ब्लॉगसेतु

आज बधइयाँ बजाओ सखी,कान्हा जी घर आये हैं।।हर्षित हैं वसुदेव देवकी,मधुसूदन मुस्काये हैं।।मुदित हुईं यमुना पग छू कर,गोकुल जाते गोपाला।।वहाँ मिलेंगी मात यशोदाप्रभु बनेंगे नन्दलाला।।तोरण द्वारे लगाओ सखी,कान्हा जी घर आये हैं।।दूध बिलोतीं मात जसोदा,मटकी में दधि भरती हैं||...
आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई|झंडा ऊँचा रहे हमारा...विजयी विश्व तिरंगा प्यारा
 पोस्ट लेवल : दिवस You Tube Post
शंकर जी की नगरी आकर, बम लहरी से दिल डोला है | शिव करते उपकार सभी पर, मन उनका बिल्कुल भोला है || निकल जटा से शिव की गंगा, करने आतीं सबको पावन | हर हर गंगे के नारों से , गूँज उठा है फिर से सावन || जटाजूटधारी के तन पर, व्याघ्र चर्म का इक...
वह सिर्फ एक ही हैं जिनमें सभी दिवस समाहित हो रहे...सभी दिवसों के लिए एकमेव शुभकामनाएँ
 पोस्ट लेवल : आध्यात्मिक दिवस
आत्महत्या...क्या स्वयं को खत्म कर लेने वाला ही जिम्मेवार या कोई और भी है जिम्मेवार?आत्महत्या को कायरता कहकर आत्महत्या के कारणों को नज़रअंदाज कर देना बड़ी भूल है| एक होती है शरीर की हत्या जिसके लिए मारने वाले को अपराधी घोषित किया जाता है| उससे भी भयंकर होती है...
 पोस्ट लेवल : आलेख
खुशबुओं की पालकी से शुभ्रता को पा रही है।पुष्प का उपहार पाकर तू बहुत इतरा रही है।ऐ हवा ये तो बता तू अब किधर को जा रही है।।चाहते जिसको सभी वह रूप तेरा है बसंती,झूमती हर इक कली का है बना अनुबंध तुझसे।डालियाँ घूमीं उधर जाने लगी तू जिस दिशा में,मंद शीतल जब हुई तू है बन...
 पोस्ट लेवल : कविता गीत छंद
(हे! अम्बिके जगदम्बिके तुम, विश्व पालनहार हो।)हे! अम्बिके जगदम्बिके तुम, विश्व पालनहार हो।आद्या जया दुर्गा स्वरूपा, शक्ति का आधार हो।*शिव की प्रिया नारायणी, हे!, ताप हर कात्यायिनी।तम की घनेरी रैन बीते, मात बन वरदायिनी।।।भव में भरे हैं आततायी, शूल तुम धारण करो।हुंका...
मन पाखी पिंजर छोड़ चलामन पाखी पिंजर छोड़ चला।तन से भी रिश्ता तोड़ चला ।।जीवन की पटरी टूट गयी ।माया की गठरी छूट गयी ।अब रहा न कोई साथी है,मंजिल पर मटकी फूट गयी।।निष्ठुरता से मुँह मोड़ चला ।मन पाखी पिंजर छोड़ चला ।।जीवन घट डूबा उतराया ।माँझी कोई पार न पाया ।शक्ति थी पँखों...
 पोस्ट लेवल : कविता गीत सभी रचनाएँ
क्या तेरा है क्या मेरा हैदुनिया तो रैन बसेरा हैक्या तेरा है क्या मेरा है|यह घर कुछ दिन का डेरा है|साथ चलेंगे कर्म हमारे,यह पाप-पुण्य का फेरा है||मानवता का साथी बनकर,मिल जाता नया सवेरा है |दुनिया तो रैन बसेरा है ||१दुनिया में हर दीन-दुखी को,गले लगाकर के चलना है|बिन...
 पोस्ट लेवल : कविता गीत सभी रचनाएँ