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Lokendra Singh लोकेन्द्र सिंह | Raisen Fort, Madhya Pradesh राम तेरी दुनिया में आकररंग देख रहा हूं, जीने का ढंग देख रहा हूं।पल-पल में बदल रहे हैं लोगरंगे सियारों का रंग देख रहा हूं।।महंगाई सुरसा-सा मुंह फाड़ रही हैआम आदमी दाने-दाने को मोहताज देख रहा हूं।म...
Lokendra Singh : Gopal Bag, GovindGarh, Rewaमंजिल की तलाश मेंजब निकला थातब कुछ न था पास मेंन थी जमीं और न आसमां थाबस सपने बहुत थे आंख मेंअब तो...मिल गया है रास्तापैर जमाना सीख रहा हूंशिखर को जो छूना है।चलता रहा मीलोंएक आस में भूखा-प्यासादर-दर घूमा खानाबदोश-सान तो द...
हार और जीत ही काफी नहीं जिंदगी में मेरे लिएमीलों दूर जाना है अभी मुझे। निराशा के साथ बंधी आशा की इक डोर थामेउन्नत शिखर की चोटी पर चढ़ जाना है मुझे। हार और जीत ही....है अंधेरा घना लेकिनइक दिया तो जलता है रोशनी के लिएउसी रोशनी का सहारा लिए भे...
ऋष्वी के पांचवे जन्मदिन परनखरे तुम्हारे ---सुनो, मीठीनखरे बढ़ गए हैं तुम्हारेज़िद्दी पहले हीबहुत थी तुम।अब गुस्सा होकरकोप भवन में बैठनाबड़ा प्यारा लगता है।बता नहीं सकतामनाना तुम्हेंकितना भाता है मुझे।यह बात तोजानती हो तुम भीइसलिए नौटंकी तुम्हारीमेरे घर आने पर हीह...
वैसे तो 'राष्ट्रवाद' सदैव ही जनसाधारण की चर्चाओं से लेकर अकादमिक विमर्श के केंद्र में रहता है। किंतु, वर्तमान समय में राष्ट्रवाद की चर्चा जोरों पर है। राष्ट्रवाद का जिक्र बार-बार आ रहा है। राष्ट्रवाद को 'उपसर्ग' की तरह भी प्रयोग में लिया जा रहा है, यथा- राष्ट्रवादी...
भारतीय भाषाओं के सम्मान का अनुष्ठानयूँ तो मीडिया विमर्श का हर अंक ही विशेष होता है। हर अंक पठनीय और संदर्भ सामग्री से भरा पड़ा संग्रहणीय। कई ऐसे विषयों पर भी मीडिया विमर्श ने विशेषांक निकाले हैं, जिनकी मीडिया में भी अत्यंत कम चर्चा होती है और होती भी है तो वही पुरान...
सक्रिय पत्रकारिता और उसके शिक्षण-प्रशिक्षण के सशक्त हस्ताक्षर प्रो. कमल दीक्षित की नयी पुस्तक ‘मूल्यानुगत मीडिया : संभावना और चुनौतियां’ ऐसे समय में आई है, जब मीडिया में मूल्यहीनता दिखाई पड़ रही है। मीडिया में मूल्यों और सिद्धांतों की बात तो सब कर रहे हैं, लेकिन उस...
पंडित दीनदयाल उपाध्याय बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। सादगी से जीवन जीने वाले इस महापुरुष में राजनीतिज्ञ, संगठन शिल्पी, कुशल वक्ता, समाज चिंतक, अर्थचिंतक, शिक्षाविद्, लेखक और पत्रकार सहित कई प्रतिभाएं समाहित थी। ऐसी प्रतिभाएं कम ही होती हैं। पं. दीनदयाल उपाध्याय के...
कुछ प्रश्न आपके सामने रख रहा हूं। भारत की बहुसंख्यक आबादी की मातृभाषा कौन-सी है? भारत में सम्पर्क और संवाद की सबसे बड़ी भाषा कौन-सी है? भारत की ज्यादातर आबादी किस भाषा में बोलती, लिखती-पढ़ती है? मनोरंजन की प्रमुख भाषा कौन-सी है? किस भाषा का शब्दकोश सबसे अधिक समृद्ध...
 पोस्ट लेवल : हिंदी
चंद्रमा पर चंद्रयान-2 के उतरने से पहले ही लैंडर विक्रम से संपर्क टूटने को इस अभियान की असफलता नहीं माना जाना चाहिए। चंद्रमा के जिस हिस्से (दक्षिणी ध्रुव) पर आज तक कोई नहीं पहुँचा, वहाँ सॉफ्ट लैंडिंग का हमारा बड़ा लक्ष्य अवश्य था, किंतु यह चंद्रयान-2 का एकमात्र लक्ष...