ब्लॉगसेतु

सादर अभिवादन। 'पाँच लिंकों का आनन्द' के विशेष साप्ताहिक आयोजन 'हम-क़दम' के ताज़ा अंक में आपका हार्दिक स्वागत है जिसका विषय था - 'ख़ामोशी'/'ख़ामोश '   उदाहरणस्वरूप रचना दी गयी थी -'ख़ामोशी से बातें करता था न जाने  क्यों लाचारी है  ...
 पोस्ट लेवल : 1522
सादर अभिवादनहिन्दी दिवस कल सम्पन्न हुआ...भाई कुलदीप जी आज आवश्यक कार्य से बाहर हैंचलिए आपको ले चलती हूँ...आज की रचनाओं की ओर....हिंदी ....एक बात प्रमाणित है हिंदी साहित्य के छोटे-बड़े सभी लेखकों ने बागडोर थामी हुई है हिंदी के भविष्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हु...
 पोस्ट लेवल : 1521
हिन्दी दिवससबको यथायोग्यप्रणामाशीषहिन्दी दिवसशब्द हमारी सासें हैंचलाते हैं जीवन रुक जाये वरना,मना रहे हैं जिस तरहटीवी चैनल हिन्दी दिवसउससे ही हमने प्रसन्नता पाई,नहीं मिलेगा हमें यह तय हैफिर भी देंगेसम्मानीय ब्लॉग लेखको को हार्दिक बधाई,हिन्दी दिवसभावी पीढ़ी पर अगर, द...
 पोस्ट लेवल : 1520
सादर अभिवादनसारा जग व्यस्त हैआने-जाने मेंबिना किसी लाग-लपेट केसीधे चलें रचनाओँ की ओर..आज कविराज भगवत रावत काजन्मदिन है आइए पढ़ते हैं उनकी रचनाआदरणीय भगवत रावतदिन भर की थकान के बादघरों की तरफ़ लौटते हुए लोगभले लगते हैं ।दिन भर की उड़ान के बादघोंसलों की तरफ़ लौटतीं च...
 पोस्ट लेवल : 1519
स्नेहिल अभिवादन-------11 सितंबर महादेवी वर्मा की पुण्य तिथि थी,उनको सादर प्रणाम करते हुये उनकी एक रचना -जीवन दीपशून्य काल के पुलिनों पर-जाकर चुपके से मौन,इसे बहा जाता लहरों मेंवह रहस्यमय कौन?कुहरे सा धुँधला भविष्य है,है अतीत तम घोर ;कौन बता देगा जाता यहकिस असी...
 पोस्ट लेवल : 1518
।।प्रातः वंदन।।सूरज के नए टुकड़ों की जागृत करनी होगी बोधगम्यता युग-शिक्षक के अन्तस मेंतभी खिलेगी वनराशि महेकगा वातासछिटकेंगी ज्ञान रश्मियाँ...तो आओ!अभी से, हाँ अभी से ,इस नए पथ की ओर...कहा भी गया है...जब आँख खुलेतभी होती है भोर!!जगदीश व्योमसार्थक, साकारात्मक संदेशो...
 पोस्ट लेवल : 1517
सादर नमस्कार..आजकल भूत-प्रेत अधिक ही सक्रिय हो गए हैं इक्कीसवीं सदी में अग्रसर भारत अंधविश्वास की जकड़न मेंफंसता नजर आ रहा है...क्यों...ये तो राम जाने...चलिए चलें रचनाओं की ओर...दिल दाग़दार ....जो फूलों सी ज़िंदगी जीते कांटे हजार लिये बैठे हैं,दिल में...
 पोस्ट लेवल : 1516
सादर अभिवादन..ज़िंदगी-----संसार में जन्म के साथ मिलने वाली धुकधुकाती साँसों से, जग से साँसों का नाता टूटने तक की यात्रा सृष्टि के प्रत्येक जीव की  ज़िंदगी है।जितने प्रकार का देह का आवरण, उतनी विविधता, "जितने जीव उतनी ज़िंदगी।"★हर उम्र में ज़िंद...
 पोस्ट लेवल : ज़िन्दगी 1515
जय मां हाटेशवरी.....भारत शनिवार की सुबह इतिहास रचने से दो क़दम दूर रह गया. अगर सब कुछ ठीक रहता तोभारत दुनिया का पहला देश बन जाता जिसका अंतरिक्षयान चन्द्रमा की सतह केदक्षिणध्रुव के क़रीब उतरता.इससे पहले अमरीका, रूस और चीन ने चन्द्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैन्डिंग करवाई थ...
 पोस्ट लेवल : 1514
जय हिन्द ... जय भारत के किसान/जवान/वैज्ञानिक "त्रिवेणी"आपस में रहने दे, आपस की बातें दिल लरजता है, रिश्ते की नुमाइश सेखुर्दबीनी से देखते हैं लोग, बाज़ार में【राहुल जगताप 'देव'】वादा कर कि अब ना करेगा वादा कभी !रोज मोम जलती है और याद पिघल कर उतर आती है! ...
 पोस्ट लेवल : 1513