ब्लॉगसेतु

माँ शारदे की अनुकम्पा से मेरी हाइगा की पुस्तक छप कर आ चुकी है जिसमें हिन्दी-हाइगा ब्लौग पर शामिल ३६ रचनाकारों के हाइगा सम्मिलित हैं| पुस्तक का लोकार्पण उत्कृष्ट हाइकुकार आ० रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' जी के कर कमलों द्वारा फ़ेसबुक पर किया जाएगा| दिन- १८ जून, समय-साय...
 पोस्ट लेवल : 170.लोकार्पण-2013
पूनो की रात आती जबसमंदर क्युँ मचल जाता हैराज़े-दिल बयाँ करने कोवह भी तो उछल जाता हैखामोश चाँद ने कुछ कहाफिर से वह बहल जाता हैकभी बहाने से सैर केलहरों पे निकल जाता हैसुनने प्रेमी दिल की व्यथाकूलों पर टहल आता हैकरुण कहानी मुहब्बत कीसुनकर वह पिघल जाता हैसमेट अश्कों की...
ताँका........विश्व बाल श्रम दिवस पर-१२ जूनबालक रोयाबस्ता चाहिए उसेहै मजबूरदिल किया पत्थरबनाया मजदूर|१|कोमल हाथचुभ गए थे काँचबहना रोईभइया आँसू पोंछेदोनो कचरे बिनें|२|दिल के धनीराजा औ' रंक बच्चेदेख लो फ़र्कएक खरीदे जूतापोलिश करे दूजा|३|गार्गी की बार्बीकमली ललचाई...
यह हरिगीतिका समर्पित है उन वीर जवानों और उनकी परिणीताओं को जो देश की रक्षा के लिए विरह वेदना में तपते हैं...दिल में बसा के प्रेम तेरा, हर घड़ी वह रह तके|लाली अरुण या अस्त की हो, नैन उसके नहिं थके||जब देश की सीमा पुकारे, दूर हो सरहद कहीं|इतना समझ लो प्यार उसका, राह...
५ जून विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है...मत संहार करो वृक्षों काश्मशानी निस्तब्धता छाई हैउभरी दर्द भरी चहचहाहटनन्हें-नन्हें परिंदों की,शायद उजड़ गया था उनका बसेरामनुष्य ने पेड़ जो काट दिए थे|गुजर रही थी लम्बे रास्ते सेगूँजी एक सिसकीनज़रें दौड़ाईं इधर उध...
स्वर्ग अप्सरागुलमोहर चुन्नीओढ़ के आई|१|लाल सितारेहरी चुनरी परलगते प्यारे|२|धरा की गोदकरते अठखेलीस्वर्ग के फूल|३|तपी धरतीलाल अँगार बनागुलमोहर|४|लावण्य भराअँखियों का सुकूनगुलमोहर|५|सर्पीली पत्तीनरम मुलायमअदा दिखाए|६| तपिश भूलाताज़गी से झूमतादेता संदेश|७|रब ने भे...
चैत के महीने में नीम की पत्तियाँ, फूल, फल, छाल आदि का प्रयोग खाने या लगाने के लिए किया जाता है|इससे काफी रोग दूर भाग जाते हैं| यह सबसे अधिक आक्सीजन देने वाला भी पेड़ है अतः इसके नीचे समय बिताने से शरीर में स्फूर्ति बढ़ती है| इसी आधार पर प्रस्तुत है एक गीत...निमिया...
शिव विवाहविवाह की रस्मबदन पर भस्मसिर पर जटाअलबेली छटादहकते भालकमर में छालसर्प का हारबैल पर सवारऐसो सिंगार कियो शिव नेपरछावन को आह्लादित माताजहरीली फुफकार परविस्फरित नयनों से मूर्छित हुई जाती है|बराती बन चलेभूत-बिच्छु-प्रेतकरें गज़ब का शोरअज़ब बोल समेतखड़काते करतालड...
माँ, मैं तेरी बगिया कीकोमल सी इक फूलकली थीमुझको सहलातीमुझको दुलरातीअपने अँगना को तू महकातीमेरी एक हंसी पर तूक्षण क्षण न्योछावर हो जातीमुझको अपने गले लगाकरबिन कहे सब कुछ कह जातीबहुत अकल तब नहीं थी मुझकोपर तेरा अनकहा विस्मित कर जातापकड़ के तेरी ऊँगलीडग डग भरती मैं शा...
श्रमिकों के अधिकारों की पैरवी करता मई दिवसमई माह के पहले दिन अर्थात 1 मई को विश्व के लगभग सभी देशों में मई दिवस या श्रमिक दिवस मनाया जाता है. श्रमिकों के काम के घंटों को कम करने और उन्हें अधिकार दिलाने के लिए अमेरिका में एक मुहिम की शुरूआत हुई. धीरे-धीरे यह मु...
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