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हिंदी प्रदेश में रंगमंचीय गतिविधियां भौतिक स्पेस में संचालित होने लगी हैं. गत वर्ष रंगमंच के लिए मुश्किल भरा रहा. तालाबंदी ने प्रदर्शन और पूर्वाभ्यास दोनों ही को प्रभावित किया. भौतिक स्पेस का विकल्प आभासी माध्यम मे तलाशा गया. कुछ निर्देशकों ने ऐसी प्रस्तुतियां तैय...
इलाहाबाद में ‘हमज़मीन’ कहानी की हुई प्रस्तुति की समीक्षा कर रहे है. डॉ. दीना नाथ मौर्य  -मकान संख्या 950/625 मुट्ठीगंज. इस इमारत के खुले बाहरी बरामदे के भीतर लाल पट्टी से घेरा गया एक गोला. उस गोले में किसी उपद्रवी आतंक के साये में तोड़ दी गयी सायकिल, भीड़ की...
सात महीनों तक बंद रहने के बाद मुंबई का पृथ्वी थियेटर 15 नवम्बर को दर्शकों और प्रस्तुतियों के लिए फिर से खुल गया. शुरूआत संगीत की प्रस्तुति से हुई इस बात के उल्लेख के साथ कि डिजिटल माध्यम पर प्रस्तुति की निरंतरता के बावजूद दर्शकों और प्रस्तोता के बीच जीवंत संपर्क का...
 पोस्ट लेवल : Theatre in times of Covid COVID 19
साहित्य और संस्कृति राजनीतिक स्पेस के भीतर स्थित होता है. सियासत के लिए की जाने वाली राजनीति से इसका सीधे जुड़ाव हो सकता है और नहीं भी हो सकता है. और एक तबका यह भी मानता है कि राजनीति से इस क्षेत्र को मुक्त रहना चाहिए. लेकिन गैर-राजनीतिक अवस्थिति की भी अपनी राजनीति...
राजनीतिक लोकतंत्र हमारे समय और संस्कृति का भव्य प्रदर्शनात्मक स्थल है, जिसमें निहित नाटकीयता और लीलाभाव के कारण आस्वाद का दायरा व्यापक होता है. इसकी उपस्थिति हमारे होने को सबसे अधिक प्रभावित करती है जिसके अंतर्गत होने वाली क्रियाओं में उसी तरह का तनाव, द्वंद्व और आ...
प्रयागराज के एक रिहाइशी मोहल्ले में खुले आकाश के नीचे एक घर की छत पर एक शाम कुछ लोग एकत्रित हुए. पिछले मार्च के बाद यह पहला जुटान था जो जीवंत रंगमंचीय प्रस्तुति के लिए था. बैकस्टेज संस्था के निर्देशक प्रवीण शेखर ने अपने पूर्वाभ्यास के स्पेस को ही अपनी इस नयी प्रस्त...
इस ब्लॉग पर रंगमंच के शोधार्थी, छात्र और अध्यापक आते रहते हैं. उनकी सुविधा के लिए नाटक और रंगमंच संबंधी हिंदी और अंग्रेजी की कुछ उपयोगी पुस्तकों की सूची लगाई जा रही है. उम्मीद है इससे आपको लाभ होगा. सुझावों का स्वागत है. इस सूची को अद्यतन भी किया जाएगा. धन्यवाद.&nb...
 पोस्ट लेवल : किताबें Books
भोजपुरी शब्द लिखते ही वेब दुनिया के तमाम सर्च इंजन इस तरह के विकल्प देते हैं कि भोजपुरी से बाहर उसकी छवि जो बनती है वह इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से मेल नहीं खाती. बाजार ने और सांस्कृतिक औद्योगिक उत्पादों ने भोजपुरी से इतर लोगों को ही नहीं बल्कि भोजपुरी भाषियों...
 पोस्ट लेवल : भोजपुरी Bhojpuri
अनलॉक की प्रक्रिया शुरू है लेकिन रंगमंच से अभी अनिश्चितता के बादल नहीं छंटे है. प्रेक्षागृह कब से खुलेंगे, पूर्वाभ्यास और प्रदर्शन कब से शुरू होगा इसकी सम्भावना नहीं दिख रही है. रंगकर्मियों ने अभ्यास और प्रस्तुति की सक्रियता को लाइव के जरिये बनाए रखा है. रंगमंच में...
 पोस्ट लेवल : डिजिटल थियेटर Digital Theatre
 हबीब तनवीर इस एक सितम्बर को सत्तानवे साल के हो गए होते. उन्होंने 1940 के दशक में रंगकर्म शुरू किया था और  08 जून 2009 को जब उन्होंने आखिरी सांस ली उसके कुछ दिनों पहले तक वो रंगमंच में रमे रहे. अपने रंगमंडल नया थियेटर, अपने नाटकों, और अपनी अलहदा रंगभाषा स...