ब्लॉगसेतु

विजय कुमार को टेलीविजन और सिनेमा में अलग अलग तरह की भूमिकाओं में देखा और सराहा गया है लेकिन उनकी वास्तविक भूमि रंगमंच है जहाँ वो अभिनेता, निर्देशक और प्रशिक्षक की भूमिका में सक्रिय है. 'हम बिहार में चुनाव लड़ रहे हैं'  इस  प्रस्तुति को देखना एक अनुभव है....
संजय उपाध्याय का यह लेख रंग प्रसंग के ५२वें अंक में प्रकाशित है, जिसका संपादन वरिष्ठ रंग निर्देशक देवेन्द्र राज अंकुर ने किया है. रंग प्रशिक्षण  पर केंद्रित रंग प्रसंग के दो महत्वपूर्ण अंक प्रकाशित हुए हैं. रंगविमर्श की कोशिश रहेगी कि कुछ सामग्रियां इंटर...
घर देता का घर, कुनी घर देता का... इस संवाद को न जाने कितने अभिनेताओं ने साकार किया लेकिन डॉ. श्रीराम लागू की बात ही कुछ और थी. उन्होंने अपने जीवनकाल में अनेक नाटकों और फिल्मों में छोटी बड़ी भूमिकाएं की लेकिन इस संवाद  और भूमिका से जुड़ी उनकी छवि अमिट...
इस वर्ष की शुरुआत में दिल्ली विश्वविद्यालय के एआरएसडी कॉलेज में एक नाट्य समारोह के लिए नुक्कड़ नाटकों की प्रतियोगिता के लिए हो रही स्क्रीनिंग के दौरान मौजूद था इसमें लगभग 40 कॉलेजों की टीम ने प्रतिभाग किया था। नुक्कड़ नाटक में अपनाई जाने वाली और लगभग क्लीशे बन...
एनएसडी में डिप्लोमा प्रस्तुति करने के लिए हरिशंकर रवि विषय और नाटक की तलाश में थे. शोध और अध्ययन के बाद उन्होंने अपने सहपाठी पल्लव सिंह के साथ तय किया कि वो अपनी डिप्लोमा प्रस्तुति के लिए नया नाटक लिखवाएंगे और पल्लव ने इस प्रक्रिया में ‘ख्वाइश गली’ लिखा....
 पोस्ट लेवल : हिंदी नाटक
शुभनीत कौशिक इतिहास के अध्येता हैं और अध्यापक भी. अध्ययन और शोध के क्रम में अपने द्वारा पढ़ी गई किताबों के बारे में वो अक्सर लिखते हैं ताकि व्यापक समाज उस किताब के महत्व से अवगत हो जाए. उनका शोध लेख महत्वपूर्ण जर्नलों में प्रकाशित हैं और वो अनुवादक भ...
भारत रंग महोत्सव 2020 अर्थात भारंगम 2020 में होने वाले चयनित नाटकों की सूची आ गई है। जब भी कोई सूची आती है तो उससे असन्तोष भी होता है कोई भी सूची सबको सन्तुष्ट नहीं कर सकती। लेकिन जब से सूची आई है तब से निरन्तर विवाद हो रहा है खासकर हिंदी रंगमंच में। सवाल...
 पोस्ट लेवल : भारंगम रानावि NSD BRM
रामकथा की व्याप्ति की तरह उसके प्रदर्शन परंपरा के अलग अलग रूपों की व्याप्ति भी रही है और जिसकी वैश्विक उपस्थिति है. रामकथा को श्रोता- दर्शकों के बीच पेश करने की परंपरा के चार पक्ष रहे हैं मौखिक, साहित्यिक, प्रदर्शन और रूपांकन. इन चारों परंपराओं में मौखिक और प...
 पोस्ट लेवल : Ramleela रामलीला folk arts
दीनानाथ मौर्य, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में सहायक प्राध्यापक हैं. नाटक और रंगमंच के साथ शिक्षाशास्त्र इनकी विशेषज्ञता और रूचि का क्षेत्र है. 'यूनिवर्सिटी थियेटर' इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा बनाया गया समूह है जो अभी एक साल क...
'हत्या एक आकार की' ललित सहगल द्वारा लिखित नाटक है जो अब मुश्किल से उपलब्ध है। एम. के. रैना ने इस नाटक को निर्देशित कर इसे पुनर्जीवित किया है। एम. के. रैना निर्देशित प्रस्तुति को देखने का मौका इलाहाबाद में मिला। नाटक गांधी जी के सिद्धांतों और कार्यकलाप की बुनि...