ब्लॉगसेतु

मन का शैतानझाँका जोमन के अंदरसुन्दर चेहरे वालाशैतान नज़र आयाकब से बैठे होचुप क्यों होबाहर आकर दुनिया कोअपना सुन्दर चेहराक्यों नहीं दिखातेशैतान नेअट्टाहास कियाआँखमटकाते हुए बोलाचुप रह कर भीजो चाहता हूँतुम से करवा लेता हूँबाहर आ जाऊंगातो तुम्हारे चेहरे पर चढ़ाचेहरा उतर...
ज़ख्मों की सीमाएं ज़ख्मों की भीसीमाएं होती होगीदर्द की भीइंतहा होती होगीमुझे तो पता नहींकिसी को पता होतो बता देदर्द से मुक्ति नहीं तोलक्ष्य का तो पताचल ही जाएगाकितना और सहना हैमालूम हो जाएगाचैन कासूरज कब उगेगाआशाओं कोउत्तर मिल जाएगाडा.राजेंद्र तेला,निरंतरदुःख,दर्द,आश...
जीवन एक कहानीहर कहानी मेंकुछ पात्र होते हैंकुछ अच्छे कुछ बुरेकुछ गौण रहते हैंहर कहानी का अंतसुखद दुखदया सम रहता हैजीवन ऐसा ही होता हैघटनाएं,भावनाएंआचार व्यवहार,सोचपात्रों की पूर्ती करते हैंकहानी का अंतसुखद हो या दुखद होआकाश में बैठेकहानी के रचियेता परनिर्भर करता है...
 पोस्ट लेवल : जीवन कहानी book
हर चेहरे के कई अक्स हर अक्स में कई दरारेंहर चेहरे के कई अक्सहर अक्स में कई दरारेंहर दरार मेंखुदगर्ज़ी का इंद्र धनुषदिखने में खूबसूरतकितनी देर भरमाएगाकितनी देर लुभाएगाखुद में इतना डूबा हैकब ग़ुम हो जाएगाखुद चेहरे को पता नहीं© डा.राजेंद्र तेला,निरंतरअक्स,दरार, चेह...
कहने से नहीं करने से होता है कहने से नहींकरने से होता हैसुनने से नहींसमझने से होता हैसोचने से नहींनिर्णय से होता है जिसने जान लियामन में बिठा लियाउसका जीवन सरल होता है डा.राजेंद्र तेला,निरंतरजीवन मन्त्र,जीवन20-05-05-2015Dr.Rajendra Tela"Nirantar" "निरंतर" की कलम से...
 पोस्ट लेवल : जीवन जीवन मन्त्र book
कैसा हृदय तुम्हाराकैसा मन का संसार तुम्हारा================कैसा हृदय तुम्हाराकैसा मन कासंसार तुम्हाराकैसा सोच तुम्हारानिरंतर लोगों कीकमियां ढूंढते होव्यक्तित्व परप्रश्न खड़े करते होस्वयं निष्कर्ष निकालते होस्वयं ही निर्णय करते होमनोभाव से चर्चा करते होकभी लोगों कीअच...
मन के जालेजाले मकड़ी ही नहींमनुष्य भी बनाते हैंमकड़ी के जालों मेंकीड़े उलझ करमकड़ी का भोजनबन जाते हैंमनुष्य के मन में बनेसोच के जालेनिरंतर मनुष्य को हीभोजन बनाते हैंमनुष्यबाहर निकलने काजितना प्रयास करताउतना हीउलझता जाता हैजीवन पर्यन्तछटपटाता रहता है© डा.राजेंद्र तेला,न...
 पोस्ट लेवल : सोच जीवन कुंठा book
वक़्त ही तो बदला हैकभी आँखों मेंहर दिन नया ख्वाब रहता था वक़्त ही तो बदला हैमगर अब आँखों में दर्द का साया रहता है उम्मीदों का चमकता सूरज अब अँधेरे में डूब गया हैमहते फूलों के बीच रहने वाला अब सूखे फूल किताबों में रखता हैउन्हें देख कर बीते वक़्त को याद कर मुस्कारने की...
 पोस्ट लेवल : समय वक़्त दर्द ज़िंदगी book
हँसने पर सवाल खड़े किये गएमेरे हँसने परसवाल खड़े किये गएमेरे रोने परसवाल पूछे गएमेरे अंदाज़ परफिकरे कसे गएमेरी हर बात परतज़किरे होते रहेकितना खुस्किस्मत हूँनफरत से ही सहीहमेशा लोगों केख्यालों में बसा रहामेरे सिवाय उन्हें कभीकोई नज़र ही नहीं आयाडा.राजेंद्र तेला,निरं...
नादान सोचते हैंबजाते हैंघंटे मंदिर मेंदेते हैं अज़ानमस्जिद मेंदूसरों का चैनछीनते हैंखुदा बहरा हैनादान सोचते हैंमिलेगा खुदा उन्हें हीइस ख्याल में जीते हैंदिल में नफरतरखते हैंभूल जाते हैंखुदा को दुआ सेज्यादा कर्म ईमानपसंद हैइंसान से इंसान काप्यार पसंद हैडा.राजेंद्र ते...