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जमाना बदलता है तो उसकी चाल ढाल भी बदलती है। रंग ढंग भी बदलते हैं। क्या चाल ढाल और रंग ढंग से ही जमाने की पहचान होती है? पूरे तौर पर न होती हो, नब्ज तो पकड़ में आ ही जाती है। बाबू की पहचान हुआ करती थी कमीज, धोती या पाजामा, जूता और टोपी। टटपूंजिया बाबू होगा तो सब्जी...
 पोस्ट लेवल : अंतर्नाद
पिछले दिनों रेडियो चीन से एक बातचीत दो भागों में प्रसारित हुई. बातचीत साहित्‍य, सूचना क्रांति और पाठक पर केंद्रित थी. यह नीचे दिए लिंक पर सुनी जा सकती है. चित्र मुंबई के कालेजी छात्रों के लिए शुरू की गई कविता कहानी प्रतियोगिता समारोह के हैं.बातचीत भाग एक बातची...
 पोस्ट लेवल : बातचीत
पिछले दिनों प्रसिद्ध मलयाली कवि के सच्चिदानंदन का आधुनिक भारतीय कविता पर एक व्‍याख्‍यान सुनने का मौका मिला. मैंने उस व्‍याख्‍यान के प्रमुख बिंदु नोट करने की कोशिश की. कुछ नोट हुए, कुछ छूट गए. फिर भी इन विचार बिंदुओं पर एक सरसरी नज़र डालने से भारतीय कविता की एक तस्‍...
इधर खबर है कि टाइपराइटर बनना बंद हो गया है. हालंकि होमिओपैथी दवा की दुकानों में आज भी दवा का लेवल पोर्टेबल टाइपराइटर पर टाइप कर के शीशी पर चिपकया जाता है.  वे अंग्रेज़ी की मशीनें हैं. हिंदी तो शायद सरकारी  दफ्तरों और कचहरियों में ही टाइप होती रह...
 पोस्ट लेवल : टिप्पणी
आज हिमाचल मित्र का ग्रीष्म अंक आ गया.
 पोस्ट लेवल : हिमाचल मित्र
यह कविता ओम अवस्‍थी  की है. उनकी यह कविता आभार सहित प्रस्‍तुत कर रहा हूं. बी ए में धर्मशाला में और फिर एम फिल में अमृतसर में  उनसे पढ़ने का सौभाग्‍य मिला है. इनकी तरह के बहुत कम अध्‍यापक मिले हैं. आचार विचार से आधुनिक, प्रगत‍िशील, स्‍पष्‍ट, खरे. समकालीन स...
 पोस्ट लेवल : कवि बंधु
सोफिया कालेज के अंग्रेजी और हिंदी विभाग ने मिल कर रहस्‍य काव्‍य और सामाजिक रूपांतरण पर दो दिन की गोष्‍ठी 14 और 15 जनवरी को की. इसमें अकादमिक पर्चों के साथ साथ फिल्‍म, नृत्‍य और संगीत को भी शामिल किया गया. जैसे अक्‍का महादेवी पर डाकुमेंटरी दिखाई गई. आंदेल के पदों पर...
 पोस्ट लेवल : टिप्पणी
विनोद कुमार शुक्‍ल के उपन्‍यासों पर मेरे और सुमनिका के बीच हुआ संवाद पढ़ने के लिए इसी पर क्लिक करें
 पोस्ट लेवल : बातचीत
पिछले साल कवि राजेश जोशी मुंबई आए तो जनवादी लेखक संघ ने मुंबई के एक उपनगर मीरा   रोड में एक गोष्ठी आयोजित की। इसमें राजेश जोशी ने क़रीब घंटाभर अपनी कवितों  का पाठ किया और उसके बाद साथियों ने उनसे बातचीत की। प्रस्तुत है राजेश जोशी से उसी बातचीत क...
पिछले साल कवि राजेश जोशी मुंबई आए तो जनवादी लेखक संघ ने मुंबई के एक उपनगर मीरा रोड में एक गोष्ठी आयोजित की। इसमें राजेश जोशी ने क़रीब घंटाभर अपनी कवितों  का पाठ किया और उसके बाद साथियों ने उनसे बातचीत की। प्रस्तुत है राजेश जोशी से उसी बातचीत के कुछ अंश। पिछली...