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कहने को तो बहुत कुछ कह सकता हूँ कहने को तो बहुत कुछ कह सकता हूँ लम्बी लम्बी बातें कर सकता हूँ आवश्यक हो तो चुप भी रहता हूँ पर उतना ही कहता हूँ सुनने वाला ना झुंझलाए ना समय गँवाए आसानी से समझ जाए © डा.राजेंद्र तेला,निरंतर539-02-09-11-2014संवाद,कहना,सुनना.जीवन,select...
शाश्वत सत्य पूर्णिमा को जन्मे नन्हे पक्षी ने जब हर दिन चन्द्रमा के आकार को घटते देखा घबरा कर माँ से कहने लगा मेरा आकार भी इस तरह घटता रहा तो एक दिन लुप्त हो जाऊंगामाँ ने उसे स्नेह से गले लगायासहलाते हुए समझायाचन्द्रमा का आकर जीवन का शाश्वत सत्य बताता हैअमावस को&nbs...
चाटुकारिता का धर्म आस्था निष्ठा से चाटुकारिता काधर्म निभाना मनुष्य का स्वभाव बन गया हैअपने से सक्षम के क़दमों में लौटना  सम्मान का पैमाना हो गया हैगुण अवगुण को ताक में रख कर  जिससे भी लाभ की आशा  हो स्वार्थ में अब वही भगवान हो गया है © डा.राजेंद्...
स्वप्न और यथार्थ स्वप्न और यथार्थतर्क वितर्क में उलझे थे स्वप्न का तर्क था मनुष्य स्वप्न नहीं देखेगा तो आगे कैसे बढेगाअपने आप मेंसिमट कर रह जाएगा ?यथार्थ ने उत्तर दियाजब स्वप्न पूरा नहीं होता मनुष्य निराशा में व्यथित होता निरंतर असफलता से हताश हो जाता हैस्वप्न मनुष...
पैमाने =====क्यों हम किसी को संदेह का लाभ नहीं देते एक वाक्य एक घटना कोएक हरकत को किसी के व्यक्तित्व का पैमाना बना लेते हैंअपने सोच से उसे अच्छा बुरा समझने लगते हैं त्रुटि हर मनुष्य से होती हैगलत बात हर मुंह से निकलती है जानते हुए भी खुद संदेह का लाभ चाहते हैं...
दुखों से दोस्तीदुखों से दोस्ती नहीं करता तो ज़ुबान को चुप कैसे रख पाता दुनिया के सामने खुद का तमाशा बनाताकिस ना किसी को दोषी बताता  दुःख तो कम नहीं होते एक दुश्मन बढ़ा लेतादुखों की सूची में नया दुःख जोड़ देता© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर534-25-25--10-2014दुःख,मित्र,द...
जो जितना  करीब होता है जो जितना करीब होता है उतना ही बारीकी से हर बात को परखने लगता है बड़ी अच्छाइयाँ भूल कर छोटी बुराइयों में रम जाता है उन्ही को मनुष्य के व्यक्तित्व कासत्य मान लेता हैखुद को साहूकार दुसरे को चोर समझने लगता है संबंधों को ध्वस्त कर देता है © डा...
यूँ तुम्हाराबेवज़ह खौफ खानामुझे समझ नहीं आतागुनाह किया नहींगुनाहगार कहनाभी समझ नहीं आताफैसला करने से पहलेमेरी इल्तजा पर गौर कर लेना मेरी निगाहों से खुद कोइक बार देख लेना दिल तुम्हारा भी नहीं मचलेतो गुनाहगार करार दे देनामुझे जो चाहे सजा दे देना मचल जाए तोपैगाम-ऐ-मोहब...
 पोस्ट लेवल : चाहत selected मोहब्बत शायरी
चेहरा सुन्दर  ह्रदय कठोर थाचेहरा सुन्दरह्रदय कठोर थारंग गोराह्रदय काला थाबुद्धि से कुशाग्र मगर संवेदनहीन थाखूबसूरत गुलदान मेंगुल तो बहुत थेमगर महकताएक भी ना था© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर531-22-22--10-2014संवेदना,संवेदनहीन ,बुद्धि,जीवन,गुणDr.Rajendra Tela"Niranta...
किसी की मानूं ना मानूंकिसी की मानूंना मानूंआईने की हर बातमान लेता हूँचेहरे कीझुर्रियों से ले करचेहरे के दाग तकदिखा देता हैडरता हूँकहीं नाराज हो करदिल में छुपे राजदुनिया को नहीं बता देइसलिए आईने कोसदा खुश रखता हूँउसकी हर बात कोसर झुका करमान लेता हूँ© डा.राजेंद्र तेल...
 पोस्ट लेवल : selected ज़िंदगी आइना