ब्लॉगसेतु

उजड़े अरमानों के, ये दीप जलाते रहिये !हर सड़े फूल को, फ़िरदौस बताते रहिये !क्या पता बॉस,कॉरिडोर में ही मिल जाए !आँख नीची रखे,औ दुम को हिलाते रहिये !कौन जाने वे कहीं,घर से लड़ के आये हों !खुद को,हर कष्ट में,हमदर्द दिखाते रहिये !जलने वाले भी तो, शैतान...
एक खतरनाक सा सपना,जो आज रात देखा , ज्यों का त्यों लिपिबद्ध कर दिया  : यह रचना व्यंग्य नहीं है केवल हास्य है , अधिक समझदार लोग, अधिक अर्थ न तलाश करें...बरसों बीते साथ तुम्हारे ,खर्राटों में , सोते, जगते !मोटी तोंद , पसीना टपके ,भाग्य कोसते,पंखा झलतेपता नहीं,फूट...
श्री सुरेश चिपलूनकर(सभी ब्लॉगर इस विवाह में आमंत्रित हैं…) के ब्लाग पर एक विवाह निमंत्रण छपा देखकर मन हुआ कि इसे अपने ब्लाग पर जगह दूँ , सो आपलोगों की नज़र है यह निमंत्रण !शुभ विवाह……… शुभ विवाह………… शुभ विवाह……अमंगलम् गुटखा खाद्यम धूम्रपानं, अमंगलं सर्वव्यसनम्कराग्...
 अगर आपको खुशियों का चरम आनंद, अपने पिता के साथ लेते, एक २५ वर्षीय बच्चे को महसूस करना हो तो खुशदीप सहगल की लिखी यह लघु कथा अवश्य पढ़ें ! यह मेरे जीवन में पढी गयी सबसे सुन्दर और जीवंत घटना है  ! लेखनी और विलक्षण प्रतिभा के धनी खुशदीप जी ने इसे जीवंत...
                          बहुत खतरनाक गैंग है , आप इनकी शक्लों पर न जाइये घर बुलाते हैं ..बड़े प्यार से खाना खिलाते हैं ..और जब आपका मन प्रसन्न हो जाता है तब रसगुल्लों की प्लेट आपक...
अलका जी !सरवत जमाल को दोस्त ही नहीं बनाता तो अच्छा था कम से कम यह तकलीफ तो नहीं होती , निर्मला कपिला जी की बात समझ आयेगी या नहीं मैं नहीं जानता, मगर उन्हें यह जरूर बतलाइयेगा कि इस ब्लाग जगत में लोगों को बहुत याद रखने की आदत नहीं है  ! कुछ दिनों...
अपने किशोरावस्था के दिनों की यादें,  बरसों पहले लिखी इस हास्य रचना के जरिये ताजा हो  जाती हैं , आपको मुस्कराने हेतु नज़र है !सोचता था बचपन से यारबड़ा कर दे जल्दी भगवानमगर अब बीत गए दस सालजवानी बीती जाये यार ,किसी नारी के संग ,सिनेमा जाने का दिल करता...
डॉ अरविन्द मिश्रा का एक चुभता हुआ कमेंट्स मेरा ध्यान उनकी ओर खींच ले गया है  " चलिए आप उदासीन और तटस्थ रहकर इसी तरह बीच बीच में आकर अपनी घोर चिंता व्यक्त करते रहा करिए -ब्लागजगत का जो होना है वह तो हो ही जाएगा "   और मुझे लगा कि जैसे अरविन्द मिश...
होली के अवसर पर हर वर्ष की तरह कुछ मित्रों के घर और परिवार में होली मिलने और खेलने जाता रहा हूँ, जब भी बाहर निकलने की सोचता हूँ तो अक्सर उदासीन होता हूँ, मगर बाहर जवानों की भीगती हुई टोली और जोश देखकर मूड बनते देर नहीं लगती और बाकी कसर चलते हुए...
सबसे पहले अपना मूल्य समझो और मान लो कि तुम सबसे अच्छे ब्लागर हो , इसके बाद एक लिख्खाड को  छांट लो  जो तुम्हारे ब्लाग पर कोई कमेंट्स न देता हो !इस लिक्खाड़ की नवीनतम पोस्ट पर जो कुछ भी लिखा हो उसके विरोध में  एक लम्बी टिप्पणी लिख डालो ,...