ब्लॉगसेतु

रंग आज उड़े तो थेहवाओं में खूब सारेमगर वो उतने गहरे नहीं थेबेचारेजितने होते थे कभीशायद कुछ साल पहले तकअब तो लोग होली पर भीकहाँ भूलते हैंदिल की खटासरिश्तों का कड़वापनऔर छोटी मोटी दुश्मनीबल्कि मैंने तो ये देखा हैजैसे गुलाल मेंरंग की मिलावट हैवैसे ही मीठी मुस्कान मेंकही...
 पोस्ट लेवल : कविता होली
ये जो शेर मैं कहता हूँटूटे दिल से निकलते हैएक चोट खाई थी कभीज़ख्म अभी भी रिसते है---------------------------रोज़ तकाज़ा करते हैदुनियां भर के गम मुझसेये क़र्ज़ उतरता ही नहींजाने कितनी किश्तें है---------------------------एक दिन रंग निखर आएगाकोई हथेली सजाएगामेहंदी बन जाने...
 पोस्ट लेवल : ज़ख़्म
गरीब लोग लोगो को सच्चा प्यार करते हैंअमीर लोगों को लोग सच्चा प्यार करते हैंये बात बिलकुल सच है तुम मानो के न मानोहमारा फ़र्ज़ है हम आप को ख़बरदार करते है शिवराज
हर शाम अपनी महफ़िल को आबाद करता हूँसिर्फ तन्हाई में ही उसको मैं याद करता हूँकोई बीच में आये नहीं पूरा ख्याल रखता हूँजब भी अपने दिल से दिल का मैं संवाद करता हूँकोई क्या जाने क्यों  मेरा अंतर्मन सुलगता हैकभी आग थी दिल में बस अब अंगार पलता हैके कोई जान पाये ना की...
 पोस्ट लेवल : गीत
क्यों हम को हिंदी बोलने मेंलाज़ सी आने लगी है क्यों नयी पीढ़ी इंग्लिश गीत गाने लगी है क्यों टूटी फूटी अंग्रेजी में बात कर के गोरी इतराने लगी है जो इंग्लिश बोल न पाये वो गंवार मानी जाने लगी हैं क्यों हिन्दी भाषा का आज क्षरण हो र...
 पोस्ट लेवल : हिन्दी कविता
किसी को तोड़ नहीं पातामैं खुद ही टूट जाता हूँ इस लिए लोगों से अक्सर बहुत पीछे छूट जाता हूँ ---शिवराज-----
 पोस्ट लेवल : दर्द शायरी pain shayri
फिर दर्द के साथ हूँ फिर बड़ा उदास हूँए दर्द तू ही बता देक्यों तेरे लिए खास हूँ ---शिवराज
 पोस्ट लेवल : दर्द Pain
चाय की प्याली और कुछ देर बातकरते रहा करो दोस्तों से मुलाकातसकूँ ढूंढो तो मिलता भी है जहाँ मेंलोग परेशां होते रहते है बिन बात---------------------------भाई आशीष के साथ शिवराज 
काश मेरी नींद मुझे वापस मिल जाए जिसने चुराई है कृपया आकर लौटाए या के नींद चुराने वाला कहीं पकड़ा जाएएसा लूं बदला उसकी नींद भी खो जाए ---शिवराज------
 पोस्ट लेवल : नींद sleep
शिक्षक दिवस पर सभी शिक्षकोको मेरा सादर प्रणाम---------------------हर कोई 'गुरु' बनना चाहेकिसी का चेला कौन बनेमिले कहाँ से ज्ञान किसी कोबाकी सब जब गौण बनेसोचो समझो और पहचानोक्या थे हम और कौन बनेइतना भी तुम मत इतराओफिर से तुम चेला बन जाओफिर जीवन अनमोल बने----शिवराज--...