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महाराष्ट्र के नासिक जिले के त्रयंबकेश्वर के एक पुजारी परिवार में 30 अप्रैल 1870 को एक लड़के का जन्म हुआ। उसके पिता अपने बेटे को संस्कृत पढ़ाकर पंडित बनाना चाहते थे। इस बालक का नाम था धुंडीराज गोविंद फाल्के था। जब उसके पिता की मुंबई (तब बांबे) में नौकरी लगी तो वो अप...
हिंदी फिल्मों में रोमांटिक जोड़ियों की एक लंबी फेहरिश्त है लेकिन उतनी ही लंबी फेहरिश्त रीयल लाइफ रोमांटिक जोड़ियों की भी रही है। उन्नीस सौ पचास के बाद के वर्षों में अगर देखें तो कई ऐसी रोमांटिक जोड़ियां रहीं है जिनके इश्क के किस्से अबतक बॉलीवुड में सुनाई देते हैं।...
यह अनायास नहीं होता है कि भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर अचानक से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कुछ कोलाहल आरंभ हो जाता है। यह भी अनायास नहीं होता है कि हमारे देश के कुछ वैसे कलाकार और लेखक आदि जो अपनी प्रासंगिकता तलाश रहे होते हैं, वो इस कोलाहल में शामिल हो जा...
हिंदी के एक कहानीकार हैं। नाम है उदय प्रकाश। उनकी लंबी कहानी ‘मोहनदास’ को साहित्य अकादमी ने उपन्यास मानते हुए पुरस्कृत किया था। उदय प्रकाश को साहित्य अकादमी पुरस्कार देनेवाली जूरी में अशोक वाजपेयी भी थे। ये वही अशोक वाजपेयी हैं जिनको कभी उदय प्रकाश ने ‘भारत भवन का...
आपके पांव देखे, बहुत हसीन हैं, इन्हें जमीन पर मत उतारिएगा, मैले हो जाएंगे। फिल्म ‘पाकीजा’ ये संवाद बहुधा सुनाई देता है। ये भी सुनने को मिलता है कि ये संवाद अमर हो गया है। दरअसल ये संवाद फिल्म ‘पाकीजा’ की मूल स्क्रिप्ट में नहीं था। जब ये सीन फिल्माया जा रहा था और कै...
गणतंत्र दिवस के पहले रविवार को दिल्ली के सिंघु बॉर्डर गया था, सोचा था कि किसानों के आंदोलन को नजदीक से देखूंगा और समझूंगा। दिनभर वहां बिताया और आंदोलन के अलावा जो एक चीज वहां रेखांकित की, उसका उल्लेख करना आवश्यक है। प्रदर्शन आदि समान्य तरीके से चल रहा था। लोग टेंट...
वेब सीरीज ‘तांडव’ को लेकर पिछले दिनों खूब हंगामा हुआ। केस मुकदमा तक बात पहुंची। वेब सीरीज से जुड़े लोगों से पुलिस ने पूछताछ की। उनके बयान दर्ज हुए। पुलिस की पूछताछ के पहले हो रहे विरोध की वजह से निर्माताओं ने माफी भी मांगी। हर बार की तरह इस बार भी भावनाएं आहत होने...
इक्कीसवीं सदी का दूसरा दशक समाप्त हो गया और अब हम तीसरे दशक में प्रवेश कर चुके हैं। रचनात्मक लेखन में भी इन दो दशकों में कई बदलाव देखने को मिले। कुछ लेखकों ने अपनी कहानियों में या उपन्यासों में नए प्रयोग किए, भाषा के स्तर पर भी और कथ्य के स्तर पर भी। बावजूद इसके हि...
उर्दू के मशहूर शायर और गीतकार कैफी आजमी का हैदराबाद, औरंगाबाद और मुंबई से खास रिश्ता है। उनके जीवन में प्रेम का प्रवेश हैदराबाद में होता है, परवान औरंगबाद में चढ़ता है और अंजाम तक मुंबई में पहुंचता है। किस्सा कुछ यूं है कि हैदराबाद में एक मुशायरा हो रहा था। इस मुशा...
आज विश्व हिंदी दिवस है। इस अवसर पर एक बेहद दिलचस्प किस्सा याद आ रहा है। बात ग्यारह अप्रैल 1941 की है। जबलपुर में सेंट्रल प्रोविंस एंड बेरार स्टूडेंट्स फेडरेशन का एक सांस्कृतिक अधिवेशन होना तय हुआ था। फेडरेशन के सचिव चाहते थे कि इस अधिवेशन का शुभारंभ अभिनेता और निर्...