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"पागल बाबा मंदिर" इस मंदिर में सबकी इच्छा पूरी होती हैं। ये मान्यता हैं कि भगवान खुद अपने भक्त के लिए गवाही देने आए थे।कहते है एक गरीब ब्राह्मण ने एक महाजन से पैसे उधार लिए थे । वो हर महीने थोड़ा थोड़ा पैसा महाजन को चुकाता था जब लास्ट क़िस्त बची तो उसको महाजन क...
 पोस्ट लेवल : पागल बाबा मंदिर
★अकेलापन ★मैं अकेली हूँ ? कल भी थी --आज भी हूँ ?ओर कल भी रहूंगी !!!!दूर निकलना चाहती हूं ---तेरी यादों के खंडहर से ?खुली सांस में जीना चाहती हूँ।रोज - रोज की पीड़ा से मुक्त होना चाहती हूँ।थक गई हूँ तेरी सलीब को ढोते हुए,पिंजर बनकर रह गई हूं।अब मुक्कमल ख...
सावन का आना ...बिजली का कड़कना,बारिश का बरसना,जब तेरी याद के सागर में,मैं डूब जाती हूँ ।तब भूचाल आ जाता है ..तूफान उठता हैं...ओर ???ओर मैं हर साल तेरी यादों का मंथन कर,उनको किनारों पर छोड़ आती हूँ ।फिर आगे बढ़ जाती हूँ ---------लेकिन तुम; अपने किनारे तोड़ कर,मे...
#कर्नाटक-डायरी#मैसूर -यात्रा#श्री रंगपट्टनम#भाग=16#30 मार्च 20183 दिन आराम करके हम शनिवार की सुबह नाश्ता कर के निकल पड़े टीपू सुल्तान की राजधानी--- "श्री रंगपट्टनम"मैसूर से महज 22 किलोमीटर दूर है श्री रंगपट्टन । श्रीरंगपटनम पड़ोसी जिले मांड्या में स्थित...
#कर्नाटक-डायरी#मैसूर -यात्रा#भाग=15#27 मार्च 2018कल हमने शुकावन की यात्रा की थी आज हम मैसूर का फ़ेमस चर्च देखने दोपहर के बाद निकल पड़े ,क्योंकि रात को इसका स्वरूप निखरकर आता हैं परंतु हम रात तक नही रुक सके और शाम को ही लौट आये।मुझे अफसोस हुआ क्योंकि हमको दोपह...
कर्नाटक-डायरी#मैसूर -यात्रा#भाग=14#26 मार्च 2018कुर्ग से आकर हमने 1 दिन आराम किया और दूसरे दिन चल दिये वापस मैसूर की सैर पर..आज दोपहर का खाना खाकर हमने औला -कार मंगवाई ओर हम चल दिये "शुकावन" देखने.मैसूर में ही स्थित हैं शुकावन पार्क।शुकावन यानी शुक वाना :--...
रेलगाड़ी––––––-#रेल गाड़ी रेल गाड़ी छुकछुक छुकछुक छुकछुकबीच वाले स्टेशन बोलेरुक रुक रुक रुक रुक रुक....।। बहुत ही सरल शब्दों में मैंने अपने जीवन की ये उपलब्धि लिखी हैं।बचपन मे रेल शब्द मेरे लिए किसी अचंभे से कम नही था.....उसका एकसाथ भागना, सर से धुंए का नि...
कर्नाटक-डायरी#मैसूर -यात्रा#भाग=13#कुर्ग-यात्रा (अंतिम क़िस्त)#भाग=6#24 मार्च 2018सुबह होटल से निकलकर हमने कुर्ग के किला ओर महल को देखकर अब वापसी की राह पकड़ी ..आगे...कुर्ग का मौसम बड़ा ही सुहावना था ठंडी हवा अभी भी चल रही थी हमने स्वेटर लाद रखे थे लेकिन जैसे...
कर्नाटक-डायरी#मैसूर -यात्रा#भाग=12#कुर्ग-यात्रा#भाग=5#23 मार्च 2018कल बहुत थक गए थे इसलिए खाना खाकर सो गए थे।आज सुबह हमारे उठने से पहले ही नाश्ता आ गया था...आज मसाला डोसा,चटनी,उड़द का वड़ा, आलू के परांठे ,आमलेट ओर केक का पीस आया था।आज काफी हैवी नाश्ता आया था...
कर्नाटक-डायरी#मैसूर -यात्रा#भाग=11#कुर्ग-यात्रा#भाग=4#22मार्च 2018कल स्वर्ण मंदिर और दुबाले घूमकर हम शाम तक कुर्ग पहुंच गए।आज हम तालकावेरी घूमकर अब "राजा की सीट" नामकी जगह चल दिये अब आगे..ताल कावेरी से हम वापस कुर्ग कि ओर चल दिये..शाम के 5 बज रहे थे और...