ब्लॉगसेतु

धरती को रंगों से भर देंसबके माथे खुशियाँ जड़ देंघोलो अब रंगगुझियों की जो टाल लगाएँसबका मन मीठा करवाएँप्रीत भरा लेकर आलिंगनशिकवे कोसों दूर भगाएँझूम जाएँ सारे हुरियारपीसो अब भंगआम्रकुंज में बौर जो महकागूंज उठे कोयल के रागसमय न देखे उम्र न देखेकिलक उठे रंगीले फागदेखो ब...
 122 122 122 122चले थे कहाँ से कहाँ जा रहे हैंशजर काट कैसी हवा पा रहे हैंन दिन है सुहाना न रातें सुहानीख़बर में कहर हर तरफ़ छा रहे हैंमुहब्बत की बातों को दे दो रवानीन जाने ग़दर गीत क्यों गा रहे हैंहै रंगीन दुनिया सभी को बतानाये सिर फाँसियों पर बहुत आ रहे हैंविरास...
 समय कठिन हैक्या कुंठा या क्या गिलाजो मिलना था वही मिलामन को खुशियों से भर लोसमय कठिन हैकिसने किसको क्या- क्या बोलाशब्द शब्द किसने है तोलामन को अब तो पावन कर लोसमय कठिन हैजिन बन्धु की याद हो आतीउनको झट से लिख दो पातीया फिर डायल नम्बर कर दोसमय कठिन हैयदि बाकी ह...
 पोस्ट लेवल : कविता सभी रचनाएँ
चम्पू काव्य साहित्य की वह विधा है जिसमें गद्य और पद्य, दोनों शामिल रहते है। पद्य भाग में संवाद द्वारा अभिव्यक्ति दी जाती है तथा गद्य भाग में कुछ वर्णन भी रहता है।
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 लघुकथा- लंच बॉक्सदसवीं कक्षा की क्लास लेते हुए अचानक सुधा मैम ने पूछा," बच्चों, यह बताओ कि आज सुबह का नाश्ता किये बगैर कौन कौन आया है।"एक छात्रा ने हाथ उठाया।" क्या घर में कुछ बन नहीं पाया था""बना था, पर उसे छोटी बहन के लंच बॉक्स में मम्मी ने देकर भेजा।"...
 पोस्ट लेवल : लघुकथा
दोहा गीतिकारंग बिरंगे पुष्प हैं, बगिया के आधार।मिलजुल कर मानव रहें, सुन्दर हो संसार।।तरह तरह की बोलियाँ, तरह तरह के लोग।मन सबका है एक सा, सुखद यही है सार।।मंदिर में हैं घण्टियाँ, पड़ता कहीं अजान।धर्म मज़हब कभी कहाँ, बना यहाँ दीवार।।दान पुण्य  से है धनी, अपना भार...
 पोस्ट लेवल : गीतिका छंद दोहा
महिला दिवस के उपलक्ष्य में कर्णेभिः में आज लेकर आई हूँ...आठवाँ वचन|सात वचन तो विवाह वेदी पर दिए जाते...लघुकथा में जानिये कि आठवाँ वचन कौन सा होना चाहिए|
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 https://youtu.be/JtjZsv_lL10कर्णेभिः में मिन्नी मिश्रा जी की लघुकथा