ब्लॉगसेतु

सादर अभिवादन..पितृ-पक्ष समाप्ति की ओर...कितनी जल्दी गुजरते हैंये दिन भी...साल की शुरुवात होते हीसाल के समापन की बेलापहुँचने लगती है....होता है और होता ही रहेगा...चलिए चलते हैं आज की कड़ियों की ओर..जग की बहुत देख ली हलचलकहीं न पहुँचे कहते हैं,पाया है विश्राम कहे मनह...
 पोस्ट लेवल : क्रमांक - 83
अभिवादन स्वीकारें दिग्विजय काकबर को देख के ये रंज होता है “दोस्त”,बस इतनी सी जगह के लिए मरना पड़ा…इससे जियादा तो था हमारे पासजब हम ज़ीवित थे....ये रही आज की कड़ियाँ....ना इसका हूँ ना उसका हूँ क्या करूं इधर भी हूँ उधर भी रहना ह...
 पोस्ट लेवल : क्रमांक - 82
जय मां हाटेशवरी...मैं कुलदीप ठाकुर आनंद का एक और अंक लेकर उपस्थित हूं...सब से पहले...दुष्यंत जी की एक रचना जो आम आदमी की पीड़ा  व्यक्त  करती है... इस नदी की धार में ठंडी हवा आती तो है,नाव जर्जर ही सही, लहरों से टकराती तो है।एक चिनगारी कही से ढूँढ लाओ दोस्...
 पोस्ट लेवल : क्रमांक - 81
सादर अभिवादन....शतक से अधिक दूर नहींबस ये हुआ ही समझिए..ये रही आज की पसंदीदा रचनाओ की कड़ियां...सिलसिला आज तो जुड़ा कोईनफ़रतें छोड़ कर मिला कोईआसरो से बँधा रहा जीवनमोगरा डाल पर खिला कोईहमारा बन के हम में ख़ुद समा जाने को आतुर हैं।हृदय के द्वार खुल जाओ–किशन आने को आतुर...
 पोस्ट लेवल : क्रमांक - 80
आज भाई संजय जी को प्रस्तुति देनी थीवो शायद तैयारी नहीं कर पाए होंगेचलिए कोई बात नहीं...ये रहे वो सूत्र जो मुझे पसंद आए...विंड चाइम की घंटियों सीकिचन से आतीतुम्हारी खनकती आवाज का जादूसाथ ही, तुम्हारा बनायाज्यादा दूध औरकम चाय पत्ती वाली चाय काबेवजह का शुरुर !!मैंने इ...
 पोस्ट लेवल : क्रमांक - 79
जय मां हाटेशवरी...छोडो भी, ऐसा तो जीवन में होता है,जो कभी मिलता है, वह कभी छिनता है।लेकिन इससे डरकरसंध्या के सिंदूरी प्रकाश मेंमंजरित तुलसी केनीचे दीयाजलाना थोडे ही बंद किया जाता है।भगवान बात सुनें, न सुनें,तो भी मंदिर तो मंदिर ही है,उसमें जो रोज शाम दीया नहीं जलात...
 पोस्ट लेवल : क्रमांक - 78
सभी कोयथायोग्यप्रणामाशीषकुंजन कैसे शुरू होअब धुँआ-धक्कीड़ शोर बहुत है,बगुलों के ठिकानों पर,मासूम मछलियाँ कैद हुई-इन ऊँचे मकानों पर जल रहा हरेक कमल है,चुप है कोयल बागों में,जी करता तुमको लूँ चूम ।।भाँति-भाँति के न्यारे-न्यारे ।जीव-जंतु जहाँ रहते हैं सारे ।।घर उ...
 पोस्ट लेवल : क्रमाक 77
आज महात्मा मोहनदास करमचंद गाँधी जी की जयन्ती हैशत् शत् नमनसादर अभिवादन...अगर चाणक्य जीवित रहते तोभारत में विदेशी राजा कभी भीराज्य कर ही नही सकता...आचार्य चाणक्य का लोहासच मेंं मानना ही पड़ता हैसदियों पहले आचार्य चाणक्य नेएक सशर्त विवाह करवाया..सम्राट चन्द्रगुप्त का...
 पोस्ट लेवल : क्रमांक - 76
एक दिनपरमात्मा नेमुझसे कहा कि.....तुम्हें सबशिकायतेंमुझ ही से हैं...!!.....मैंने भीसर झुका केकह दिया कि..मुझे भी..सब उम्मीदें  तोआप ही से हैं..सादर अभिवादन.....ये रही आज की रचनाओं की कड़ियाँ....आज मन मे एक सवाल ने दस्तक दिया क्या है मेरी पहचान ? रसोई...
 पोस्ट लेवल : क्रमांक - 75
जय मां हाटेशवरी...आज  के आनंद की हलचल   में आपका स्वागत है।श्राद्ध आरम्भ हो चुके हैं। ये समय है उन लोगों को याद करने का...जो हमारे पूरवज हैं...जिनकी कुर्वानी से आज हमारा सुखद आज है... जिन्हे हम भूल चुके हैं...श्राद्ध  का हमारी संस्कृति में बहुत...
 पोस्ट लेवल : क्रमांक - 74