ब्लॉगसेतु

संस्मरण/ गोविन्द सिंह28 सितम्बर, 2015 को हिन्दी के अत्यंत सर्जनशील कवि और पत्रकार वीरेन डंगवाल का निधन हुआ. उसके कुछ ही दिन बाद ‘आधारशिला’ के लिए यह संस्मरण-लेख लिखा गया था जो कि अब जाकर छप पाया है. यहाँ इसे पुनर्प्रकाशित किया जा रहा है, 'आधारशिला' से साभार:  ...
 पोस्ट लेवल : Viren Dangwal Hindi Poet Amar Ujala Memoir
तीर्थ/ गोविन्द सिंहउमा-महेश का प्राचीन शिव मंदिर आज कुछ जल्दी घर आ गया. शाम को रोज की तरह टहलने का मन हुआ. श्रीमती बोलीं, क्यों न आज गाड़ी में कुछ आगे तक चलें, बाद में बाजार भी हो आयेंगे. कई दिनों से हम शाम को टहलते हुए एक नए रास्ते पर चलने की सोच रहे थे, जो अप...
 पोस्ट लेवल : Tourism Devika Purmandal Jammu Travellogue Teerth
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।30 मई को हर साल हिंदी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन 1826 को पंडित युगल किशोर शुक्ल ने पहला हिंदी अखबार ‘उदंड मार्तण्ड’ का प्रकाशन किया था। पत्रकारिता उस स्वर्णिम दौर के इतिहास को अपने गर्भ में छुपाए हुए आधुनिक पत...
मीडिया कानून/ गोविन्द सिंहदेश की सर्वोच्च अदालत ने आपराधिक मानहानि क़ानून को बरकरार रख कर जहां एक तरफ बड़बोले नेताओं को किसी के भी खिलाफ निराधार आरोप लगाने से हतोत्साहित किया है, वहीं अभिव्यक्ति की आजादी के पैरोकारों को भी निराश किया है. हालांकि दोनों के सन्दर्भ और म...
 पोस्ट लेवल : Media Defamation law
Uttarakhand/ Govind SinghThe Tribune, February 10, 2016Uttarakhand has suffered at the hands of its own political leadership. Neglect by successive governments and migration have caused enormous damage to the fortunes of the state. The economic condition of the hou...
 पोस्ट लेवल : uttarakhand Migration Hito Pahad
संस्मरण/ गोविन्द सिंह तीस तारीख की सुबह देहरादून में था. कोई दस बजे होंगे. दून विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में एक बैठक में जाने को तैयार हो ही रहा था कि तभी शिमला से अपने बालसखा डॉ. रजनी कांत पाण्डेय का फ़ोन आया. स्क्रीन पर उसका नाम देख दिल की धड़कन कुछ तेज ह...
राजनीति/ गोविन्द सिंहजवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय की घटना ने देश की शिक्षा व्यवस्था के सामने एक बड़ा प्रश्नचिह्न यह लगा दिया है कि विश्वविद्यालयों का राजनीतिकरण कहाँ तक उचित है? छात्रों को किस हद तक राजनीति का पाठ पढ़ाया जाना चाहिए? जैसा कि जेएनयू के साथ हुआ, क...
 पोस्ट लेवल : Student Politics Campus Politics JNU
उत्तराखंड/ गोविन्द सिंहपृथक उत्तराखंड राज्य के लिए जब आन्दोलन चल रहा था, तब अक्सर हम कहा करते थे कि उत्तराखंड के लोग देश के तमाम उच्च पदों पर हैं. वे वैज्ञानिक हैं, अर्थशास्त्री हैं, समाज शास्त्री हैं, टॉप ब्यूरोक्रेट हैं, रक्षा सेनाओं के शीर्ष पर तैनात हैं. र...
 पोस्ट लेवल : Planning uttarakhand
उत्तराखंड/ गोविन्द सिंहस्मार्ट शहरों की पहली सूची में देहरादून को स्थान न मिल पाने की वजह से भलेही सरकार दुखी हो, लेकिन इससे एक सबक यह मिला है कि हमारे नीति-नियोजकों को प्रदेश के शहरी-नियोजन पर पुनर्विचार करने का मौक़ा मिला है. देहरादून के निकट 350 एकड़ में स्मार्ट श...
 पोस्ट लेवल : uttarakhand villages uttarakhand Migration