ब्लॉगसेतु

जब कोई पूछता है कहाँ गए वो.....? (1 के बाद 1 फिर भी मैं 1)राह में पत्थर है मगर मालूम है मेरा बहना उसेमैं नदी की तरह हूँ और मुझे रहना है वैसेहौसलों को जगाकर बड़ी दूर तक चला आयाराह में मिलने वाले रोड़ों को छोड़ आयाथीं मुसीबतें बहुत जब रोकने की वजह बन गए वोलेकिन बढ़ने के...
मैं तुमको बेवफा क्यों नहीं कहताक्योंकि मैं मुहब्बत के सिवा कुछ नहीं चाहता-प्रभात
नदी, चांद, सितारे सब जुदा हो गएमैं चमकता रहा सनम तुम्हारे प्यार मेंमुझमे दिखता रहा अक्स किसी और कामेरे लिए वो पागल थी और मैं सनम के प्यार मेंउसे छोड़ दिया मैंने जो मुझे चाहती बहुत थीमुझे छोड़ दिया किसी ने अपने सनम के प्यार मेंये जो जुदाई का आलम है वर्षों बाद अबमैं हो...
होली का प्यारा लम्हा और तुम्हें ढेर सारा प्यार...............एक आरजू आज भी जिंदा हैहो वक़्त खूबसूरत इतना कि हम निकल पड़ें तुम्हारे करीब से बहुततुम छू न सको बस मुस्कुरा दो, लगे कि हम जिंदा हैंएक आरजू...तुम्हारी शरारतों से ज्यादा मोहब्बत कर ली थी मैंने शायदइसलिये तुम ज...
ये वेदना असीम भावों की आज कविता बन कर कुरेद रही है...मन हुआ व्यथित अब आसमान में उड़ने को करता हैकभी हवा में उड़ने का तो कभी समुद्र में बहने का करता है आतंकी करतूते हों या पुलिसिया कुप्रबंधन होएक-एक करके सबसे लड़ने का मन करता हैबहुत हुआ कुप्रचार नेताओं का, ताना बा...
जमाने की उलझनों में गीत नए गाए जाएंबसंत को बसंत समझ प्रीत नए लाए जाएंसेमलों का बाग हो या आम के बौर से नजदीकियाँहरे/भरे घास के पत्तों से भी धूल हटाए जाएंमोहब्बतों में आसमां ही हो ऊपर ये जरूरी नहींजमीन पर हों जो करीब उनपर प्रेम जताए जाएं-प्रभात
कुम्भ मेले में माइक लिए सरपट चला जा रहा था, अचानक फूल लिए एक महिला आवाज देती है। साब!ऐसा लगा कि मानो उसकी पीड़ा को कोई सुनने वाला है। हकीकत जानने के लिए रुक कर 2 बार और सुना ...साब मेरी समस्या सुन लीजिए।खैर, दूर तक वीरान और मैं उसे सुनने के लिए संगम के पास ही रुक गय...
 पोस्ट लेवल : चिंतन
न हों शब्द तो क्या लिखोगे किसी के लिएजीने-मरने और उनकी शहादत के लिएतस्वीरः गूगल साभारमां का आँचल सूना कहूँ या उनकी हिम्मत का दूं दादहर अखबार लिख रहा है दर्द पर कहाँ बुझ रहा है चिरागसड़कों पर निकला है आज बड़ा हुजूम जवानों का परहौसला उन नन्हों में है जो अपने पिता को सल...
सोचता है वो खोजता है वो, खुद को कहाँ पाता है वोखामोश लफ्ज हों या आलम हर बार सो जाता है वो किसी का चेहरा हो कभी या किसी की आवाजसुकून की नींद को हरदम ही तोड़ जाता है वोशाम हो गयी हो या रंग बादलों में बन बिगड़ रहे होंयादों का रंग बुलबुला बनकर बिखेर जाता है वोगुलों का ख...
अतीत याद करके यूँ न हो उदासछोड़ दो उस राह को जो ले जाए उसके पास। स्मृतियां अनसुलझी सी हों तो सुलझा नहीं पाएंगे हमकिसी बिछड़े राही को राह दे नहीं पाएंगे हमकहानी के किसी पात्र को खोने से अच्छा भूल जाओलहरों में डूबना अच्छा है, डूबना न बिछड़ों के पासअतीत याद करके यूँ न ह...