती हैं, अगर उन हाथों में चाकू-बंदूकें आ जाएं तो हम कैसे समाज और राष्ट्र निर्माण की ओर बढ़ रहे हैं, हर कोई अंदाज़ा लगा सकता है। जिस नाज़ुक उ...
 पोस्ट लेवल : FEATURE लेख जगदीश बाली
काठगोदाम से बरेली जाने वाले रेल-मार्ग पर ‘किच्छा’ एक छोटा-सा रेलवे स्टेशन है, काठगोदाम लाइन के लालकुआँ जंकशन से इस लाइन पर बहुत सारी गाड़ियाँ आती-जाती हैं। खास तौर पर बरेली, मथुरा, लखनऊ आदि मार्गों की गाड़ियों का तो दिन भर आना-जाना रहता है। उस दिन इस छोटे से रेल...
 पोस्ट लेवल : कहानी आशा शैली
हिमाचल प्रदेश की चर्चित कवयित्री एवं साहित्यकार डॉ. कांता शर्मा का बुधवार सुबह देहांत हो गया। मंडी जिला से संबंध रखने वाली कांता शर्मा संवेदनशील कवयित्री, सांस्कृतिक शोधार्थी के अलावा एक अच्छी मंच संचालक भी थीं। उनके निधन से साहित्यिक जगत में शोक की लहर है। वे कुछ...
 पोस्ट लेवल : साहित्‍य समाचार
SR Harnot यूं भी कोई चुपचाप जाना होता है ?हैलो मॉम, मैं हरनोट बोल रहा हूं।मैं उस 18 वर्ष की 84 वर्षीय युवा लड़की से रोज बात किया करता था। वे हम सभी की माॅम थी, क्‍योंकि उन्‍हें कभी भी 'आण्‍टी' बोलना पसन्‍द नहीं था। 4 दिसम्‍बर, 2015 को मैं शिमला आकाशवाणी उनके स...