ब्लॉगसेतु

क्या कोई सुन सकता हैदेख सकता हैखामोशी के अंदर का शोरमन के अंदर छुपी बैठी वो अलिखित कविता वो मन के कोने में बैठा एक छोटा सा बच्चामहीने भर का हिसाब किताब और उसमे छिपा बचतउस बचत से जाने क्या कुछ न ख़रीद लेने की योजनाएंघर के सारे दिन के काम काज के बीच आसमान के टुकड़े के...
जब कविता शायरी सेमिलती है तो होता है इश्क़जब साहिर अमृता से मिलते हैं तो होता है इश्क़जब भक्त भगवान से मिलते हैं तो होता है इश्क़जब राधा कृष्ण मिलते हैं तो होता है इश्क़ जब तेरे शहर से होकर हवा मुझे छू जाती है तो होता है इश्क़#रेवा#इश्क़
आओ नइन गूंगों की बस्ती में तुम्हारा भी स्वागत है यहां पर सिर्फ रंग चलता हैसफेद, हरा, लाल, भगवाब्लू, काला,पीला यह फतओं औरफरमानों की बस्ती है यहाँ चुप्पी का रिवाज़ हैलुटती है बीच सड़क इज़्ज़तपर सभी चुप होकर रंग मिला कर बैठ जाते हैं शांतकोई इंकलाब पैदा नहीं होतानित नई ल...
उस मकान को देख रहे हैं न उसको घर बनाने का सचक्या पता है आपको ??कितनी बहसकितने आँसूकितने तकरार कितने अरमान कितने रत जगे लगे हैंसारी जिंदगी नौकरी करने वाले कीपसीने से जमा की हुई पूंजी लगी हैबूढ़े बाप का सपना बीवी का अरमान बच्चों का ख़्वाब बहनों का आशीर्वाद लगा हैउ...
तू ही तो पालनहार हैतू ही तो खेवनहार है पर तू है कहाँ सुना है तू कण कण में है बच्चों के मन में है तो फिर उनकी रक्षा क्यों नहीं करता ??ईमानदार निश्छल इंसान की तू सुनता है ऐसा सुना था पर वो खून के आंसू रोते हैं तू उनकी सुनता क्यों नहीं ??सुना है तुझे सिर्फ दिल से याद...
आँखें बहुत कुछ देखती है कहती हैंजो देखती है समझती हैं उससे चहरे के भावबदलते हैंआँखों की भाषाबहुत मुश्किल हैपर गर मन से पढ़ा जाए तोपढ़ना बहुत आसान हैयहाँ मेरे जीवन से जुड़ीतीन परिस्थितियों कावर्णन करना चाहूँगीजो मुझे कभी भूलती नहींदेखी थी मैंने माँ की आँखेंबे...
अमृता का प्यारसदाबहार उसके गले का हार साहिर बस  साहिरउसका चैन उसका गुरूर उसकी आदत उसकी चाहतउसका सुकून उसकी मंज़िलसाहिर बस साहिरउसकी ताकत उसकी हिम्मत उसकी लेखनी उसकी कहानी साहिर बस साहिरउसका दिल उसकी सांसें उसकी जिंदगी उसकी बंदगीउसकी आशिकी उसकी ख़लबलीसाहिर बस स...
कैसे लिखूं कविताक्या लिखूं कीगरीब माएं मजबूरी मेंबेटियों को धन्धे परलगा देती हैं ताकि पेट भरता रहेक्या लिखूं कीकूड़े के ढेर से चुन करसड़ी गली चीज़ें खाते हैंबच्चे ताकि उनकीभूख मिट सकेक्या लिखूं कीफेक दी जाती है बेटियाँपैदा होते हीया कभी कभी पैदाइशीसे पहले गिरा दी...
अपने घर का एहसास कुछ अलग ही होता है ऐसी शांति मन को मिलती हैजिसे शब्दों में बयां करनानामुमकिन हैएक अजीब सा रूहानीसुकून महसूस होता हैहर एक ज़र्रे हर एककोने से प्यार हो जाता हैघर का ईट ईटलगता है हमारे एहसासोंसे जुड़ा हैअपना एक कोना मिलजाता हैजो कोई नहीं...
कभी कभी बसचुप चाप बैठ कर सोचने का मन होता है पर दिमाग उलझनों में उलझा रहता है और कुछ समझ नहीं आता तब ये अक्षर मेरे पास आते हैं और चुप चाप मेरे कंधे पर हाथ रख कर मेरे पास बैठ जातें हैं मैं अपने सारे सवाल सारे ख़याल सारी उलझनें इन अक्षरों के हवाले कर देती हूँजो स्वतः...