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पल भर में सब बदल गया और कुछ भी नहीं बदला जो बदला थावो तो गुज़र गया- नमालूम31.05.02
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वो घर से भाग आई थीउस रिश्ते से बचने के लिएजो बिन चाहे उसके दामन सेबाँधा जा रहा था- नमालूम
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नीचे बहता दरिया कह रहा थाआओ, मेरी आगोश में आ जाओमैं तुम्हारी बदनामी के सारे दाग छिपा लूँगा- नमालूम 
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पुरानी जींस और गिटारमोहल्ले कि वो छत और मेरे यार- नमालूम05.04.02
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रफीकों से रकीब अच्छे जो जल कर नाम लेते हैंगुलों से खार बेहतर हैं जो दामां थाम लेते हैं- नमालूम
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रह गए लाखों कलेजे थाम करआँख जिस जानिब तुम्हारी उठ गयी- नमालूम
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अफ़सोस मैंने रोजे अज़ल ये न कह दियादे मुझको सब जहां कि नेमत सिवाए दिल- नमालूम
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हमारे शीशए दिल को संभल कर हाथ में लेनानजाकत इसमें इतनी है नज़र से जब गिरा टूटा- नमालूम27.08.01
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तेरी गली में आकर खो गए हैं हम दोनोंदिल मुझको ढूंढता है मैं दिल को ढूंढता हूँ- नमालूम
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दिल टूटने से थोड़ी सी तकलीफ तो हुयीलेकिन तमाम उम्र को आराम हो गया- नमालूम
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