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रजनी छंद गीतिकाइस जगत में जो सभी से प्रेम करता हैवह तपिश में चाँदनी बनकर उतरता हैईश से जो भी मिले स्वीकार कर लेनाआसरा के साथ ही विश्वास रहता हैकोंपलें उगती वहीं झरते जहाँ पत्तेरात के ही गर्भ से सूरज निकलता हैहो समर्पण भाव हरसिंगार के जैसादेखना कैसे वहाँ पर प्यार पल...
 पोस्ट लेवल : गीतिका कविता गंज़ल
थेथरसामने नाट्य प्रदर्शन के लिए मंच सजा है| परदा खुलता है|प्रथम दृश्यःएक शिक्षक वर्ग में बैठे हैं| उनके सामने कुछ बच्चे बैठे हैं|‘बच्चों, आज हमलोग कुछ प्रतियोगिताएँ करवाएँगे, आशा है आप सभी अच्छा प्रदर्शन करोगे|’‘जी सर, हम सभी उस प्रतियोगिता में भाग लेना चाहते हैं,’...
बाबला        (कहानी पर आपकी राय बहुमूल्य है...इस विधा पर काम करना ठीक है या नहीं? कमियाँ/खूबियाँ बताएँ, धन्यवाद )बेला की खुशियाँ थामे नहीं थम रही थी| चारो ओर से बधाइयों का ताँता लगा था| मम्मी पापा की इकलौती लाडली का मैट्रिक बोर्ड का परिणाम...
 पोस्ट लेवल : कहानी
जिसने मोर मुकुट किया है धारणउनके चरणों की मैं हूँ पुजारनअपने मुख से दधि लपटाएबाल रूप में कान्हा भाएमात जसोदा लेती बलैंयाँनंद मंद मंद मुस्काएजिसने बैजंती किया है धारणउनके चरणों की मैं हूँ पुजारनगौर वर्ण की राधा प्यारीकृष्ण की सूरत श्यामल न्यारीसदा प्रीत की रीत निभाए...
2122 1122 22उल्फतों का वो समंदर होतापास में उसके कोई घर होतादर्द उसके हों और आँसू मेरेप्रेम का ऐसा ही मंजर होतादिल के जज़्बात कलम से बिखरेकाग़ज़ों पर वही अक्षर होतामुस्कुराता रहा जो बारिश मेंदीन में मस्त कलन्दर होतासर्द मौसम या तपन सूरज कीझेलता मैं तो सिकन्दर होता-ऋता
पुरस्कार लगभग चार वर्ष पहले अनीता की नियुक्ति मध्य विद्यालय में हुई थी| जिस दिन वह विद्यालय में योगदान देने गईं , सभी शिक्षक और बच्चे बहुत खुश हुए थे क्योंकि वहाँ गणित के लिए कोई शिक्षक न था| योगदान देने के बाद प्रधानाध्यापिका ने उन्हें बैठने को कहा और बो...
 पोस्ट लेवल : कहानी लघुकथा
मिट्टी वाले खेतरडार ट्वेनटी फोर की साइट पर आसमान में वायुयानों का गमन देखने वाले अधिकारियों के बीच खलबली मच गई| तिरंगे साफे में ये कौन प्रकट हो रहा है| मजबूत नसों वाली दुबली काया किसकी है?किसी आशंका ने सबको डरा दिया| रक्षा मंत्रालय को फोन किया गया| मंत्रालय में फोन...
 पोस्ट लेवल : लघुकथा
बाल-गीतमौसम गर्मी का है आयासूरज छतरी से शरमायागुलमोहर की लाली देखोउसमें तुम खुशहाली देखोतरबूजों की शान निरालीशर्बत बनकर भरती प्यालीपीले पीले आम सुहानेठेलों पर आ गए रिझानेहुई गुलाबी लीची रानीपेटी में भर लाई नानीछुट्टी में तुम पढ़ो कहानीपीकर मीठा नरियल पानीबच्चों मन क...
 पोस्ट लेवल : बाल कविता
आधुनिक कर्जकुछ देर पहले मोबाइल पर कोई मैसेज देखकर सोमेश का चेहरा उतर गया था। उसके पापा से यह छुपा नहीं रह सका। पूछने पर सोमेश ने बताया कि क्रेडिट कार्ड का बिल है। दस दिन पहले की ही तो बात है जब सोमेश का फोन आया था।"अम्मा पापा, गृहप्रवेश के लिए 20 मई का दिन रखा है म...