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वक़्त==============ये वक़्त भी क्या शय हैकितना कुछ समेटतीकितना कुछ बिखेरतीजाने कितने वादे किएसपनों की टेकरी मेंजाने क्या क्या इरादे दिएकहीं झंझावात देतीकहीं खुशियों को मात देतीवो मरज़ी रही उसी कीकुछ सुनहरे कुछ रुपहलेमित्रों से मुलाकात देतीइतिहास भी उसी से हैकई राज भी...
 पोस्ट लेवल : कविता सभी रचनाएँ
दोहों का सामान्य शिल्प 13-11 का होता है।आंतरिक शिल्प के आधार पर दोहे 23 प्रकार के होते है।यह है तीसरा प्रकार...छंद विशेषज्ञ नवीन सी चतुर्वेदी जी के दोहे उदाहरणस्वरूप दिए गए हैं।उसी आधार पर मैंने भी कोशिश की है।शरभ दोहा20 गुरु और 8 लघु वर्ण22 2 11 2 12, 22 2 2 212 2...
 पोस्ट लेवल : दोहा छंद छंद दोहा
दोहों के प्रकार पर कार्यशाला 2 - सुभ्रमर दोहादोहों के तेईस प्रकार होते है। वैसे 13-11के शिल्प से दोहों की रचना हो जाती है जिनमें प्रथम और तृतीय चरण का अंत लघु गुरु(12) से तथा द्वितीय और चतुर्थ चरण का अंत गुरु लघु(21) से होता है।दोहे में कुल 48 मात्राएँ होती हैं।आंत...
 पोस्ट लेवल : दोहा छंद छंद दोहा
दोहों के प्रकार पर आज की कार्यशाला 1-भ्रमर दोहादोहों के तेईस प्रकार होते है। वैसे 13-11के शिल्प से दोहों की रचना हो जाती है जिनमें प्रथम और तृतीय चरण का अंत लघु गुरु से तथा द्वितीय और चतुर्थ चरण का अंत गुरु लघु से होता है।कुल 48 मात्राएँ होती हैं।किंतु आंतरिक शिल्प...
 पोस्ट लेवल : दोहा छंद छंद दोहा
कैसा मिला है साथशीतल उष्ण मिल गएजैसे तुम और हमचक्र घूम कर बता रहाकभी खुशी या गमजो पिघला वह ठोस हुआजीवन अनबुझ राजपतझर की लीला बड़ीबजा बसन्त का साजसूर्य बिना वह कुछ नहींचँदा का मन जान रहाकहाँ तपन घट जाएगीसूरज को भी भान रहाएक दूजे बिन हैं अधूरेपर मिलन की राह नहींअवनी अ...
 पोस्ट लेवल : कविता सभी रचनाएँ
"अस्तित्व"दिल की धड़कन बन्द होती सी महसूस हो रही थी। मैंने झटपट मशीन निकाली और कलाई पर लगाया। नब्ज रेट वाकई कम था। "ओह, क्या तुम मुझे कुछ दिनों की मोहलत दे सकती हो प्रिय", मैंने डूबते स्वर में उसका हाथ पकड़ते हुए कहा।"तुम्हारे पास समय की कमी नहीं थी। पर अब ऐसा क्या ह...
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सोरठे - हिन्दी पखवारा विशेष छंदमेरा हिन्दुस्तान, जग में बहुत महान है।हिन्दी इसकी जान, मिठास ही पहचान है।।व्यक्त हुए हैं भाव, देवनागरी में मधुर।होता खास जुड़ाव, कविता जब सज कर मिली।।कोमलता से पूर्ण, अपनी हिन्दी है भली।छोटे बड़े अपूर्ण, ऐसे तो न भेद करे।।होता है व्याया...
गीत जाना जीवन पथ पर चलकरलगता नया नया हर पल हैधरती पर आँखें जब खोलींनया लगा माँ का आलिंगननयी हवा में नयी धूप मेंनये नये रिश्तों का बंधनशुभ्र गगन में श्वेत चन्द्रमालगता बालक सा निश्छल हैनया लगा फूलों का खिलनालगा नया उनका झर जानामौसम की आवाजाही मेंफिर से बगिया का भर ज...
 पोस्ट लेवल : गीत सभी रचनाएँ
सबको राह दिखाने वालेहे सूर्य! तुझको नमननित्य भोर नारंगी धारआसमान पर छा जातेखग मृग दृग को सोहेऐसा रूप दिखा जातेआरती मन्त्र ध्वनि गूँजेतम का हो जाता शमनहर मौसम की बात अलगशरद शीतल और जेठ प्रचंडभिन्न भिन्न हैं ताप तुम्हारेपर सृष्टि में रहे अखंडउज्ज्वलता के घेरे मेंनिरा...
 पोस्ट लेवल : कविता गीत सभी रचनाएँ
सोरठेस्वप्न हुए साकार, जब कर्म की राह चले।गंगा आईं द्वार, उनको भागीरथ मिले ।।1नारी का शृंगार, बिन्दी पायल चूड़ियाँ।पहन स्वप्न का हार, नभ मुठ्ठी में भर चलीं।।2नन्हें नन्हें ख़्वाब, नन्हों के मन में खिले।बोझिल हुए किताब, ज्यों ज्यों वे वजनी हुए।।3लिए हाथ में हाथ, पथिक...
 पोस्ट लेवल : छंद सोरठा