ब्लॉगसेतु

भीड़-निर्माता “रोहित! इधर आओ, ये देखो, आसमान में अचानक इतने सारे पक्षी उड़ने लगे| सब कितने परेशान दिख रहे न| लगता है किसी ने इनका ठिकाना ही उजाड़ दिया हो| और ये आवाज कैसी आ रही, सुनो तो,” पत्नी प्रिया ने रोहित को बालकनी में बुलाकर कहा| “अरे , ये तो पेड़ पर पेड़ काट...
 पोस्ट लेवल : लघुकथा
मित्रों, एक प्रयास हॉरर कहानियाँ लिखने का...त्रुटियाँ अवशाय बताएँ जिससे आगे सुधार कर सकूँ| अच्छी लगे वह भी बताएँ उत्साहवर्धन हेतु|वह एक रात ( भुतही हवेली पर आधारित) नेहा को अपने गाँव पहुँचने में देर हो गई थी | ट्रेन पाँच घंटे देर थी जिस कारण से जो ट्रेन शाम सात बजे...
 पोस्ट लेवल : कहानी हॉरर कहानी
सेल्फ़ डिपेंडेंट...अर्थात आत्मनिर्भर होना|परावलंबन का संबंध अधिकतर स्त्रियों और सेवक वर्ग से जुड़ा होता है|इस सेल्फ़ डिपेंडेंट की रेंज क्या है, इसे कोरोना काल ने सुस्पष्ट कर दिया है| सेल्फ़ डिपेंडेंट...कब कब ?१.शारीरिक रूप से२.आर्थिक रूप से३.मानसिक रूप से&nbsp...
 पोस्ट लेवल : आलेख सामयिक लॉकडाउन
     आज 14 अप्रैल 2020 को लॉक डाउन के 21 दिन पूरे हो चुके हैं। देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इस भयावह कोरोना काल में हरसम्भव जनता के सम्पर्क में रहे। आज सुबह 10 बजे उन्होंने तीसरी बार जनता को सम्बोधित किया। लॉक डाउन की अवधि 3 मई तक के...
 पोस्ट लेवल : आलेख सामयिक लॉकडाउन
घरों में रहें, ये बताना हैहमें वायरस को हराना हैकहें लोग, है जीव बाहर कानहीं यान से घर बुलाना हैविषाणु खतरनाक हैं देखोउसे तो सभी को मिटाना हैबिना हाथ धोए न छूना तनवहीं पर उसका ठिकाना हैघुसे कंठ में आँख कानों सेइसी रास्ते को छुपाना हैकरे जो ख़ुराफ़ात कोरोनागरम नीर पीक...
पूरे विश्व के लिए अभी बहुत कठिन दौर है| हमारा देश कोरोना वायरस के चपेट में आकर लॉकडाउन में चल रहा है| कोरोना वायरस श्वसन तंत्रिका संबंधी रोग है| यह लाइलाज तो नहीं पर बहुत ही खतरनाक है| इसका संक्रमण इतनी तेजी से फैल रहा कि महामारी का रूप धारण कर चुका है| हर तरह की य...
 पोस्ट लेवल : आलेख
अवतरण दिवस है राम काध्वजा उठी हनुमान कीवाल्मीकि ने कथा कहीजग में भक्तों के मान कीकठिन थे दिन वनवास केसघन खिंची थी लक्षमण रेखासरल सिया न समझ सकीपूर्वनियोजित विधि का लेखायाचक को लौटा न सकीसोच बढ़ी थी स्वाभिमान कीहरी गई सिय लोप हुईबिलख पड़े रघुनंदन भाईजाने कौन दिशा मे...
 पोस्ट लेवल : कविता गीत सभी रचनाएँ
कोरोना- कोई रोड पर ना निकले- लॉकडाउन १ युग बीता सदियाँ बीतीं, इतिहास गवाह है कि जब जब प्रकृति और जीवों पर अत्याचार और भ्रष्टाचार की अति हुई, विधि के विधान ने विनाश की लीला रची और जाने कितनी सभ्यताएँ काल के गर्त में समा गईं| रामायण काल, महाभारत काल, सिंधु घाटी की सभ...
 पोस्ट लेवल : आलेख सामयिक
आशावादी बात लिखोलिखने में क्या जाता हैसुन्दर सेल्फ़ी चेंप दोदिखने में क्या जाता हैगेहूँ की एक घून ही हैपिसने में क्या जाता हैतवा चढ़ी जो रोटियाँसिंकने में क्या जाता हैजमीर जमीर मत करोबिकने में क्या जाता हैबहती है जब गर्म हवातपने में क्या जाता हैअक्षर अक्षर मंजरीछपने...
 पोस्ट लेवल : कविता ग़जल सभी रचनाएँ
ओ मधुरमासआओ ढूँढने चलेंप्यारे बसंत कोपवन सुहानी मन भायीमिली नहीं फूलों की बगियास्वर कोयल के कर्ण बसेछुपी रही खटमिट्ठी अमियायादों के पट खोल सखेले उतार खुशियाँ अनंत कोओ कृष्ण-रासता-थइया करवाओनर्तक बसंत कोमन देहरी पर जा सजीभरी अँजुरी प्रीत रंगोलीमिलन विरह की तान लिएप्...
 पोस्ट लेवल : नवगीत गीत