ब्लॉगसेतु

हम तो किसी से बेवजह बात नहीं करतेझूठ नहीं बोलते तो सच भी नहीं कहतेजिंदगी में गम की बारिशों ने डुबोया बहुतखुद नहीं डूबते तो डुबोया नहीं करतेइश्क़ का तोहफा कुबूल हम कैसे करेंवो मेरा नहीं करते तो हम कैसे करते-प्रभात
 पोस्ट लेवल : बस यूं ही कविता
हवा को ताकत दे बहने की तो मुझे रोकने की,वरना हम यूँ ही साथ-साथ बह जाएंगे------------------------मुझे नफरत सी हो गई दोस्ती से यारोंकुछ इस तरह प्यार करके मैं टूटा हूँतुम्हें संभालने की जिम्मेदारी थी मगरखुद संभल जाऊं पहले यही सीखा हूँ।कुर्बानियां दी हैं जो मैंने भावना...
सांझ ढल रही थी और हांफते हांफते रेल में चढ़ा था। बस सीटी बजकर खुली ही थी रेल और उसने दूर से ही देखकर मेरी तरफ इशारा किया कि मैं यहां हूँ। हंस रही थी पगली उसके दांत दिख रहे थे और मैं भी चलती रेल देखने के बजाय उस पर ही निगाह दौड़ाया हुआ था। जल्दी से पायदान पर पैर रखकर...
बस इतनी ही तो चाहत थी कि कोई दीवाल न हो, जो तुम्हें और मुझे अलग कर सके।कोई ऐसी रात न हो,जो तुम्हें और मुझे उस रात की याद से बाहर कर दे,जिस रात हमारी मुलाकात हुई थी।कविता कोई ऐसी न हो जिसे तुम पढ़ न सकोमेरे लिखने से पहले, लिखने के बाद भी,यहां तक कि मेरे अलविदा कह देन...
बचपन का मेरा खिलौना टूट गया है आधा आधा हो गया है। आंगन में पड़ा था। नजर गई और बड़ी मुश्किल से इसे जोड़ कर अमरूद के पेड़ की टहनियों के बीच रखकर तस्वीर में कैद किया हूँ। इस खिलौने की खास विशेषता यह थी कि यह गुल्लक का काम करता था। लगता है इसके साथ ज्यादती भी पैसे निकालने...
है अब भी अगर कुछ रात के साये मेंतो सूरत तेरी और खामोशी बड़ीमैं बाग में बरगद का पेड़ हूँ खड़ाऔर तुम लता मुझसे लिपटेओंस से लथपथ तुम यूँ ही रहे हर सहरऔर मैं तुम्हें देखता रहा हर शामकंपकंपी में तुम एक दिन बिछड़ गएऔर मैं वहीं खड़ा हूँ बाग में रात में-------------------------...
जन जीवन अस्त व्यस्त है सड़कों का बुरा हाल हैघर में बवाल हैकिधर से जाओगेपैदल, गाड़ी से या फिर कंधे परमैंने कहा कविता करते हैं पहलेहाँ तो लड़की का चक्कर हैबहुतेरों में टक्कर हैकॉलेज का चुनाव आने वाला हैमैंने सोचा कहानी कुछ आगे जायेगीलेकिन ये तो यही अटक गईआप सोच रहे होंग...
 पोस्ट लेवल : कविता
चलो घूम आएं कहीं दूर ही सहीकोई अफसाना तो लिखेंगे।मंजिल की चाहत में भटक जाएंतो कुछ तजुर्बा तो बताएंगे।हां, अगर तुम साथ छोड़ भी दोतो भी तुम्हारा नाम बताएंगे।मुसाफिर बनने की यही खुशी हैहर जीत तुम्हारे नाम कर जाएंगे।-प्रभात
 पोस्ट लेवल : कविता
कुछ हंसी और कुछ खुशी जब भी होती हैं लबों परतुम्हारे गुलाबी होठों के बहुत पास आने का मन करता हैतस्वीरः गूगल साभारनजरें मेरी अगर तस्वीर क्लिक कर पातींतो मैं तुम्हें भी दिखा देता एक छाया ही सहीअगर मेरी तरह तुम सोच पातीवो मुस्कान जिसे मैं अनुभव करता हूँदिन-रात मुझे हँस...
 पोस्ट लेवल : कविता
ये सफर है, यूँ ही चलता जाखुद से उम्मीद कर सिर्फ और कुछ नया करता जाउदासियों का भी दौर आता है, नफरतों का साज भी सजता हैहमसफर को सोचने दे कुछ, तू खुद से प्रेम करता जाहमें संभालना आ गया है खुद कोअब सभी को संभाल लेंगे हर कदम।जिंदगी भर गीत गाऊंगा तुम्हारे इश्क़ मेंये खुदा...
 पोस्ट लेवल : कविता