ब्लॉगसेतु

पिछले एक साल में बहुत सारी पुस्तकें इकट्ठा हो गयीं, पढ़ने के लिये, और फिर लिखने के लिये. न बहुत पढ़ पाई, सो लिख भी नहीं पाई. अब एक-एक करके पढ़-लिख रही हूं. रश्मि का कहानी-संग्रह, ’बन्द दरवाज़ों का शहर’ प्रकाशित होते ही ऑर्डर कर दिया था. कुछ कहानियां पढ़ भी ली थीं, लेकिन...
”उत्सवी रंग में रंगा लंदन, इन दिनों पूरी तरह से एशियाई त्यौहारमयी हो जाता है. अपनी-अपनी पहचान और संस्कृति को बचाए रखने के पक्षधर लंदनवासी भारतीयों की श्रद्धा चरम पर नज़र आती है. रस्मो-रिवाज़ को पर्म्परागत तरीक़े से निभाने की इच्छा सर्वोपरि दिखाई देती है. परन्तु, इस सब...
आम जीवन का आइना है: क़र्ज़ा वसूलीगिरिजा कुलश्रेष्ठ..... ये नाम मेरे लिये नया नहीं था. उन्हें जानती थी, उनकी लेखनी के ज़रिये. पहचानती थी, उनकी आवाज़ के ज़रिये लेकिन मुलाक़ात नहीं हुई थी.  तीन साल पहले,अप्रैल के आखिरी दिन थे वे जब हम ग्वालियर गये, एक शादी में. गिरिजा...
 पोस्ट लेवल : समीक्षा कर्ज़ा वसूली
कोच्चि जाने की चार महीने पुरानी प्लानिंग पर उस समय पानी फिरता नज़र आया, जब हमारी ट्रेन लेट पर लेट होती गयी। लगा, कहीं कैंसिल ही न हो जाये! ख़ैर! राम-राम करते, सुबह चार बजे आने वाली ट्रेन शाम साढ़े चार बजे आई। बोगी में घुसे तो शाम को ही रात जैसा नज़ारा दिखाई दिया। हर तर...
मनुष्य स्वभाव से ही घुमक्कड है. आदिमानव भोजन और अपने शिकार की खोज में एक जगह से दूसरी जगह घूमता था. लेकिन इस घूमने ने उसका ऐसा मन मोहा, कि खेती करने की समझ आने के बाद भी उसे एक जगह ठिकाना बना के रहना रास न आया. घूमता ही रहा, इस जंगल से उस जंगल. पुराने राजे-महाराजे...
 पोस्ट लेवल : पर्यटन नई दुनिया
हथेली से बादल को छूने के अरमां...!“क्या हार में, क्या जीत में,किंचित नहीं भयभीत मैं,संघर्ष पथ पर जो मिले,यह भी सही, वह भी सही”“ रसोई में जगह थोड़ी कम है चाची. दो फुट लम्बाई और होती, तब सही होता.” चाय के प्यालों को सिंक के दूसरी ओर सरकाती, प्रेमाबाई ने ज़रा खिन्न अवाज़...
सुबह का समय. मॉर्निंग वॉक से लौटते हुए, रास्ते में ही नया बना जॉगिंग पार्क मिलता है. जब लौटती हूं, तब सामूहिक हंसी सुनायी देती हैं. हा हा हा....हा हा हा....!!! पिछले दिनों इलाहाबाद गयी थी. प्रात: भ्रमण की शौकीन मैं, कम्पनी बाग़ चली गयी. सुबह पांच बजे से यहां लगभग आध...
 पोस्ट लेवल : ठहाके आलेख नई दुनिया
कलमकार पुरस्कारों की घोषणावंदना अवस्थी ‘कहानी’ और ओम नागर ‘कविता’ श्रेणी में प्रथमजयपुर। कलमकार मंच की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कलमकार पुरस्कार प्रतियोगिता में कहानी एवं लघुकथा श्रेणी में प्रथम पुरस्कार सतना, मध्यप्रदेश निवासी वंदना अ...
जिन चीज़ों का इंतज़ार , हम छोड़ देते हैं, अगर अचानक ही वे मिल जाएं तो हमारे लिए सरप्राइज़ गिफ्ट की तरह होती हैं। Sweta Soni की ये पुस्तक समीक्षा भी मेरे लिए गिफ़्ट ही है। खूब स्नेह श्वेता बातों वाली गली------------------हाँ-हाँ,जानती हूँ बहुत देर से आई हू...
वैसे तो महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी "निराला" का जन्म 21 फरवरी को 1896 में पश्चिमी बंगाल के मेदिनीपुर जिले के महिषादल नामक देशी राज्य में हुआ था, लेकिन उस दिन वसंतपंचमी थी. माँ सरस्वती ने प्रकृति का कैसा अनुपम उपहार दिया साहित्य-जगत को. वसंत पंचमी के अवसर पर निराला जी...
 पोस्ट लेवल : वसन्त पंचमी