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संयोगवश बाॅलीवुड के गुरूदत्त और संजीव कुमार का जन्मदिन की एक ही तारीख है 9 जुलाई। दोनों अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृृष्ट कलाकार थे। संजीव कुमार का संवाद शैली, अभिनय, मुस्कुराहट दर्शकों के दिल में हमेशा रहेंगे और ये भी सच है कि गुरूदत्त के जाने के बाद कई फिल्मों के न...
 पोस्ट लेवल : अतिथि कलम
खुमान साव किसी व्यक्ति का नही वस्तुतः छत्तीसगढ़ी संगीत का नाम है। खुमान साव छत्तीसगढ़ी संगीत की आत्मा भी है और देह भी। खुमान साव के संगीत के पहले हम इस अंचल के खेत-खलिहानों, तीज-त्यौहारों, उत्सव और अन्यान्घ्य अवसरों पर जो सुनते थे, वे सर्वथा पारंपरिक थे और रचनात्मक स...
 पोस्ट लेवल : अतिथि कलम
पिछले दिनों फेसबुक पर स्व. खुमान साव जी की यादों को एक चित्र के माध्यम से संजोकर पोस्ट किया था जिसे लोक-संगीत के प्रेमियों ने काफी सराहा. उसी पोस्ट को और विस्तृत करने का प्रयास है यह लेख. पहले राजघाट वाली उसी पोस्ट को यहाँ उदधृत कर रहा हूँ. राजघाट {बापू की समाधि) द...
 पोस्ट लेवल : अतिथि कलम
कल दिनांक 26 मई 2018 को छत्तीसगढ़ की सबसे प्राचीन साहित्यिक संस्था "दुर्ग जिला हिन्दी साहित्य समिति" के बैनर तले रायपुर के वृन्दावन सभा कक्ष में श्री बलदाऊ राम साहू की बाल साहित्य पर चार कृतियों का विमोचन सानन्द सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि श्री केशरी लाल वर्मा (कुलपति,...
दुर्ग ग्रामीण के रूप में उस समय दुर्ग से लगे ग्राम कुथरैल विधानसभा सीट था। दूसरे चुनाव में यह सीट भिलाई के रूप में परिसीमित हुआ था। उस समय के इस दुर्ग ग्रामीण सीट में कांग्रेस के मोहनलाल बाकलीवाल, समाजवादी पार्टी के दाउ त्रिलोचन सिंह, राम राज्य परिषद के लाल दशरथ सि...
छत्तीसगढ़ की प्रदर्शनकारी लोककला "पंडवानी" के इतिहास पर इतना कहा जाता है कि यह "भजनहा" से आरंभ होकर नारायणलाल वर्मा, झाड़ूराम देवांगन, पद्मश्री पूनाराम निषाद और पद्मविभूषण तीजनबाई तक सफर करते हुए वर्तमान "पंडवानी" के रूप में स्थापित हुई।(adsbygoogle = window.adsbygoo...
1952 के पहले आम चुनाव में दुर्ग विधानसभा में रोमांचक मुकाबला था। तब सीपी एंड बरार के स्पीकर घनश्याम सिंह गुप्त कांग्रेसी उम्मीदवार थे। जन संघ ने डॉक्टर डब्लू. डब्लू. पाटणकर को खड़ा किया था। अन्य प्रमुख उम्मीदवार डॉक्टर जमुना प्रसाद दीक्षित जो निर्दलीय उम्मीदवार के...
दुर्ग के पहले सांसद वासुदेव श्रीधर किरोलीकर सतारा महाराष्ट्र के पास मसूर गांव में जन्मे किरोलीकर के पिताजी राजकुमार कॉलेज रायपुर में शिक्षक थे। इन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा रायपुर और कॉलेज की शिक्षा नागपुर फिर इलाहाबाद से प्राप्त की। कानून की डिग्री प्राप्त कर इन्हो...
विगत बीस वर्षो से भगत सिंह के शहादत दिवस पर दुर्ग की गुरूसिंह सभा व्‍याख्‍यान और कवि सम्‍मेलन आयोजित करते आ रही है। इस वर्ष भी 23 मार्च को यह कार्यक्रम संध्‍या 7.30 बजे आयोजित था। इस वर्ष भगत सिंह पर वक्‍तव्‍य देने छत्‍तीसगढ़ के महाधिवक्‍ता श्री कनक तिवारी जी आने व...
पराधीन देश मे स्वतंत्रता और अपने स्वयं के संविधान के लिए आकुल जनता की आवाज को बुलंद करते हुए जनवरी 1938 में पं.नेहरू नें कहा था कि राष्‍ट्रीय कांग्रेस का लक्ष्‍य स्‍वतंत्रता और लोकतांत्रिक राज्‍य की स्‍थापना है। उसकी मांग है कि स्‍वतंत्र भारत का संविधान वयस्‍क मताध...