ब्लॉगसेतु

प्रिय रागिनी,कितने दिनों बाद फिर तुम्हारे नाम का जिक्र यहां कर रहा हूँ। ऐसा नहीं है कि भूल गया था तुम्हें लिखना, न ही ऐसा है कि कभी बहुत अधिक याद करने लगा था। तुम तो मेरी कहानियों की पात्र हो। तुम्हारा साथ तो जब मैं 10 साल का था तबसे है और जब तक रहूंगा तब तक रहेगा।...
 पोस्ट लेवल : प्रिय रागिनी चिंतन
न जाने क्यों उससे प्यार कभी नहीं हुआ उतनाजितना कि उसके नाम से।नाम का पास से बार-बार गुजरनाबार बार खोना और बार बार नाम का उतना ही प्रभाव होना।खो देने का अब भी उतना ही डर जितना कि पहली बार था।समुद्र की लहरों सी बार बार उसके बालों का सामने आनाउसकी हंसी में उसी प्रकार...
किसी की अक्स पे कुर्बान, ये सारे गम तो नहीं होतेअगर होते भी तो क्या, तुम नहीं होतेहमने देखा है लहरों में नईया पार होतेडगमगाकर चलते और फिर शांत होतेखेवनहार की साहस पर तरंगों को शर्मशार होतेकुछ दूर चलते और फिर सब पर अधिकार होतेकिन्हीं पलकों के साये में ख्वाब पलते कम...
पीरियड्स में महिला सैनिटरी नैपकिन लेकर न जाये मंदिर तो ऐसे मंदिर में उन सभी का आना वर्जित हो जो गंदी मानसिकता वाले हों। यंत्र लगाने के लिए सरकार को आगे आना चाहिए जो यह मापे कि कौन कितना दूषित है।सैनिटरी नैपकिन को मंदिर में ले जाना बड़े बड़े नारीवादियों को भी खूब गंवा...
किस तरह डूब जाऊं मैं अब भी ख्यालों में कि जोखिम भी न हो और गीत भी गाता रहूं...बिछड़ जाऊं दूर भी रहूं लेकिन पास आता रहूं...है क्या कोई जिंदगी जिसमें हमसफर भी न हो और तुम्हारे साथ चलता रहूं...(किंकर्तव्यविमूढ़। ऐसी पंक्तियां हैं, मैं नहीं)----------किस चीज का गुमान है...
महफ़िल सज रही है, नजरें मिल रही हैंमेरी तरफ देखो, अब शायद तुम मुस्कुरा दो-------------------------------इस तरह वो मुझसे खफा थे, चले गए और फिर न आए कभीमैं लौट कर आया बार-बार और वो मुस्कुरा भी ना पाए कभीइस तरह आना जाना लगा रहा भीड़ में बहुत हुस्न वालों कीवो मेरा होने च...
कभी-कभी बात समझ आती है तो मैं सही सोचता हूँ। लेकिन यह तब होता है जब मैं मौत के करीब होता हूँ। सबसे परेशान होता हूँ। मैं ही मैं होता हूँ।लेकिन बला टलते ही भूल जाता हूँ कि क्या सोचा था।जब परेशानियां हावी होती हैं, सब हाय-हाय कर रहे होते हैं। मैं खाट पर होता हूँ। सोच...
 पोस्ट लेवल : जीवन का सच चिंतन
सोशल मीडिया तेरी जयकारफेकमफेक न्यूज आये बारम्बारएक दिन में एक फोटो लोड हो गई पोस्ट मेंसबने लाईक की उसे दबा दबा के होंश मेंकोई व्यक्त हुआ सैड तो कोई इमोजी में रोयाअगले दिन पता चला फर्जी है फोटोफारफोटोशॉप करके एडिटर फरारसोशल मीडिया तेरी जयकारयोगी, मोदी राहुल की शादी...
धारा 497"दारू पीना अपराध नहीं है लेकिन मैं नहीं पीता।"पतियों को चिंता सता रही है भाई कि पत्नी किसी और से संबंध बना लेगी और पत्नियों को तो पहले भी थी और अब तो क्या ही कहना।भाई इतना ही विवाह जैसी पवित्र संस्था है तो उसे कायम रखने के लिए कानून की क्या जरूरत। कुछ...
फेसबुक पर आकर वो अब भी ढूंढ़ती है मुझेमुझे इस तरह तन्हा करके उसको सूकून कहाँचाँद का दीदार करने को घंटों इंतजार करती है वोइश्क़ का मुझसे इजहार कुछ इस तरह करती है वोभीड़ में देखा उसको इस तरह बेचैन होते हुएउसको मेरी सूरत देखने की ललक हो जैसेमेरे माथे की लकीर को पास से पढ़...