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एक लड़का जिसके लिये गणित दुनिया की सबसे बड़ी मुसीबत थी। वह एक ऐसे तिलिस्म में फंस जाता है जो गणितीय समीकरणों पर आधारित था। अब गणित उसके लिये जिंदगी और मौत का सवाल बन चुकी थी। क्या वह उस तिलिस्म से बाहर निकल सका? जबकि उसका शरीर भी उसके पास नहीं था।&nbsp...
 पोस्ट लेवल : Book Sci Fi by Zeashan Zaidi किताब
विज्ञान कथा संग्रह 'प्रोफेसर मंकी' का पेपरबैक संस्करण प्रकाशित हो चुका है. जिसमें  मंकी, नादान मुजरिम, क़ैदी ऊर्जा जैसी कई रोचक व लोकप्रिय विज्ञान कथाएं संकलित हैं. अधिक जानकारी के लिए इमेज पर क्लिक करें .
‘‘तान्या, ये मक्खियाँ नहीं हैं। इनमें से एक हमारे सम्राट हैं।’’‘‘एक मक्खी तुम्हारी सम्राट!’’ तान्या जोर से हँस पड़ी।उसी वक्त दोनों मक्खियाँ अपना आकार बदलने लगीं। थोड़ी ही देर में उनका शरीर हाथी जितना विशाल हो चुका था।’’ तान्या ने देखा उनमें से एक मक्खी गुस्से से...
 तान्या के ग्रुप में एक हलचल सी मच गयी थी।‘‘बगैर शादी के बच्चा! मुझे उम्मीद ही नहीं थी तान्या ऐसी होगी।’’ रिजवान ने कहा। साथ में अपने कानों को हाथ भी लगा लिया था।‘‘तान्या किसी देवी की तरह पवित्र है। तुम उसके बारे में ऐसी बातें सोच भी नहीं सकते।’’ रोहित ने थोड़ा...
जब तान्या को होश  आया तो उसने अपने को एक सफेद बिस्तर पर पड़े देखा। पूरा ग्रुप उसे चारों तरफ से घेरे खड़ा था। सभी के चेहरे से परेशानी जाहिर हो रही थी। तान्या को आँखें खोलते देखकर सभी के चेहरे पर इत्मिनान की एक लहर दौड़ गयी।‘‘तान्या तुम ठीक तो हो?’’ रोहित...
ज़ीशान -ज़ैदी  लेखकशहर के बीचोंबीच स्थित स्ट्रोक्स आर्ट गैलरी में कलाप्रेमी दर्शकों का हुजूम लगा हुआ था। माडर्न आर्ट की इस प्रदर्शनी में विश्व के कई नामी गिरामी चित्रकारों की पेंटिग्स मौजूद थीं। वहाँ मौजूद दर्शकों में कालेज छात्रों का एक ग्रु...
थोड़ी ही देर बाद प्रोफेसर ने अपने को एक अलग अनोखी दुनिया में पाया। ऐसी अनोखी दुनिया उसने सपने में भी कभी नहीं देखी थी। उसके आसपास हर तरफ रंग बिरंगी तरह तरह की धारियाँ लहरा रही थीं। उन धारियों का न तो कोई शुरूआती सिरा दिख रहा था न ही कोई अंतिम छोर।जब फिज़ा में लहराती...
अभी प्रोफेसर घनश्याम ने अपने शहर पहुंचने का आधा रास्ता ही तय किया था कि तेज़ आँधी तूफान ने उसे घेर लिया। बादल इतने घने थे कि हेड लाइट जलानी पड़ी थी। लेकिन मूसलाधार बारिश में उसे आगे का रास्ता मुश्किल से ही दिखाई दे रहा था। बिजलियाँ भी कड़क रही थीं। प्रोफेसर घनश्याम जल...
देश के जाने माने साइंटिस्ट प्रोफेसर घनश्याम की कार जब उसकी बहन के दरवाज़े पर रुकी तो उस समय रात के दो बज रहे थे। प्रोफेसर घनश्याम इस समय दूसरे शहर में रहने वाली अपनी बहन से मिलने आया था और इसके लिये पूरी रात उसने खुद ही कार ड्राइव की थी।उसने काल बेल पर उंगली रखी।&nb...