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आपने बहुत से साधु-संन्यासियों को रुद्राक्ष की माला पहने हुए देखा होगा। रुद्राक्ष धारण करने से कई तरह के लाभ होते हैं। जीवन में नकारात्मक ऊर्जा नहीं आ पाती और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। रुद्राक्ष धारण से जीवन के हरप्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है। आइए सर्व...
इस प्रसंग में आने से पहले यह जान लेते हैं कि स्वयं भ्राता लक्ष्मण को भी पता नहीं चला कि उनके बड़े भ्राता ने क्या चरित्र रचा है।  इस बारे में पूज्यपाद गोस्वामी तुलसी दास जी ने रामचरित मानस में लिखा है।लक्ष्मणहुँ यह मरम ना जाना । जा कुछ चरित रचा भगवाना ।।सीता के...
आपने अपने घरों में देवताओं या संतों के चित्र के सिर के इर्द गिर्द एक चमकदार वलय या घेरा अवश्य देखा होगा। यह चमकदार घेरा ही आभामंडल कहलाता है। अंग्रेजी में इसे औरा कहते हैं।सूर्य व चंद्रमा के चारों ओर एक प्रकाश का वृत्त या घेरा हमको अक्सर दिखाई देता है। इस प्रकाश चक...
ॐ ऐसा चमत्कारिक शब्द है जिसका नियम और श्रद्धापूर्वक किया गया जाप  सारे कष्ट दूर कर सकता है। अगर निरंतर इसका जाप किया जाये तो इससे आपका जीवन भी बदल सकता है। ऊं अक्षरका अर्थ है जिसका कभी क्षरण अर्थात क्षय ना हो। अ उ और म से मिल कर बने ॐ को साक्षात ब्रह्म का रूप...
आप सबके मन में अक्सर कई बार यह प्रश्न उठता होगा कि कौन था विश्व का पहला मानव। हमारी मानव जाति किसकी संतान है। हिंदुओं में आम धारणा मान्यता यह है कि स्वयंभुव मनु संसार के प्रथम पुरुष थे। यह भी माना जाता है कि मनु ही मानवों के पूर्वज हैं और उनके नाम पर ही मानव का नाम...
लंकापति रावण त्रिकूट नामक पर्वत पर स्थित लंका नगरी में रहता था। उसने तपस्या कर ब्रह्मा जी को प्रसन्न कर लिया था। जब ब्रह्मा जी ने उससे वरदान मांगने के लिए कहा तो रावण ने कहा- वानर और मनुष्य के अलावा किसी अन्य के हाथों मेरी मृत्यु न हो। इसलिए उसने मनुष्यों और वानरों...
यदि राम को वनवास दिये जाने के कारण के मूल में जायें तो हम पायेंगे कि इसके लिए ना कैकेयी दोषी थी ना राजा दशरथ। इसके लिए अगर कोई दोषी था तो वह थी मंथरा जिसने सारा प्रपंच रच कर कैकेयी से वह करवा लिया जो शायद वह कभी नहीं करती क्योंकि राम उन्हें भी प्राणों से प्यारे थे।...
रावण की लंका की भव्यता देखते बनती थी। कहा यह जाता है कि लंका रावण ने कुबेर से छीनी थी लेकिन यहां का भव्य महल पार्वती जी ने बनवाया था जिसे रावण के पिता ऋषि विश्रश्रवा ने छल से दान में ले लिया था। कहते हैं इससे कुपित पार्वती ने उनको श्राप दिया था कि जिस सोने की लंका...
अगर हम आपसे यह कहेंगे कि भगवान भी बीमार पड़ते हैं, तो शायद यह बात आपको अविश्वसनीय लगे लेकिन यह सच है कि भगवान भी बीमार पड़ते हैं वह भी पूरे पंद्रह दिन के लिए। हां पुरी के जगन्नाथ मंदिर में विद्यमान प्रभु जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा के विग्रह 15 दिनों तक अस्वस्थ रहते...
अगर हम आपसे यह कहें कि एक ऐसा पर्वत है जहां आज भी प्रतिदिन शिव संगीत साधना करते हैं तो संभवत: आप विश्वास नहीं करेंगे। आप विश्वास करें या ना करें पर स्थानीय लोगों और उस पर्वत पर स्थित शिव मंदिर के पुजारी का तो यही दावा है। हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड...