ब्लॉगसेतु

"ममा, आप पटाख़े ले आये, शाम को दो घण्टे का समय रखा गया है जहाँ सब मिलकर पटाख़े फोड़ेंगे""हाँ बेटा, सब तरह के पटाख़े लायी हूँ। सुतली बम, रॉकेट बम, धरती बम, आलू बम, मल्टीकलर फुलझड़ियां...सब कुछ।""ममा, आप कितने अच्छे हो। लव यू ममा। समय हो रहा पार्क में इकट्ठा होने का। आप त...
 पोस्ट लेवल : लघुकथा
होते हैं दिखते नहीं, होते कई हजार।मन के भीतर के बने, तोरण वाले द्वार।।तोरण वाले द्वार,सहज होकर खुल जाते।मन के जो शालीन, मार्गदर्शक बन आते।कहे ऋता यह बात, व्यंग्य से रिश्ते खोते।हवा गर्म या सर्द, नहीं दिखते पर होते।।===========================नारंगी शुभता रचे, श्वेत...
गीत का प्रयासमौसम की आवाजाही मेंहवा सर्द या हुई गरमशरद चाँदनी शीतल बगियाचमक उठे दुधिया कचनारपुष्पदलों के हिंडोलों परझूल रहे नन्हें तुषारअन्दर बाहर होती साँसेंअहसासों को करें नरमशांत चित्त स्थिर मन प्यालाश्वेत क्षीर पर अमृत वर्षामेवा केसर पिस्ता मिलकरदुग्ध अन्न का...
धातु के बरतनसास और बहू का घर अलग अलग शहरों में था।"मम्मी जी, आपने मलने के लिए सारे बर्तन बाई को दे दिए। बर्तनों पर खरोंच आएगी तो भद्दे दिखेंगे।" बर्तनों का अंबार देखकर सास के घर आई बहु आश्चर्य से बोल पड़ी।"नहीं बहु, तेज रगड़ से ये और भी चमक उठेंगे, धातु के हैं न।""मम...
 पोस्ट लेवल : लघुकथा
राशिफलसुबह के पाँच बजे से सुनंदा की दिनचर्या शुरू हो जाती। सबसे पहले बच्चों के मनपसन्द नाश्ते और लंच बनाती। उन्हें पैक करती। उधर बच्चे स्कूल के लिए स्वयं तैयार हो जाते। इतना करते हुए छह बज जाते और पतिदेव सुरेश भी तबतक उठकर चाय की फरमाइश कर देते। सास, ससुर और पति के...
 पोस्ट लेवल : लघुकथा
प्रॉपर्टी"अभी आ रही हो, इतनी रात गए कहाँ थी तुम?""मैं तुम्हारी प्रॉपर्टी नहीं जो तुम मुझपर बन्धन लगाओ""प्रॉपर्टी कैसे नहीं, तुम्हारे पिता ने तुम्हे दान दिया है मुझे। तुम्हारे प्रति जिम्मेदारी है मेरी""अब भूल जाओ, कोर्ट ने धारा 497 हटाते हुए कहा है कि पत्नी पति की प...
 पोस्ट लेवल : लघुकथा
देह का तिलस्म चारों ओर निशा पसरी हुई थी| निशा के स्याह आँचल पर नन्हें नन्हें सितारे जगमग कर उसकी सुन्दरता बढ़ा रहे थे| एक पूरा चाँद मुस्कुराता हुआ निशा के साँवले मुख को अलौकिक सुन्दरता प्रदान कर रहा था| सृष्टि के निर्माता ब्रम्हा जी धरती पर सागर के किनारे एकांत में...
‘हलो, मिस्टर वर्मा, मैने शादी डॉट कॉम पर आपके पुत्र के बारे में पढ़ा| आपको मैं अपनी बेटी की आई डी भेजती हूँ| आप देख लें और पसन्द आए तो हमलोग रिश्ते के बारे में सोच सकते हैं,’ ऊधर से मधुर आवाज में एक महिला बोल रही थीं| ‘जी, बताइए, मैं अपनी ओर से देख ही लेता हूँ क्य...
हे अशोक ! वापस आकरहे अशोक! तुमशोकहरण कहला जाओलूटपाट से सनी नगरियालगती मैली सबकी चदरियानैतिकता का उच्चार करोसद्भावों का संचार करोप्रीत नीर सेहे अशोक! तुमजन जन कोनहला जाओजितने मुँह उतनी ही बातेंसहमा दिन चीखती रातेंमेघ हिचक जाते आने मेंसूखी धरती वीराने मेंहेमपुष्प सेह...
नवरात्र की पूजा पर बैठी नंदिनी ने मोबाइल बजते ही तत्परता से उठाया और बोल पड़ी," हलो, पापा, क्या हुआ है?""बेटा,बहुत बहुत बधाई ! तू बुआ बन गयी, काजल की रस्म के लिए यहाँ आने की तैयारी कर।"" अरे वाह ! आपको भी दादा बनने की बहुत बधाई पापा। भाभी कैसी है और वो दोनों छुटकू क...
 पोस्ट लेवल : लघुकथा