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स्नेहिल अभिवादन-------------सृष्टि का आधार "प्रेम" इस शब्द में छुपे व्यापक और गूढ़ अर्थ को शब्दों में परिभाषित करना आसान हो सकता है परंतु इसकी अनुभूति का लौकिक आनंद अभिव्यक्त कर पाना संभव नहीं। आज के युग में प्रेम एक वस्तु&nbs...
 पोस्ट लेवल : 1550
जय मां हाटेशवरी......आज महर्षि वाल्मीकि  जयंती है.....महर्षि वाल्मीकि जी ने रामायण की रचना करके हर किसी को सद्‍मार्ग पर चलने की राह दिखाई।पावन ग्रंथ रामायण में प्रेम, त्याग, तप व यश की भावनाओं को महत्व दिया गया है।आप सभी को महा-रिषी वालमिकी जयंती की शुभका...
 पोस्ट लेवल : 1549
सभी को यथायोग्यप्रणामाशीषरावण जल तो गया?आत्मा में बस गया?आखिर पता चले तो चले कैसेकहीं खो जो गयी हैसच्चाईलहूलुहान न सिर्फ स्वप्रगति की चाह मेंबल्कि कांटे बोते दूसरों की राह में,भागमभागी-आपाधापी के इस दौर मेंफुर्सत कहां दिल के रिश्तों को जोड़ने कीअपने भाव-संवेग, दुख-...
 पोस्ट लेवल : 1548
स्नेहिल अभिवादन-------आत्ममंथन के क्षण मेंस्वयं के भीतर झाँककरविचारों का पुलिंदा अवश्य खोलियेसाहित्य साधना है कि साधन?प्रश्न यह समयपरककभी तो आत्मा टटोलियेस्वयं के विज्ञापन मेंलेखनी की सौदागरी..?स्वार्थ के लबादे का वज़न तोलिये।★★★★★★जितनी मीठी आवाज़ उतनी ही विचार...
 पोस्ट लेवल : 1547
सादर अभिवादन। रावण का विस्तृत इतिहास ख़ूब पढ़ा, तीर चलाये मनभर प्रतीकात्मक प्रत्यंचा पर चढ़ा; बुराई पर अच्छाई की लक्षित / अलक्षित विजय का, अभियान दो क़दम भी आगे न बढ़ा !-रवीन्द्र आइये अब पढ़ते हैं आज की पसंदीदा रचनाएँ -बुद्धि.........
 पोस्ट लेवल : 1546
।। भोर वंदन।।त्योहारों, वारों के बाद अब समय जग की रीति- नीति के साथ.."हँसा ज़ोर से जब तब दुनिया बोली इसका पेट भरा हैऔर फूट कर रोया जब तब बोली नाटक है नख़रा हैदोस्त कठिन है यहाँ किसी को भी अपनी पीड़ा बतलानादर्द उठे तो सूने पथ पर पाँव बढ़ाना चलते जाना..!!"सर्वेश्वर द...
 पोस्ट लेवल : 1545
सादर अभिवादनआज दशहरा हैयानी दसों शीश का हरणअसत्य पर सत्य की विजयअधर्म पर धर्म की विजयइसी दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था, इसीलिए यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है।चलिए चलें रचनाओं की ओर....बिटिया मैके आय ...सरस दरबारीदेवी मा...
 पोस्ट लेवल : 1544
स्नेहिल अभिवादन--------सोमवारीय विशेषांक में आपसभी का हार्दिक अभिनंदन है।परदा/पर्दा/चिलमनयानि एक ऐसा आवरण जिसके सामने वाली कोई भी वस्तु या व्यक्ति दृष्टि से छिपी हो।परदा शब्द का प्रयोग मुहावरों में अधिकांश देखा जाता है।जैसे: परदा डालना,परदा हटना,आँख में परदापड़...
 पोस्ट लेवल : 1543
सादर अभिवादनमातारानी कुशलता बनाए रखेंआज भाई कुलदीप जी बाहर हैंसो आज हम...चलिए रचनाओं की ओर चलें..साँसों की सरगमतुम मेरे मन के दर्पण होतुझमें ही मेरा अक्स घुलाझील के ठहरे पानी मेंचाँद का प्रतिबिंब हो तुमतुम्हें पाना चाहता हूँ। ...वही बातें वही रातेंचंद मुलाक़ातेंफिर...
 पोस्ट लेवल : 1542
सभी को यथायोग्यप्रणामाशीषब्लोगर के हैसियत से कुछ नहीं बदला है ,नहीं बदला है चर्चाकार के मायने से , कुछ नहीं बदला है मेरे निजी जिन्दगी में। लेकिन एक बिहारी होने के नाते सबकुछ बदल गया है।  अत: आज बस एक लिंक से समझेंगेपथ के साथीपत्थर के ही हो न तुमउसी तरह निर्विक...
 पोस्ट लेवल : 1541