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साहित्य मधु की प्रस्तुति कर्णेभिः- लघुकथा वाचन की रविवारीय शृंखला-१६ (०६/१२/२०२०) लघुकथा- पिघली मोम लेखिका- महिमा श्रीवास्तव वर्मा कथा सौजन्य- शारदेय प्रकाशन द्वारा प्रकाशित लघुकथा संग्रह ‘काफ़िला’ से स्वर, समीक्षा व वाचन –ऋता शेखर ‘मधु’ सम्पर्क सूत्र- madhur.sahit...
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क्षणिकाएँ------------- १.आँधियाँ चलींदो पँखुरी गुलाब कीबिखर गईं टूटकरमन पूरे गुलाब की जगहउन पँखुरियों पर अटका रहा|2रेगिस्तान मेंआँधियों ने मस्ती कीरेत से भर गई थीं आँखेंआँखों पर होने चाहिये थेचश्मे3हवा स्थिर थीजब रौशन किया था एक दीयामचल गई ईर्ष्...
साहित्य मधु की प्रस्तुतिकर्णेभिः- लघुकथा वाचन की रविवारीय शृंखला-१४ (२२/११/२०२०)लघुकथा- नया आसमानलेखिका- गिरिजा कुलश्रेष्ठस्वर, समीक्षा व वाचन –ऋता शेखर ‘मधु’सम्पर्क सूत्र- madhur.sahitya@gmail.comअभी तक प्रकाशित रचनाएँ- १४. एक आसमान-गिरिजा कुलश्रेष्ठ जी-२२/११/२०...
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साहित्य मधु की प्रस्तुति कर्णेभिः- लघुकथा वाचन की रविवारीय शृंखला-13 (15/11/2020) लघुकथा- तथास्तु लेखिका-  कंचन अपराजिता स्वर, समीक्षा व वाचन –ऋता शेखर ‘मधु’ कथा सौजन्य- लघुकथा के परिंदे सम्पर्क सूत्र- madhur.sahitya@gmail.com
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१. कब तक"अरे आभा, इतनी बुझी बुझी क्यों है? अभी सिर्फ महीना भर शादी को हुए हैं। लाइफ एन्जॉय करना चाहिए, पर तेरे चेहरे पर तो।""माला, लड़कियां लाइफ एन्जॉय कब और कैसे करें...शादी के पहले माँ ने सास का नाम ले लेकर डराया। ये करो, वो नहीं करो, नहीं तो सास के उलाहने पड़ेंगे।...
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कर्णेभिः का ग्यारहवाँ अंक प्रकाशितआज की लघुकथा-घरलघुकथाकार- आदरणीया शशि पाधा जीसमीक्षा एवं वाचन- ऋता शेखर 'मधु'
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सभी मित्रों को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ| मेरे इस गीत को फेसबुक के एक बड़े उत्कृष्ट समूह में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है|एकल काव्य पाठ मंच का दशकोत्सव समारोह सम्पन्न -*****^*****^****^****^****^****^****^****^****एकल काव्य-पाठ -एक साहित्यिक मंच द्वारा दस द...
कुछ अच्छा भी=========नीरज को दोस्ती करना अच्छा लगता था। सिर्फ दोस्ती ही नहीं करता , यदा कदा घर में दोस्तों को बुलाकर पार्टियाँ भी दिया करता।उसकी पत्नी जूही सहर्ष पार्टियों का इंतेज़ाम करती। नीरज का दस वर्षीय बेटा रोहन भी अपने पिता के मित्रों के बच्चों का दोस्त बन गय...
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