ब्लॉगसेतु

अगले 5 साल मोदी-2, पूत के पाँव पालने में दिख रहे... जी हाँ, विश्व के सबसे बड़े लोकतान्त्रिक देश भारत के मतदाताओं ने 2019 के आम चुनावों में फैसला दिया है कि नरेंद्र मोदी ही अगले 5 सालों के लिए भारत के प्रधानमंत्री होंगे| पूर्ण बहुमत की सरकार को दोहराने का कारनामा इसक...
भारत में लोकतंत्र का भविष्य देश के उदारवादी तबके के बुद्धिजीवि और प्रगतिशील लोगों के साथ साथ आमजनों का भी बहुत बड़ा तबका है जो भारत में लोकतंत्र के भविष्य को लेकर चिंतित है| लोकतंत्र, जिसे स्वतंत्रता के 67 वर्षों में मात्र कुछ माह को छोड़कर हमारे देश के उदारशील प्रगत...
‘न्याय’ से न्याय की उम्मीद बेमानी नहीं-----पिछले एक दशक के दौरान गरीब और गरीबी दोनों इस कदर सरकार की नीतियों और राजनीति के केंद्र से गायब रहे हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जब कहा कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार आने पर  देश के सबसे गरीब 20 फीसदी परिवार...
ME TO47 जवानों की शहादत तो परम सत्य है, उसके लिए प्रत्येक नागरिक को दुःख है और शोक है| पर,ये कैसे हुआ और कौन दोषी हैं? ये पूछने का अधिकार भी प्रत्येक नागरिक को है| सेना केवल सरकार कि नहीं है कि उसके साथ क्या हो रहा है, वह नागरिक न पूछ सके| सेना देश की है और प्...
ME#TOसेम पित्रोदा अकेला नहीं,पूरे 128 करोड़ में से लाख दो लाख को छोड़कर सभी यही सवाल कर रहे हैं,उन लाख दो लाख में से कुछ अभी यहाँ फुदकेंगे,गाली गलोज करेंगे,सवाल पूछने वालों को राष्ट्र द्रोही और देश द्रोही ठहराएंगे,पर सवाल करना एस देश के प्रत्येक नागरिक का अधिकार है,औ...
बीएसएनएल के कर्मचारी कामचोर नहीं हैं...(यह एक मशहूर कहावत के समान ही है कि नागिन खुद अपने बच्चों को जन्म देने के बाद खा जाती है क्योंकि वह अंधी हो जाती है| सरकारें भी 1991 से अंधी हो गईं हैं और अपने उपक्रमों को खा रहीं हैं|)जब कभी भी कर्मचारियों के, मेरा मतलब शासकी...
माओवादी किसकी मदद कर रहे हैं?दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र के नीलावाया गाँव के नजदीक आज फिर माओवादियों ने पुलिस की पार्टी पर हमला किया| दो पुलिस वालों के साथ वहाँ दूरदर्शन के एक केमरामेन की भी मृत्यु गोली लगने से हुई है| ऐसा बताया गया है कि दूरदर्शन की यह टी...
राहुल गांधी की आजकल कुछ तारीफें हो रही है और कहा जा रहा है कि वे विपक्ष के सशक्त नेता और भावी प्रधानमंत्री के रूप में उभर रहे हैं । उसी सांस में तारीफ़ करने वाले यह भी कहते हैं कि राहुल गांधी देश की किसी बड़ी समस्या के बारे में कुछ नहीं बोलते। उनके पास न तो कोई विचा...
गड़करी जी के बड़े बोलबड़बोलापन कभी कभी स्वयं को ही कितना नुकसान पहुंचा सकता है, इसकी एक मिसाल आज सड़क मंत्री गड़करी जी ने पेश की| प्रणव मुखर्जी के द्वारा आरएसएस के समारोह में शामिल होने के निमंत्रण को स्वीकार करने पर कांग्रेस के द्वारा किये गए विरोध के खिलाफ वे प्रेस का...