ब्लॉगसेतु

इसी  ब्लॉग पर पहले से प्रकाशित रचनाओं के वीडियो बनाने प्रारम्भ किए हैं मैंने। शुरुआत में कुछ कवितायें ही अपलोड करने का विचार था, पर बाद में कुछ महत्वपूर्ण लेख, कुछ मेरे ललित निबंध, कुछ भोजपुरी रचनाएँ अपलोड करने का मन बन गया। एक निष्क्रिय यूट्यूब चैनल में तनिक...
 पोस्ट लेवल : Ramyantar Writings on Love ramyantar channel video YouTube
[message]डायरी के पन्ने ब्लॉग परडायरी लिखने की आदत बचपन से है। नियमित-अनियमित डायरी लिखी जाती रही। यद्यपि इनमें बहुत कुछ व्यक्तिगत है, परन्तु प्रारम्भिक वर्षों की डायरियों के कुछ पन्ने मैंने सहजने के लिए ब्लॉग पर लिख देना श्रेयस्कर समझा, चूँकि ब्लॉग भी एक डायरी ही...
 पोस्ट लेवल : Myself Diary Contemplation
Geetanjali : TagoreThe rain has held back for days and days, my God, in my arid heart. The horizon is fiercely naked-not the thin-nest cover of a soft cloud, not the vaguest hint of a distant cool shower. Send thy angry storm, dark with death,&n...
 पोस्ट लेवल : Tagore's Poetry Translated Works Geetanjali
सुहृद!मत देखो-मेरी शिथिल मंद गति, खारा पानी आँखों का मेरे,देखो-अन्तर प्रवहितउद्दाम सिन्धु की धारऔर हिय-गह्वर का मधु प्यार।मीत!मत उलझो-यह जो उर का पत्र पीतइसमें ही विलसितनव वसंत अभिलषितऔरमत सहमो-देख हठी जड़ प्रस्तरइससे हीउज्ज्वल जीवन जल निःसृत।अनुरागी!मत ठिठको-देख नि...
 पोस्ट लेवल : AajSirhaane Poetry
विलस रहा भर व्योम सोममन तड़प रहा यह देख चांदनीविरह अश्रु छुप जाँय, छुपानाबादल तुम आना ।। 1 ।।झुलस रहा तृण-पातऔर कुम्हलाया-सा मृदु गातधरा दग्ध,संतप्त हृदय की तृषा बुझानाबादल तुम आना।। 2 ।।
 पोस्ट लेवल : AajSirhaane Capsule Poetry
शैलबाला शतक के छन्द पराम्बा के चरणों में अर्पित स्तवक हैं। यह छन्द विगलित अन्तर के ऐकान्तिक उच्छ्वास हैं। इनकी भाव भूमिका अनमिल है, अनगढ़ है, अप्रत्याशित है। भोजपुरी भाषा के इच्छुरस का सोंधा पाक हैं यह छन्द। इस रचना में भोजपुरी की लोच में, नमनीयता में सहज ही ओज-प्रा...
शैलबाला शतक नयनों के नीर से लिखी हुई पाती है। इसकी भाव भूमिका अनमिल है, अनगढ़ है, अप्रत्याशित है। करुणामयी जगत जननी के चरणों में प्रणत निवेदन हैं शैलबाला शतक के यह छन्द! शैलबाला-शतक के प्रारंभिक चौबीस छंद कवित्त शैली में हैं। इन चौबीस कवित्तों में प्रारम्भिक आठ कवित...
शैलबाला शतक नयनों के नीर से लिखी हुई पाती है। इसकी भाव भूमिका अनमिल है, अनगढ़ है, अप्रत्याशित है। करुणामयी जगत जननी के चरणों में प्रणत निवेदन हैं शैलबाला शतक के यह छन्द! शैलबाला-शतक के प्रारंभिक चौबीस छंद कवित्त शैली में हैं। इन चौबीस कवित्तों में प्रारम्भिक आठ कवित...
[एक.]सलीका आ भी जाता सिसक उठताझाड़ कर धूल पन्नों कीपढ़ता कुछ शब्दसुभाषित ढूंढ़ताझंकारता उर-तारराग सुवास गाता रहस-वन मन विचरता।मैं स्वयं पर रीझ तो जाता पर इंतज़ार उसका था।[दो.]साँवली-सी डायरी मेंएक तारीख पर टँका हुआ उजला पन्ना और उसके अक्षरों कोहर दिन सहलाती सिहरती-सी अ...
 पोस्ट लेवल : AajSirhaane Capsule Poetry इंतज़ार Poetry
नज़र में भरकर नज़र कुछ सिमट जाना, भूलना मत।देखना होकर मगन फिर चौंक जाना, भूलना मत।मौज़ खोकर ज़िन्दगी ग़र आ किनारों में फँसेनाव अपनी खींचकर मझधार लाना, भूलना मत।न पाया ढूढ़कर भी दर्द दिल ने बेखबर मेरेउसे अपने सुरीले प्यार का किस्सा सुनाना, भूलना मत।रोशनी गुम है, अँधेरा ख...
 पोस्ट लेवल : AajSirhaane Songs and Ghazals