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अर्थ घनत्व की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं "जोगिनी गंध" के हाइकु - डॉ. शैलेष गुप्त 'वीर'वर्तमान युग परिवर्तन का युग है और परिवर्तन की यह प्रक्रिया जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में है। साहित्य भी इससे अछूता नहीं है। मुझे यह कहने में कोई हिचक नहीं है कि बदलते परिवेश में...
चला बटोही कौन दिशा मेंपथ है यह अनजाना जीवन है दो दिन का मेलाकुछ खोना कुछ पानातारीखों पर लिखा गया हैकर्मों का सब लेखापैरों के छालों को रिसते कब किसने देखाभूल भुलैया की नगरी मेंडूब गया मस्तानाजीवन है दो दिन का मेलाकुछ खोना कुछ पानामृगतृष्णा के गहरे बादलहर पथ पर छितरा...
१ नज्म के बहानेयाद की सिमटी हुई यह गठरियाँ खोल कर हम दिवाने हो गए रूह भटकी कफ़िलों में इस तरह नज्म गाने के बहाने हो गए। बंद पलकों में छुपाया अश्क को सुर्ख अधरों पर थिरकती चांदनी प्रीत ने भीगी दुशाला ओढ़कर फिर जलाई बंद हिय में अलगनी इश्क के ठहरे उजाले पाश में धार स...
 पोस्ट लेवल : नवगीत गीत प्रेम
आपकी असीम शुभकामना व ईश्वर की कृपा से हाइकु संग्रह जोगनी गंध प्रकाशित हो गया है , यह आपके समक्ष .जोगनी गंध से मन की बात -- एक अंश किताब से --
 पोस्ट लेवल : पुस्तक - जोगनी गंध
-- मुहावरों का मुक्तांगन एक अरण्य काल(एक अध्ययन)मुहावरे और नवगीत का उदगम स्थल  एक ही है - वह है जन चेतना।  नवगीत में जनचेतना का जो पैनापन है उसे मुहावरों के द्वारा ही सघनता से व्यक्त किया जा सकता है।आदरणीय निर्मल शुक्ल जी का संग्रह एक और अरण्य काल, लगभग स...
 पोस्ट लेवल : पुस्तक समीक्षा
हिंदी साहित्य के वरिष्ठ साहित्यकार राजकुमार जैन राजन से मेरा व्यक्तिगत परिचय नही हैं.   उनकी किताब पेड लगाअो से उन्हें जानने का मौका मिला. उनकी बाल रचनाअों व उनके काव्य की अभिव्यक्ति ने एक ही बार मे किताब पढने के लिए आग्रहित किया. अपनी बात कहने में कवि सक्षम ह...
 पोस्ट लेवल : पुस्तक समीक्षा
"धूप लिखेंगे छाँव लिखेंगे " आ. रविन्द्र उपाध्याय जी के गीत - गजलों का  संग्रह है, प्रथम  खंड में  गीत  व द्वितीय  खंड में गजलों का अतिविशिष्ट  संकलन है।  प्रथम गीत  खंड म...
 पोस्ट लेवल : पुस्तक समीक्षा