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बहुत दिनों बाद भोर में इस प्रहर नींद खुली कारण सिर्फ इतना कि-दिसंबर कि सर्द-सर्द मीठी सी रात का आखरी प्रहर ...लिहाफ भी ठंडा सर्द और कुडकुडा हो चुका है प्रेम कविता ऐसे ही प्रहर जन्म लेती है सूरज का इंतज़ार-कुहासे  की चादर में प...
शादी की 35 वीं सालगिरह है आजकुछ फोटो देखते हुए ध्यान गया माला पर -गेंदा फूल आज के बच्चे पहनेंगे
 पोस्ट लेवल : शादी
मुझे उसका नाम याद नहीं आ रहा पर उसकी याद बहुत आ रही है ........जब शादी होकर गई तो वो दौड़कर घर की चाबी लेकर आया था कोई 14-15 साल का लड़का था ...लालमाटिया कोयला केम्प में चार बजे पत्थर कोयले की सिगड़ी जलने रखता और आधे घंटे बाद लाईन से एक-एक के घर में पहुंचाता ......एक...
 पोस्ट लेवल : लिखी जा रही कहानी
सुबह ....जब घड़ी पर नज़र पड़ी 6 बज रहे थे .....5 बजे निकल जाते थे घूमने कांके डेम के किनारे-किनारे ...बेटा छोटा था तो जाने का मन होते हुए भी न जा सकती थी या फिर ऐसे कहूँ कि बेटा सुबह उठ जाता तो आपकी नींद खुल जाती दुबारा सोना मुश्किल होता तो आप घूमने निकल जाते ....कांक...
 पोस्ट लेवल : लिखी जा रही कहानी
"Mam aap humare. Liye fighter example haai"1998 में वार्डन थी,2000 तक ...अगर इतने साल बाद भी कोई अच्छे काम याद करे तो जीवन का उद्देश्य सार्थक होता लगता है।2 दिन पहले फेसबुक मैसेंजर पर अचानक पुराने विद्यार्थी ने याद करते हुए लिखा था ,बातचीत में आगे ये भी -Mei kai ba...
 पोस्ट लेवल : मैं संस्मरण
बहुत दिनों से ब्लॉग पर कुछ नहीं लिखा....ऐसा नहीं...
मायरा -मम्मी आज मेरी मेडम ने कुछ लिख के दिया है,...
 पोस्ट लेवल : मायरा
दादी से आगे भी एक पायदान होती है उसी पर चढ़ी बैठी हूँ-दादी माँ की
 पोस्ट लेवल : यज्ञा यशी
आज २४ जुलाई फिर से सामने आ खड़ी हुई है -कुछ याद चित्रों के सहारे 
 पोस्ट लेवल : सुनील बस यूंही
पटना ...इस शहर में सुबह जल्दी हो जाती है, 5 बजे ही बहुत उजाला हो जाता है ..पास ही धोबी घाट है, 5-6 भाइयों के परिवार इस काम को मिलकर करते हैं, सुबह 6 बजते ही सब अपना काम शुरू कर देते हैं, अलग-अलग टंकियां बनी हुई है और हर टंकी के पास एक तिरछा पत्थर लगा हुआ है- स...
 पोस्ट लेवल : संस्मरण यात्रा