ब्लॉगसेतु

ख़ुर्शीद 'तलब' | Khursheed 'Talab'जो लिखा था मिटा रहे हैं हम अपना लहज़ा बना रहे हैं हम दार पर फिर कोई अकेला है उससे कह दो कि आ रहे हैं हम शायरी से भला हुआ किसका किसलिए ख़ूँ जला रहे हैं हम दिल से हंसने की अब किसे तौफ़ीक़ होठों से मुस्कुरा रहे हैं हम मुद्दतों बाद धूप निक...
ख़ुर्शीद 'तलब' | Khursheed 'Talab' हमने कुछ कह दिया रवानी में ठन गयी लफ़्ज और मआनी में उसने सर्दियों की दास्ताँ कह दीएक लम्हे की बेज़ुबानी में चाहता है गुलाब से कोई जैसी ख़ुश्बू है रातरानी में हमको चट्टान रास्ता देगी हम अगर आ गये रवानी में शोर लहरों का थम गया आख़िरबह ग...
प्रकाश यादव "निर्भीक" | Prakash Yadav Nirbheek अक्सर ख़यालों में आना आपका अच्छा लगता हैकुछ देर ही सही पर साथ आपका अच्छा लगता हैवो बातें वो मुलाकातें जो रह गई अधूरी अब तलकख्वाबों में ही गुफ़्तगू कर आपसे वो सच्चा लगता हैज़िंदगी के रफ़्तार में मशगूल हो गए हम इस कदरजीवन क...
आबिद रिज़्वी अबरत | Abid Rizvi Abaratवो लड़की याद आती है [x3]वो जो ख्वाबोंं मेंं बसती थी मेरे दिल में उतरती थी वो जो मेरी हंसी मेंं अपनी मुस्कुराहट घोल देती थी जो मैंं दिल मेंं रखता था ज़ुबाँ से बोल देती थी वो जो मुझको हंसाती थी की उसको अ‍च्छा लगता था मेरा दिल खोल के...
फ़रहत शहज़ाद | Farhat Shahzadशाम की फ़िक्र में सहर से गयाफिर न लौटा कोई जो घर से गया जिसने देखा भी आसमान की तरफ़आज बस वो ही बाल-ओ-पर से गयाग़म में तल्ख़ी, न आग ज़ख़्मों मेंज़ायक़ा शे'र के हुनर से गया कट ही जाता है दिन भी शब की तरहजब से इक ख़ाब चश्म-ए-तर से गयामालगजी धुँध, रास...
फ़रहत शहज़ाद | Farhat Shahzad हर साँस में हरचंद महकता हुआ तू है धड़कन का बदन हिज्र के काँटों से लहू हैदिल, गिरती हुई बर्फ़ में, ढलता हुआ सूरज जिस सिम्त भी उठती है नज़र, आलम-ए-हू हैशायद के अभी आस कोई क़त्ल हुई हैरक़्साँ मेरे सीने में किसी ख़ूँ की बू है हर टीस के माथे पे...
जब तन्हाई धड़कन में बसे, दिल दुखता हैदो आँखों में जब आस ढले, दिल दुखता हैजिन राहों पर हमराह मेरे तुम होती थींजब साथ वहाँ सन्नाटा चले, दिल दुखता हैहै वक़्त मुक़र्रर, ठीक, मगर चलते-चलतेगर कोई अचानक थम जाये, दिल दुखता हैहै ख़ौफ़ज़दा कुछ इतना ये उम्मीदों से अब सीने में कोई आ...
 पोस्ट लेवल : फ़रहत शहज़ाद दर्द
यार को मैंने, मुझे यार ने सोने न दिया रातभर ताला-ए-बेदार ने सोने न दिया एक शब बुलबुल-ए-बेताब के जागे न नसीबपहलू-ए-गुल में कभी ख़ार ने सोने न दियादर्द-ए-सरशाम से उस ज़ुल्फ़ के सौदे में रहासुबह तक मुझको शब-ए-तार ने सोने न दिया रातभर कीं दिल-ए-बेताब ने बातें मुझसे रंजो-म...
सरफ़राज़ शाकिरसम्ते-कुहसार क्या है देखो तोआसमाँ झुक रहा है देखो तोबन गयी झील आइने जैसीअक्स उठा हुआ है देखो तोदूर तक नक़्शे-पा ही नक़्शे-पारास्ता हो गया है देखो तोमेरा साया जो साथ था अब तकरात से जा मिला है देखो तोपेड़ सारा बिखर गया लेकिनजूँ का तूँ घोंसला है देखो तोदश्त म...
सरफ़राज़ शाकिरसिवांची गेट, मंगलियान की गली, जोधपुर, राजस्थानपेड़ पर पानी उगायें और देखेंधूप के कपड़े सिलायें और देखेंख़ाली-ख़ाली बादलों को छेड़ें चलकररेत को पट्टी पढ़ायें और देखेंघुप अन्धेरों से करें कुछ तो ठिठोलीरात भर हल्ला मचायें और देखेंदिल करें है हाथ धो लें जाँ से अप...