ब्लॉगसेतु

जय मां हाठेशवरी.....आज कुछ अधिक व्यस्त हूं.....इस लिये बिना भूमिका के ही.....आज की प्रस्तुति का आरंभ....मेरी प्रिय पंजाबी कवयित्रि अमृता प्रीतम  जी  की चंद पंक्तियों के साथ.....आज मैंने अपने घर का नम्बर हटाया हैऔर गली के माथे पर लगागली का नाम हटाया हैऔर ह...
 पोस्ट लेवल : 1570
वह शहर जो पीछे छूट गया हैवह गाँव जो उदास हैवे घर जिनमें बंद पड़े हैं तालेजहाँ कुंडली मारे बैठा है अँधेरावहाँ ठहर जानाअपने घोड़ों को कहनावे वहाँ रुके रहें थोड़ी देरछठ पर्व पर अपनी सामर्थ्य के अनुसार लोग प्रसाद की व्यवस्था करते हैं।सात, ग्यारह, इक्कीस व इक्यावन प्रका...
 पोस्ट लेवल : 1569
स्नेहिल नमस्कार---------सूर्य के बिना धरा पर जीवन संभव नहीं,सूर्य, प्रकृति औरमानव को मानव से जोड़ने का महापर्व है छठ, जो कि आधुनिक जीवनशैली में समाजिक सरोकारों में एक-दूसरे से दूर होते परिवारों को एक करने का काम करता है। यह होली,दशहरा की तरह घर क...
 पोस्ट लेवल : 1568
 सादर अभिवादन।              आज 31 अक्टूबर है। इतिहास का उथल-पुथल भरा दिन। भारत को एकता के सूत्र में बाँधने वाले 'लौह पुरुष' भारत के पहले उपप्रधानमंत्री व गृहमंत्री  सरदार बल्लभ भाई पटेल का जन्म दिवस है जिसे अब...
 पोस्ट लेवल : 1567
।।भोर वंदन।।ज्योति पर्व के बाद एक और ... कालजयी रचना आदरणीय केदारनाथ सिंह जी के शब्दों के साथ..✍१."जाना, फिर जाना,उस तट पर भी जा कर दिया जला आना,पर पहले अपना यह आँगन कुछ कहता है,उस उड़ते आँचल से गुड़हल की डालबार-बार उलझ जाती हैं,एक दिया वहाँ भी जलाना;जाना...
 पोस्ट लेवल : 1566
सादर अभिवादनगई दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँआज भैय्यादूज है..सभी को शुभकामनाएँकुछ रचनाएँ हैं..पर पहले एक कालजयी रचनाअबकी बार लौटा तो ... कुंवर नारायणअबकी बार लौटा तोबृहत्तर लौटूंगाचेहरे पर लगाए नोकदार मूँछें नहींकमर में बांधें लोहे की पूँछे नहींजगह दूंगा साथ चल रहे...
 पोस्ट लेवल : 1565
सादर अभिवादनआज सोमवार को आपको प्रतीक्षा रहती थीविषय पर रचित रचनाओं कीपर अफसोस आज वो नहीं,,आज पढ़िए कुछ कालजयी रचनाएँदूध में दरार पड़ गई...स्मृतिशेष अटल बिहारी वाजपेयीख़ून क्यों सफ़ेद हो गया?भेद में अभेद खो गया।बँट गये शहीद, गीत कट गए,कलेजे में कटार दड़ गई।दूध में द...
 पोस्ट लेवल : 1564
जय मां हाटेशवरी.....सृजन है अधूरा अगर विश्व भर में, कहीं भी किसी द्वार पर है उदासी, मनुजता नहीं पूर्ण तब तक बनेगी, कि जब तक लहू के लिए भूमि प्यासी, जलाओ दिए पर रहे ध्यान इतना अँधेरा धरा पर कहीं रह न जाए। स्वागत है आप सभी का....झिलमिलाते दीपों की, रोशनी से प्रकाशित,...
 पोस्ट लेवल : 1563
एक दीयाशहीदों के नाम , उन किसानों के नाम जो आत्महत्या कर लेते , चमकी बुखार में मरे बच्चों के नाम , बाढ़-अकाल में अकाल मौत के नाम
 पोस्ट लेवल : 1562
स्नेहिल नमस्कार-------शुभ्र,सत्य और मानवता की विजय होस्वार्थ,असत्य,कलुषिता क्रमशः क्षय होइक देहरी भी मुस्कान दीप जला पाऊँकर्म यह सार्थक दीपावली मंगलमय हो★★★★★★★विविधापूर्ण भारतीय संस्कृति में हिंदू धर्ममें मनाया जाने वाला पंचदिवसीय दीपावली का त्योहार विशेष महत्व रख...
 पोस्ट लेवल : 1561