ब्लॉगसेतु

राशिफलसुबह के पाँच बजे से सुनंदा की दिनचर्या शुरू हो जाती। सबसे पहले बच्चों के मनपसन्द नाश्ते और लंच बनाती। उन्हें पैक करती। उधर बच्चे स्कूल के लिए स्वयं तैयार हो जाते। इतना करते हुए छह बज जाते और पतिदेव सुरेश भी तबतक उठकर चाय की फरमाइश कर देते। सास, ससुर और पति के...
 पोस्ट लेवल : लघुकथा
प्रॉपर्टी"अभी आ रही हो, इतनी रात गए कहाँ थी तुम?""मैं तुम्हारी प्रॉपर्टी नहीं जो तुम मुझपर बन्धन लगाओ""प्रॉपर्टी कैसे नहीं, तुम्हारे पिता ने तुम्हे दान दिया है मुझे। तुम्हारे प्रति जिम्मेदारी है मेरी""अब भूल जाओ, कोर्ट ने धारा 497 हटाते हुए कहा है कि पत्नी पति की प...
 पोस्ट लेवल : लघुकथा
देह का तिलस्म चारों ओर निशा पसरी हुई थी| निशा के स्याह आँचल पर नन्हें नन्हें सितारे जगमग कर उसकी सुन्दरता बढ़ा रहे थे| एक पूरा चाँद मुस्कुराता हुआ निशा के साँवले मुख को अलौकिक सुन्दरता प्रदान कर रहा था| सृष्टि के निर्माता ब्रम्हा जी धरती पर सागर के किनारे एकांत में...
‘हलो, मिस्टर वर्मा, मैने शादी डॉट कॉम पर आपके पुत्र के बारे में पढ़ा| आपको मैं अपनी बेटी की आई डी भेजती हूँ| आप देख लें और पसन्द आए तो हमलोग रिश्ते के बारे में सोच सकते हैं,’ ऊधर से मधुर आवाज में एक महिला बोल रही थीं| ‘जी, बताइए, मैं अपनी ओर से देख ही लेता हूँ क्य...
हे अशोक ! वापस आकरहे अशोक! तुमशोकहरण कहला जाओलूटपाट से सनी नगरियालगती मैली सबकी चदरियानैतिकता का उच्चार करोसद्भावों का संचार करोप्रीत नीर सेहे अशोक! तुमजन जन कोनहला जाओजितने मुँह उतनी ही बातेंसहमा दिन चीखती रातेंमेघ हिचक जाते आने मेंसूखी धरती वीराने मेंहेमपुष्प सेह...
नवरात्र की पूजा पर बैठी नंदिनी ने मोबाइल बजते ही तत्परता से उठाया और बोल पड़ी," हलो, पापा, क्या हुआ है?""बेटा,बहुत बहुत बधाई ! तू बुआ बन गयी, काजल की रस्म के लिए यहाँ आने की तैयारी कर।"" अरे वाह ! आपको भी दादा बनने की बहुत बधाई पापा। भाभी कैसी है और वो दोनों छुटकू क...
 पोस्ट लेवल : लघुकथा
रजनी छंद गीतिकाइस जगत में जो सभी से प्रेम करता हैवह तपिश में चाँदनी बनकर उतरता हैईश से जो भी मिले स्वीकार कर लेनाआसरा के साथ ही विश्वास रहता हैकोंपलें उगती वहीं झरते जहाँ पत्तेरात के ही गर्भ से सूरज निकलता हैहो समर्पण भाव हरसिंगार के जैसादेखना कैसे वहाँ पर प्यार पल...
 पोस्ट लेवल : गीतिका कविता गंज़ल
थेथरसामने नाट्य प्रदर्शन के लिए मंच सजा है| परदा खुलता है|प्रथम दृश्यःएक शिक्षक वर्ग में बैठे हैं| उनके सामने कुछ बच्चे बैठे हैं|‘बच्चों, आज हमलोग कुछ प्रतियोगिताएँ करवाएँगे, आशा है आप सभी अच्छा प्रदर्शन करोगे|’‘जी सर, हम सभी उस प्रतियोगिता में भाग लेना चाहते हैं,’...
बाबला        (कहानी पर आपकी राय बहुमूल्य है...इस विधा पर काम करना ठीक है या नहीं? कमियाँ/खूबियाँ बताएँ, धन्यवाद )बेला की खुशियाँ थामे नहीं थम रही थी| चारो ओर से बधाइयों का ताँता लगा था| मम्मी पापा की इकलौती लाडली का मैट्रिक बोर्ड का परिणाम...
 पोस्ट लेवल : कहानी
जिसने मोर मुकुट किया है धारणउनके चरणों की मैं हूँ पुजारनअपने मुख से दधि लपटाएबाल रूप में कान्हा भाएमात जसोदा लेती बलैंयाँनंद मंद मंद मुस्काएजिसने बैजंती किया है धारणउनके चरणों की मैं हूँ पुजारनगौर वर्ण की राधा प्यारीकृष्ण की सूरत श्यामल न्यारीसदा प्रीत की रीत निभाए...