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घर में रहना , घर में रहना , घर में ही रहना है .... https://www.youtube.com/watch?v=qQ_UZ2N9EG8
अजब फैल गई महामारीसारी दुनिया उससे हारीकोरोना  का रावण आयाखांसी,नजला, कंठ सुखाया।सांसों की तकलीफें लायालॉक डाउन में हमें फंसाया।रामराज्य को वापिस लाओकॉविड से पीछा छुड़वाओ।वैद्य, हकीम नब्ज को जानोभारत की दुविधा पहचानो।समय यही हनुमान बुलाओजड़ ,कंद फिर से मंगवाओ।...
राष्ट्रनायक का यही संदेशा, जन जन से कहना हैघर में रहना ,घर में रहना, घर में ही रहना हैरक्षक डॉक्टर, नर्स ,सिपाहीमानवता की बने गवाहीधन्यवाद के पात्र यही हैं, हाथ जोड़ कहना हैघर में रहना ,घर में रहना, घर में ही रहना हैलॉक डाउन का समय है आयाअपनों का सँग हमने पायादादा,...
स्वच्छ हवा ने डाला डेराट्रैफिक का तोड़ा है घेरायोग करो और रहो निरोगप्राणायाम से भागें रोगलॉक डाउन का समय है आयानीला अम्बर वापस लायाचहकें पक्षी ,सुनो आवाजसतयुग का फिर हुआ आगाजकुदरत के है अद्भुत रंगबैठे हैं घर सबके संगमन करता है यहीं बस जाएंलॉक डाउन का समय बढ़ाएं
चौपाईकिया करोना ने जग सूनानाक, नयन ,मुख को मत छूनाखांसी छींक अगर जो आयी।मुख ढकना है सरल उपायीबार बार सब कर तुम धोनातब मानस क्या करे करोनानहीं हाथ प्रिय अभी मिलानाअगर करोना  दूर भगानागले लगाओ हुआ पुरानाअभिवादन का नया जमानाहाथ किसी से नहीं मिलाओसिर्फ नमस्ते करते...
मत छुओ मुख ,नाक, नयन, बार बार धो हाथ।अभिवादन कर दूर से, हाथ जोड़कर साथ।।मुख ढक खांसो, छींक लो, करो मनुज उपचार।डॉक्टर को जाकर मिलो ,चढ़ता अगर बुखार।।अब तुम मत लगना गले, नहीं मिलाना हाथ।करो नमस्ते प्यार से, सब जन देकर साथ।।बुरा ना मानो ,करोना है
माएँ हमेशा अपनी मर्जी चलाती हैंअपने बच्चों को दुखों से बचाती हैंरातों रात जागती हैं ..पानी कहीं चला नही जायेसोचते सोचते जल्दी उठ जाती हैंदुर्गा जैसे अष्ट भुजाओं से काम निपटाती हैंएक हाथ से पानी भरती है ,सब्जी बनाती हैंआटा गूँथती हैंबच्चों को जगाती हैंतभी तो माँ ......
 पोस्ट लेवल : दुर्गा माँ
मुक्तक रावण पुतले गली गली में ,कब तक यूंही लगाओगेहर काम ,काज ,व्यवहार में रावण कैसे इन्हें मिटाओगेभस्म करो अंतस का रावण , विजयादशमी होगी तबद्वेष,बुराई ,दंभ का रावण जब तुम रोज जलाओगे।।19 अक्टूबर, 2018 
सबसे सुंदर देश हमारा,विश्व को यह बतलाना है।हाथ मिलाकर बढ़ो साथियों,भारत स्वच्छ बनाना है।सोच बदलने देश बदलने एक मसीहा आया हैछोड़ गंदगी शुचिता धारो,यह हमको समझाया हैमातृभूमि को जन्नत करने,यह अभियान चलाना हैहाथ मिलाकर ...खुद समझो सबको समझाओ महत्ता कूड़ा दान कीप्रबंधन से...
झरती किरणों से सुधा, शरद पूर्णिमा रात।शरदोत्सव ले आ गया,ऊर्जा की सौगात।।ऊर्जा की सौगात, शरद चाँद स्वच्छ लायेरखो रात में खीर , दिव्य औषध बन जायेसरिता मिटते रोग,शक्ति ,धन, सेहत मिलती।धवल चाँद,आकाश,सुधा किरणों से झरती ।।