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भाग 2.दूसरा दिन :--आज हमने पहले से ही टूर एंड ट्रेवल से पता कर लिया था आज सिंगापुर जू जाने की तैयारी थी ,इसके साथ ही है रिवर सफारी और नाईट सफारी .. क्योंकि हम सभी रास्तों से वाकिफ नहीं थे   , इसका हमने SAEx का पैकेज ले लिया था कोई भी द...
भाग 4.आइये जानें कुछ और बातें सिंगापुर के बारे में अर्थशास्त्रियों ने सिंगापुर को 'आधुनिक चमत्कार' की संज्ञा दी है। यहाँ के सारे प्राकृतिक संसाधन यहाँ के निवासी ही हैं। सिंगापुर में पानी मलेशिया से, दूध, फल व सब्जियाँ न्यूजीलैंड व ऑस्ट्रेलिया से, दाल, चावल व अ...
भाग 2.तीसरा दिनदो दिन काफी गर्मी और उमस भरे थे आज सुबह से मौसम सुहावना था ..काफी देर से उठे और तैयार होने के बाद हमने सबसे पहले आज पेट पूजा कर के ही कहीं भी निकलने का सोचा ..इसलिए वही पास ही एक रेस्तरा मिल गया यहाँ अच्छा भारतीय शाकाहारी खाना था ... हमें यह सब करने...
भाग 1.सिंगापुर में चांगी हवाईअड्डा एक आधुनिक हवाई अड्डा है इसे देखकर आप उसकी तारीफ़ किये बिना नहीं रह सकते ,बहुत से भारतीय रेसतरा भी यहाँ मौजूद हैं जिसे देखते ही अपनापन सा अनुभव होता है ....इमीग्रेशन यानि अप्रवास :--यहाँ हमें फिर से इमीग्रेशन फॉर्म भरना था इसलिए हम...
यात्रा करना एक शौक के इलावा मुझे उत्साहित करता है वहां की अलग भाषा ,संस्कृति ,परिवेश ,आबो हवा, को पास से महसूस करने को ,विदेश की वनस्पति ,मौसम, बोल चाल ,रहन सहन ,उनकी सोच किस तरह से अलग है अपने देश से मुझे प्रेरित करते हैं कुछ लिखने को  इसलिए आपके समक्ष है मेर...
भाग 4.दोस्तों चलिए चलते हैं पुनः वैष्णोदेवी यात्रा पर ......अभी अभी बेटे की शादी की है तो हम सब 15 लोग 9 दिसम्बर, 2015 को माँ वैष्णोदेवी के दर्शन के लिए निकल पड़े ,टिकट हमारी पहले से ही बुक थीं ...आजकल ऑनलाइन टिकट की सुविधा है जो आप आसानी से कर सकते हैं या करवा सकते...
भाग 4.दोस्तों आज फिर हाजिर हूँ वृन्दावन यात्रा का 5वां भाग लेकर जो मुझे लिखना पड़ा क्योंकि दो तीन वर्ष में कुछ बदलाव आये हैं ..कुछ जल्दी ही होने वाले हैं .. आज जब तीसरी बार वृन्दावन जाना हुआ तो रास्ते में हम गुलशन का ढाबा ढूंढते हुए आगे निकल गए इसलिए कोई ठीक ठा...
भारतीय समाज में परिवार सबसे अहम पहलू है | भारतीय परिवारों के एकता यहां के नैतिक मूल्यों पर टिकी होती है| इन नैतिक मूल्यों को मजबूती देने के लिए वैसे तो हमारे संस्कार ही काफी हैं लेकिन फिर भी इसे अतिरिक्त मजबूती देते हैं हमारे त्यौहार |दीपावली त्योहार की शुरुआत व सम...
दीपावली के बाद वाला दिन गोवर्धन पूजा के साथ साथ विश्वकर्मा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है |हिन्दू धर्म में विश्वकर्मा को निर्माण एवं सृजन का देवता माना जाता है।विश्वकर्मा हस्तलिपि कलाकार थे। जिन्होंने हमें सभी कलाऔ का ज्ञान दिया।विश्वकर्मा कौन से हुए ?साधन, औजार,...
कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को गोवर्धन उत्सव मनाया जाता है। इस दिन बलि पूजा, अन्न कूट, मार्गपाली आदि उत्सव भी सम्पन्न होते है। अन्नकूट या गोवर्धन पूजा भगवान कृष्ण के अवतार के बाद द्वापर युग से प्रारम्भ हुई।उससे पूर्व ब्रज में भी इंद्र की पूजा की जाती थी।...