ब्लॉगसेतु

दिल्ली में अब भी बहुत कम ऐसी जगह हैं जहां साहित्य की हर विधा की पुस्तकें मिलती हों। सामने लॉन हो जहां बैठकर चाय कॉफी का लुत्फ लिया जा सके। कॉफी हाउस की जगह पर पालिका बाजार बनने के बाद मोहन सिंह प्लेस के कॉफी हाउस में साहित्यकारों की बैठकी जमा करती थी। लेकिन एक जगह...
सोशल मीडिया के इस यग में ये बात बहुधा सुनाई देती है कि पहले ब्लॉग ने फिर फेसबुक ने साहित्य का लोकतंत्रीकरण कर दिया। सुनाई तो यह भी देता है कि साहित्यिक पत्रिकाओं उसके संपादकों और आलोचकों के दंभपूर्ण एकाधिकार को फेसबुक आदि ने ध्वस्त कर दिया। इस तरह की कई बातें कही ज...
राजेन्द्र यादव ने कभी उपेन्द्रनाथ अश्क पर लिखा था कि ‘शायद अपनी पीढ़ी में वो ही अकेले ऐसे हैं, जो उम्र और अवस्था की सारी दीवारें तोड़कर नये से नये लेखक से उसी के धरातल पर मिल सकते हैं, उसके कंधे पर हाथ मारकर हंसी मजाक कर सकते हैं और समान मित्र की तरह सलाह दे सकते ह...
अमेरिकी संसद की समितियां दुनियाभर के अलग-अलग देशों की समस्याओं और वहां के हालात पर मंथन करती रहती हैं। मानवाधिकार से लेकर अभिव्यक्ति की आजादी तक पर इन समितियों में विचार होता है। दुनिया के अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि को भी इन समितियों की बैठक में बुलाया जाता है और उ...
उन्नीस सौ नब्बे के आसपास की बात होगी, उन दिनों हिंदी साहित्य जगत में लघु पत्रिकाएं बहुतायत में निकला करती थीं। इनमें से ज्यादातर पत्रिकाएं एक विशेष विचारधारा का पोषण और सवंर्धन करनेवाली होती थीं। कम संख्या में छपनेवाली इन पत्रिकाओं की मांग उस विशेष विचारधारा के अनु...
हिंदी फिल्मों की चर्चा में राजेश खन्ना की सफलता की चर्चा आ ही जाती है और इस बात को रेखांकित किया जाता है कि उनकी लगातार सत्रह फिल्में सुपरहिट रहीं। लेकिन इस बात की चर्चा कम या नहीं के बराबर होती है कि एक सितारा ऐसा भी था जिसने एक के बाद एक अठारह फ्लॉप फिल्में दीं।...
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी के एक कार्यक्रम में गृहमंत्री ने इतिहास लेखन पर बेहद सटीक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ‘इस सभागार में सभी विद्वान बैठे हैं। बालमुकुंद जी भी बैठे हैं जो इतिहास संकलन के लिए प्रयास कर रहे हैं। मेरा सबसे आग्रह है कि भारतीय इतिहास का भ...
फिल्म ‘नमक हलाल’ में स्मिता पाटिल और अमिताभ बच्चन पर फिल्माया गया बारिश-गीत ‘आज रपट जाए तो’ आज भी दर्शकों के जेहन में ताजा है । समांतर फिल्म की संवेदनशील नायिका को इस तरह से बारिश में भीगते हुए सुपरस्टार के साथ गाते देख सिनेमा हॉल के आगे की पंक्ति में बैठनेवालों ने...
1981 में राहुल रवैल के निर्देशन में एक फिल्म आई थी, लव स्टोरी। फिल्म जबरदस्त हिट रही थी। इस फिल्म में अपने जमाने के जुबली कुमार कहे जाने वाले राजेन्द्र कुमार के अभिनेता पुत्र कुमार गौरव को लॉंच किया गया था। उनके साथ नायिका की भूमिका में भी एक लड़की विजयता पंडित को...
कई बार फिल्मों पर उठ रहे विवादों को देखने के बाद लगता है कि ये विवाद आखिरकार हुआ क्यों? इसके पीछे कहीं प्रचार पाने की मंशा तो नहीं है। फिल्म से जब अनुराग कश्यप का नाम जुड़ा हो तो किसी भी तरह के विवाद की उम्मीद की जा सकती है क्योंकि अनुराग इस फन में माहिर हैं। वो कि...