ब्लॉगसेतु

मेरे ब्लॉगर साथियों, नमस्कार,अपने प्रकाशित पुस्तकों के लिए मैंने एक ब्लॉग बनाया है। इस लिंक पर क्लिक कर मेरे उपन्यास 'ढाई कदम' के प्रथम अध्याय को पढ़ सकते हैं। कृपया मेरे ब्लॉग राकेश श्रीवास्तव 'राही' को देखें और इसका सदस्य बन कर मुझे प्रोत्साहन दें। इसके लिए...
अफ्रीकी और एशियाई हाथियों के बीच शारीरिक अंतर। 1. कान का आकार 2. माथे का आकार 3. TUSKS केवल कुछ एशियाई लोगों के पास ही 4. ट्रंक के छल्लों की संख्या  5. Toenail की संख्या  6. पूंछ का आकार 7. पीठ का आर्च / डिप (चित्र विकिपीडिया से सभार)प्रकृति और जीवन ...
#corner-to-corner { height:100%; border:5px SOLID Green ; padding:30px; background: #F8ECC2 ; साच पास - (भाग - 2) अभी तक आपने पढ़ा कि कैसे मैंने साच पास जाने का प्रोग्राम बनाया। चमेरा लेक और भलेई मंदिर का भ्रमण कर पूर्व निर्धारित स्थल  एप्पल माउंट...
#corner-to-corner { height:100%; border:5px SOLID Green ; padding:30px; background: #F8ECC2 ; प्रेम का वायरसप्रतीक एवं साक्षी लम्बे समय से लिव-इन-रिलेशनशिप में रह रहे थे, परंतु विगत कुछ दिनों से इन दोनों में अनबन चल रही थी। बात इतनी बिगड़ गई कि दोनों ने अलग...
 पोस्ट लेवल : कहानी लघु-कथा
#corner-to-corner { height:100%; border:5px SOLID Green ; padding:30px; background: #F8ECC2 ; दीप जलाएं!एकता का हम अलख जगाएं, हम सब मिलकर दीप जलाएं। रण में हैं सब अपने बल पर,मिल सभी एक जोर लगाएं।कोई न हो निराश अभी से आशा का हम दीप जलाएं।एकता का हम अलख जगाए...
#corner-to-corner { height:100%; border:5px SOLID Green ; padding:30px; background: #F8ECC2 ; साच पास यात्रा - चमेरा लेक एवं भलई मंदिर  (भाग - 1) जब से मैंने साच पास की तस्वीरों को एक समाचार पत्र में देखा, तो उस अनुपम छटा को देखने की तमन्ना जाग उ...
#corner-to-corner { height:100%; border:5px solid blue; padding:30px; background: plum; मोहब्बतसाक़ी क्या मिलाई है, तू ने प्यालों में। पीकर रहता हूँ, तेरे ही ख़यालों में। तुम मुझे चाहो, मेरी चाहत है साक़ी,  मेरा कभी नाम हो, चाहने वालों मे...
वरिष्ठ रचनाकार लीला तिवानी जी ने उपन्यास "ढाई कदम" पढ़ कर आशीर्वाद स्वरुप अपनी प्रतिक्रिया मेल द्वारा भेजीं  हैं जिसे मैं यहाँ पोस्ट कर रहा हूँ। उपन्यास "ढाई कदम" पर प्रतिक्रियाढाई दिन के शहंशाह निजाम सिक्का का किस्सा पढ़ा-सुना था, ढाई दिन का...
#corner-to-corner { height:100%; border:5px solid blue; padding:30px; background: plum; उपन्यास 'ढाई कदम' का विषय-वस्तु ।कहाँ आसान होता है, सामाजिक बेड़ियों को तोड़ना परन्तु इसको चुनौतियों के रूप में लेकर कुछ स्त्रियाँ छोटे-छोटे शहरों से महानगरों में आकर अप...
सभी मित्रों से आग्रह है कि इस पोस्ट को शेयर कर मेरे उपन्यास "ढाई कदम" का प्रचार एवं प्रसार में मेरा सहयोग करें. नीचे दिए गए चित्र को क्लिक कर उपन्यास "ढाई कदम" का आर्डर कर सकते हैं.