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पूरी कहानी यहाँ है, जिसका सार यह है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में तमाम आयामों में काम हो रहे हैं, तो टैक्स्ट जनरेटर यानी कृत्रिम रचनाकार का सृजन क्यों नहीं?बहुत पहले कंप्यूटर के शुरूआती दिनों में किसी प्यारे बंदे ने विजुअल बेसिक प्रोग्रामिंग लैंगुएज का प्रय...
 पोस्ट लेवल : तकनीकी तकनीक हिन्दी
क्रोम ब्राउज़र में तमाम सुविधा है.हिंदी लिखने व हिंदी वर्तनी जांचने की भी.क्रोम के सर्च विंडो में निम्न टैक्स्ट स्ट्रिंग डालें व एंटर बटन दबाएं -data:text/html, <html contenteditable>जो विंडो प्रकट होगा, उसमें आप टैक्स्ट एडीटर की तरह हिंदी में लिख सकेंगे या म...
 पोस्ट लेवल : तकनीकी तकनीक हिन्दी
लीजिए, आपके लिए एक और नई तकनीक आ गई. जब आप गाड़ी चला रहे हों, और किसी वजह से आपका दिमाग खराब होने लगे, मूड ऑफ होने लगे तो आपके गाड़ी के डैशबोर्ड में लगा उपकरण इस चीज को भांप कर आपका मूड ठीक करने के तमाम उपाय करेगा.गाड़ी चलाते समय आपका मूड आफ हो जाएगा तो ये आपका पसं...
 पोस्ट लेवल : व्यंग्य
भारत में यह कब मिलेगा?या अमेरिका से इम्पोर्टे कर सकते हैं? एक ठो अपने लिए, मैैं भी लेना चाहूंगा
विंडोज 10 में स्वचालित अपडेट होता रहता है। अभी नये अपडेट के लिए मेरे कंप्यूटर पर यह हर दूसरे दिन 1-2 जीबी डेटा डाउनलोड कर रहा है और अपडेट इंस्टाल करने की कोशिश करता है और फिर फेल हो जाता है और फिर डाउनलोड करने लग जाता है। यह लूप मेरा कंप्यूटिंग रिसोर्स और कीमती डेट...
यह एक विशुद्ध राजनीतिक पोस्ट है.मैं कोई पिछले बीस वर्षों से (याहू! जियोसिटीज़ के जमाने से,) सोशल मीडिया से निरंतर, सक्रियता से जुड़ा हूँ, और यदा कदा राजनीतिक व्यंग्य को छोड़कर कभी भी – एक बार फिर – मैंने ‘कभी भी’ विशुद्ध राजनीतिक पोस्ट नहीं लिखी. पर, आज लिख रहा हूँ...
 पोस्ट लेवल : विविध
धर्मान्धों, जरा जागो और अपना इलाज करवाओ। इससे पहले कि देर हो जाए, अभी, इसी वक्त!
९ मई २०११ ९:२२ पूर्वाह्न को, Shailesh Bharatwasi ने लिखा:आदरणीय रवि जी, एक साहित्यिक पत्रिका है 'जनपथ' जो आरा से प्रकाशित होती है, मैं इसके भाषा विशेषांक के लिए एक आलेख तैयार कर रहा हूँ। मैं हिन्दी कम्प्यूटिंग को लेकर आलेख तैयार कर रहा हूँ। चूँकि आप हिन्दी तकनीक के...
 पोस्ट लेवल : तकनीक हिन्दी
कई दिन हो गए सोचते हुए कि अच्छे दिन आ जाएं लेकिन कमबख्त अभी तक नहीं आ पाए। रोजमर्रा की तरह वही दिन आ जाता है जिसे अच्छा दिन तो हरगिज़ नहीं कहा जा सकता। पता नहीं कब और कैसे आवेंगे अच्छे दिन ! मेरे मित्र ने मुझसे पूछा, आज का दिन कैसा गुज़रा? बस गुज़र गया जैसे तैसे। उन्ह...
 पोस्ट लेवल : व्यंग्य
दर्द दिल काआत्मकथात्मक उपन्यासरवि रतलामीजीवन से अद्भुत प्रेम की असल कहानीसमर्पण· स्टीफ़न हाकिंस को, जिन्होंने अपनी आसन्न मृत्यु को सदैव खारिज किया, और मुझे भी यह प्रेरणा दी!· पद्मश्री डॉ. के. एम चेरियन, डॉ. प्रमोद जायसवाल व डॉ. के. के. हरिदास तथा आधुनिक चिकित्सा-वि...
 पोस्ट लेवल : कहानी