ब्लॉगसेतु

जोशीला हर प्रान्त हिन्द का...(आल्हा छंद)हूँक भरो तुम वीर बंकुरो , भरो धनुष में तुम टंकारमातृभूमि पर आँच न आए,करो दुश्मनों का संहारभारत देश जान से प्यारा, भारतवासी की यह शानजाग उठो अब वीर सपूतो, आजादी की रख लो आनऋषियों के यह तपोभूमि है, और वीरों की करमभूमि...
ईश्वर के वरदान से मिले मनुज का रूपबल विवेक अरु बुद्धि से सहते छाया- धूपउर जब निश्छल हो सदा प्रभु आते हैं पासकुछ तो इस संसार में कर जाएँ हम खासहर मौन सिर्फ़ मौन नहीं होतातूफ़ान के पहले की शांति तो नहींचीत्कार भरा हो अंतर्मन में जबखामोशियों की यह भ्रांति तो नहीं.दिखत...
मेरी माँ...अभी तो उसके ही तन का हिस्सा हूँ मैंख्वाबों में मुझसे मिल रही है मेरी माँपा न जाऊँ कहीं अमावस का अंधकारजतन से रुपहली चादर सिल रही है मेरी माँजहाँ भी लूँ श्वास, सुवास ही मिले सदापिटारे में गुलाबौं को गिन रही है मेरी माँशीतल समीर संग हिंडोले पर झुला सकेमधुर...
बारिश का मौसम सुहाना हैपावस ने छेड़ा तराना हैकाँधे सजते झूलते काँवरभजनों में शिव-गुण को गाना हैसुंदर पत्ते बेल के लाओशिवशंकर जी पर चढ़ाना हैसावन में चुनरी हरी लहरीहाथों में लाली रचाना हैबच्चे पन्ने फाड़ते झटपटधारा में किश्ती चलाना हैचूड़ी धानी सी खरीदे वेपरिणीता को...
माँ शारदे की अनुकम्पा से मेरी हाइगा की पुस्तक छप कर आ चुकी है जिसमें हिन्दी-हाइगा ब्लौग पर शामिल ३६ रचनाकारों के हाइगा सम्मिलित हैं| पुस्तक का लोकार्पण उत्कृष्ट हाइकुकार आ० रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' जी के कर कमलों द्वारा फ़ेसबुक पर किया जाएगा| दिन- १८ जून, समय-साय...
 पोस्ट लेवल : 170.लोकार्पण-2013
पूनो की रात आती जबसमंदर क्युँ मचल जाता हैराज़े-दिल बयाँ करने कोवह भी तो उछल जाता हैखामोश चाँद ने कुछ कहाफिर से वह बहल जाता हैकभी बहाने से सैर केलहरों पे निकल जाता हैसुनने प्रेमी दिल की व्यथाकूलों पर टहल आता हैकरुण कहानी मुहब्बत कीसुनकर वह पिघल जाता हैसमेट अश्कों की...
ताँका........विश्व बाल श्रम दिवस पर-१२ जूनबालक रोयाबस्ता चाहिए उसेहै मजबूरदिल किया पत्थरबनाया मजदूर|१|कोमल हाथचुभ गए थे काँचबहना रोईभइया आँसू पोंछेदोनो कचरे बिनें|२|दिल के धनीराजा औ' रंक बच्चेदेख लो फ़र्कएक खरीदे जूतापोलिश करे दूजा|३|गार्गी की बार्बीकमली ललचाई...
यह हरिगीतिका समर्पित है उन वीर जवानों और उनकी परिणीताओं को जो देश की रक्षा के लिए विरह वेदना में तपते हैं...दिल में बसा के प्रेम तेरा, हर घड़ी वह रह तके|लाली अरुण या अस्त की हो, नैन उसके नहिं थके||जब देश की सीमा पुकारे, दूर हो सरहद कहीं|इतना समझ लो प्यार उसका, राह...
५ जून विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है...मत संहार करो वृक्षों काश्मशानी निस्तब्धता छाई हैउभरी दर्द भरी चहचहाहटनन्हें-नन्हें परिंदों की,शायद उजड़ गया था उनका बसेरामनुष्य ने पेड़ जो काट दिए थे|गुजर रही थी लम्बे रास्ते सेगूँजी एक सिसकीनज़रें दौड़ाईं इधर उध...
स्वर्ग अप्सरागुलमोहर चुन्नीओढ़ के आई|१|लाल सितारेहरी चुनरी परलगते प्यारे|२|धरा की गोदकरते अठखेलीस्वर्ग के फूल|३|तपी धरतीलाल अँगार बनागुलमोहर|४|लावण्य भराअँखियों का सुकूनगुलमोहर|५|सर्पीली पत्तीनरम मुलायमअदा दिखाए|६| तपिश भूलाताज़गी से झूमतादेता संदेश|७|रब ने भे...