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एक ग़ज़ल : लोग क्या क्या नहीं --लोग क्या क्या नहीं कहा करतेजब कभी तुमसे हम मिला करतेइश्क़ क्या है ? फ़रेब खा कर भीबारहा इश्क़ की दुआ करतेज़िन्दगी क्या तुम्हे शिकायत हैकब नहीं तुम से हम वफ़ा करतेदर्द अपना हो या जमाने कादर्द सब एक सा लगा करतेहाथ औरों का थाम ले बढ़ करलोग ऐसे...
लघुकथा-छह‘बच्चे, उस बाड़ से दूर रहना, उसे छूना नहीं. उसमें बिजली चल रही है.’‘लेकिन यह बाड़ यहाँ क्यों है? इसमें बिजली क्यों चल रही है.’‘यह सब हमारी सुरक्षा के लिये है.’‘हमारी सुरक्षा? किस से?’वृद्ध एकदम कोई उत्तर ने दे पाए. कुछ सोच कर बोले, ‘बच्चे, यह बात तो मैं भी स...
Laxmirangam: जिंदगी का सफर: जिंदगी का सफर आलीशान तो नहीं , पर था शानदार, वो छोटा   सा मकान, उसमें खिड़कियाँ भी थे, दरवाजे भी थे और रोशनदान भी, पर कभी ...
लघुकथा- पाँच नेताजी अपने चिर-परिचित गंभीर शैली में लोगों को संबोधित कर रहे थे, ‘सरकार ने जो यहाँ बाँध बनाने का निर्णय लिया है वह यहाँ के किसानों के विरुद्ध के साजिश है. बाँध बना कर नदी का पानी ऊपर रोक लिया जायेगा. फिर उस पानी से बिजली बनाई जायेगी और बिजली बनान...
एक ग़ज़ल : इधर आना नहीं ज़ाहिदइधर आना नहीं ज़ाहिद , इधर रिन्दों की बस्ती हैतुम्हारी कौन सुनता है ,यहाँ अपनी ही मस्ती  हैभले हैं या बुरे हैं हम ,कि जो भी हैं ,या जैसे भीहमारी अपनी दुनिया है हमारी अपनी हस्ती हैतुम्हारी हूर तुम को हो मुबारक और जन्नत भीहमारे वास्ते का...
लघुकथा-चारलड़की ने कई बार माँ से दबी आवाज़ में उस लड़के की शिकायत की थी पर माँ ने लड़की की बात की ओर ध्यान ही न दिया था. देती भी क्यों? जिस लड़के की वह शिकायत कर रही थी वह उसके अपने बड़े भाई का सुपुत्र थे, चार बहनों का इकलौता लाड़ला भाई. पर लड़की के लिए स्थिति असहनीय हो र...
लघुकथा-तीन‘बेटा, थोड़ा तेज़ चला. आगे क्रासिंग पर बत्ती अभी हरी है, रैड  हो गयी तो दो-तीन मिनट यहीं लग जायेंगे.’‘मम्मी, मेरे पास लाइसेंस भी नहीं है. कुछ गड़बड़ हो गयी.....’‘अरे तुम समझते नहीं हो, हमारी किट्टी में रूल है की जो भी पाँच मिनट लेट होगा उसे गिफ्ट नहीं मि...
लघुकथा-दोउस युवक का इतना ही दोष था कि उसने उन दो बदमाशों को एक महिला के साथ छेड़छाड़ करने से रोका था. वह उस महिला को जानता तक नहीं था, बस यूँही, किसी उत्तेजनावश, वह बदमाशों से उलझ पड़ा था.भरे बाज़ार में उन बदमाशों ने उस युवक पर हमला कर दिया था. एक बदमाश के हाथ में बड़ा...
लघुकथा-एकतीव्र गति से चलती स्कूल-वैन चौराहे पर पहुंची. बत्ती लाल थी. वैन को रुक जाना चाहिये था. परन्तु सदा की भांति चालक ने लाल बत्ती की अवहेलना की और उसी रफ्तार से वैन चलाता रहा.दूसरी ओर से सही दिशा में चलता एक दुपहिया वाहन बीच में आ गया. वैन उससे टकरा कर आगे ट्रा...
अलीपुर बम केसश्री अरविन्द अलीपुर बम केस में एक आरोपी थे. अपनी पुस्तक, ‘टेल्स ऑफ़ प्रिज़न लाइफ’, में उन्होंने इस मुक़दमे का एक संक्षिप्त वृत्तांत लिखा है. यह वृत्तांत लिखते समय उन्होंने ब्रिटिश कानून प्रणाली पर एक महत्वपूर्ण टिपण्णी की है.उन्होंने लिखा है कि इस कानून प...