ब्लॉगसेतु

विश्वासघात------------------------------ तेनजिंग चेंडूमेरे पिता मर गएबचाते हुए हमारा घर,हमारे गाँव, हमारा देशलड़ना चाहता थामैं भीकिन्तु हम हैं बौद्धदुनिया कहती हैहमें होना चाहिएशांतिपूर्ण और अहिंसकइसलिए मैंने अपने दुश्मनों कोकर दिया है क्षमा .किन्तु कई बार मुझे लगता...
----------------------------------------------------------------------रिफ्यूजी- तेन्ज़िन चेंडूसड़क के किनारेबर्फ में धंसे टेंट मेंजब मैं पैदा हुआ थामेरी मां ने कहा-तुम शरणार्थी हो !तुम्हारे माथे परदोनों भौंहों के बीचलिखा है "आर" -कहा था शरणार्थी शिविर मेंएक शिक्षक...
एक निर्वासित तिब्बती कवि तेन्ज़िन च़ंडू की कविता "एक्जाइल हाउस" का अनुवाद-------------------------------------------------निर्वासन- तेन्ज़िन च़ंडूहमारी छतें चूती थींऔर दीवारें कभी भी भहर कर गिर सकती थींफिर भी हमें घर जाने की जल्दी होती थीहम अपने घर के आगेउगाते थे प...
जी जी कहने में लगे हैं संतरी जी जी कहने में लगें हैं मंत्री हम ही जो कहने लगे जी जी आपको क्यों हुई नाराजगी !जी जी कहने में लगे हैं अखबार जी जी कहने में लगे हैं पत्रकार जी जी की रट में समाचार हो गया व्यापार हमार...
ऑटोमोबाइल बाज़ार में मंदी और बदलते रुझान - अरुण चंद्र रॉय भारतीय ऑटोमोबाइल बाज़ार में बिक्री में लगातार गिरावट दर्ज़ की जा रही है।  जुलाई। 2019  के जो आंकड़े सामने आ रहे हैं उससे स्पष्ट हो रहा है कि  सभी बड़े ब्रांड की गाड़ियों की बिक्री में 30&n...
इस कायनात में हर पल कितने ही लोग मरते हैं जो मरते हैं होते हैं किसी के पिता होते हैं किसी की मां होते हैं किसी के भाई/बहिनकिसी का बेटा भी हो सकता है वह या बेटी ही या वही किसी और ओहदे/पद/रिश्ते का हो सकता है लेकिन जो मरता है&n...
कैसे हैं सरकारआपको नमस्कार !टूट गया तटबंध डूब गए हैं गाँव बह गए हैं घर मेघ ही अब छाँव भूख से मर रहे बच्चे हम गा रहे मल्हार कैसे हैं सरकार आपको नमस्कार !साल दर सालकहानी है एक किन्तु आपके पास बहाने अनेक जीवन की इस विप...
1.जो संवेदनाएं नहीं होती पत्थरों में चिंगारी नहीं फूटी होती इनके घर्षण से न ही जन्म लेती आग।  2. जो संवेदनाएं नहीं होतीं पत्थरों में कहाँ पिसी होती गेंहूं पकी होती रोटी 3.पत्थरों ने अपनी साँसे रोक कर ...
मैं पैदा हुआ बिहार में मेरे पैदा होते ही पिता को जाना पड़ा कमाने झारखंड पीछे पीछे मैं भी पंहुचा मैं जब बड़ा हुआ आ गया झारखंड एक्सप्रेस में बैठ कर दिल्ली दिल्ली में पकड़ी नौकरी और दिल्ली की सीमा के बाहर उत्तर प्रदेश में बनाया ठिक...
कैसा है आपके घुटने का दर्द ?इधर तो बादल नहीं हैं /लेकिन क्या उधर बुझ रही है मिटटी की प्यास ?इधर तो कुत्ते रो रहे हैं प्यास से उधर तो गायें गर्भवती हुई होंगी ?गायें अक्सर बारिश के मौसम में गर्भवती होती हैं और बारिश में गर्भवती होती है धरती भी&nbs...