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 चित्रालंकार:पर्वत आ गाएंगे अनवरत प्रणय गीत सुर साधकर। जी पाएंगे दूर होप्रिये! तुझे यादकर।http://divyanarmada.blogspot.in/
 पोस्ट लेवल : चित्रालंकार पर्वत
नवगीत-पड़ा मावठा *पड़ा मावठा घिरा कोहराजला अँगीठी आगी ताप*सिकुड़-घुसड़कर बैठ बावले थर-थर मत कँप, गरम चाय ले सुट्टा मार चिलम का जी भर उठा टिमकिया, दे दे थापपड़ा मावठा घिरा कोहराजला अँगीठी आगी ताप*आल्हा-ऊदल बड़े लड़ैया टेर जोर से,भगा लड़ैया गारे राई,सुना सवैयाघाघ-भड्डरी बन ज...
शेर / द्विपदीमिलाकर हाथ खासों ने, किया है आम को बाहरनहीं लेना न देना ख़ास से, हम आम इन्सां हैंदोहा दुनिया *राजनीति है बेरहम, सगा न कोई गैर कुर्सी जिसके हाथ में, मात्र उसी की खैर *कुर्सी पर काबिज़ हुए, चेन्नम्मा के खास चारों खाने चित हुए, अम्मा जी के दास *दोहा देहरादू...
लेख प्रेम गीत में संगीत चेतनासंजीव*साहित्य और संगीत की स्वतंत्र सत्ता और अस्तित्व असंदिग्ध है किन्तु दोनों के समन्वय और सम्मिलन से अलौकिक सौंदर्य सृष्टि-वृष्टि होती है जो मानव मन को सच्चिदानंद की अनुभूति और सत-शिव-सुन्दर की प्रतीति कराती है. साहित्य जिसमें सबक...
लघुकथा सबक *'तुम कैसे वेलेंटाइन हो जो टॉफी ही नहीं लाये?'''अरे उस दिन लाया तो था, अपने हाथों से खिलाई भी थी. भूल गयीं?'''भूली तो नहीं पर मुझे बचपन में पढ़ा सबक आज भी याद है. तुमने कुछ पढ़ा-लिखा होता तो तुम्हें भी याद होता.'''अच्छा, तो मैं अनपढ़ हूँ क्या?'''मुझे क्या प...
 पोस्ट लेवल : लघुकथा सबक
गीत पसारा पसारा---------------------समा गया है तुममें यह विश्व सारा भरम पाल तुमने पसारा पसारा *जो आया, गया वह बचा है न कोई अजर कौन कहिये?अमर है न कोई जनम बीज ने ही मरण बेल बोई बनाया गया तुमसे यह विश्व सारा भरम पाल तुमने पसारा पसारा * किसे, किस तरह, कब कहाँ पकड़...
 पोस्ट लेवल : गीत पसारा पसारा
सोलह संस्कार १• गर्भाधान पुण्य नक्षत्र में गर्भधारण।२• जातकर्म नार अलग होने के पूर्व।३• पुंसवन - तीन माह पश्चाताप। ४• सीमान्तोनयन - to prevent abortion/prematurity 6-8 month ANC।४• जातकर्म - before cord cutting & bf initiation INC/PNC।५• नामकरण - 11th...
 पोस्ट लेवल : सोलह संस्कार
ॐविश्व वाणी हिंदी संस्थान अभियान जबलपुरhttps://meet.google.com/rsx-mnhd-nmi गूगल मीट पर जीवंत गोष्ठीदिनांक १५ फरवरी सोमवारसमय दोपहर ३ बजे से ५:०० बजे तक।विषय - मेरी दृष्टि में कृष्ण।(श्री कृष्ण / गीता पर मनन-चिंतन, भजन, कविता , लोकगीत, चर्चा आदि)समय...
 पोस्ट लेवल : कृष्ण विमर्श
एक रचना कृष्ण कौन हैं?*कौन बताए कृष्ण कौन हैं?समय साक्षी; स्वयं मौन हैं। कौन बताए कृष्ण कौन हैं?*कृष्ण पीर हैं,दर्द-व्यथा की अकथ कथा हैं।  कष्ट-समुद ही गया मथा हैं। जननि-जनक से दूर हुए थे,विवश पूतना, दुष्ट बकासुर,तृणावर्त, यमलार्ज...
 पोस्ट लेवल : कृष्ण कौन हैं?
आचार्य कृष्णकान्त चतुर्वेदी जी भारतीय मनीषा के श्रेष्ठ प्रतिनिधि, विद्वता के पर्याय, सरलता के सागर, वाग्विदग्धता के शिखर आचार्य कृष्णकांत चतुर्वेदी जी का जन्म १९ दिसंबर १९३७ को हुआ। राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त जी की निम्न पंक्तियाँ आपके व्यक्तित्व पर सटीक...