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स्नेहिल अभिववादन---------------बारिश की खूबसूरत लड़ियोंसे श्रृंगारित  धरती की गोद मेंइठलाती, बलखाती नदियाँ जब अपने तटबंधों को तोड़कर मानव बस्तियों की ओर मुड़ती है तोविनाश का पर्याय बन जाती हैं।  प्रकृति के कोप के साथ अगर मानवीयस्वार्थपरता का मेल हो...
 पोस्ट लेवल : 1540
सादर अभिवादन। कल देश के दो महान सपूतों महात्मा गांधीजी एवं भूतपूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्रीजी की जयंती देश-दुनिया में धूमधाम से मनायी गयी। यादगार बनाने के लिये महात्मा गाँधीजी की 150 वीं जयंती पर अनेक सरकारी योजनाओं की भी घोषणा की गयी है और...
 पोस्ट लेवल : 1539
।। उषा स्वस्ति ।।"छिपा दिया है राजनीति ने बापू! तुमको,लोग समझते यही कि तुम चरखा-तकली हो।नहीं जानते वे, विकास की पीड़ाओं सेजवसुधा ने हो विकल तुम्हें उत्पन्न किया था।"~ रामधारी सिंह "दिनकर"गांधी जी,को सिर्फ एक व्यक्ति विशेष न मानकर एक सर्वश्रेष्ठ विचार मानकर स्मरण क...
 पोस्ट लेवल : 1538
सादर अभिवादनआ गया अक्टूबरकाफी दिनों से प्रतीक्षा थीआओ अक्टूबर आओसितम्बर पहाड़ तोड़ने मेंअसफल रहा...अब आपकी बारी है..गरआप भी असफल रहे तो ..येफावड़ा नवम्बर का पकड़ा देना.....हो गई काफी बक-बक...चलिए रचनाएँ देखें..कहो ना, कौनसे सुर में गाऊँ ...नियति-नटी के अभिनय सेक्यो...
 पोस्ट लेवल : 1537
सादर अभिवादन--------सोमवारीय विशेषांक मेंआप सभी का स्वागत है।सुर शब्द का प्रयोग संगीत में किया जाता है।संगीत में प्रयुक्त सात निश्चित शब्द या ध्वनि जिसका स्वरुप,तीव्रता,तन्यता आदि स्थिर है। इसे सरगम कहा जाता है।सुर शब्द में निहित जीवन-दर्शन अत्यंत वृहद है।सुर पर आध...
 पोस्ट लेवल : सुर 1536
जय मां हाटेशवरी....आज से शारदीय नवरात्रि प्रारंभ हो गये हैं..... हिन्‍दू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्‍व है......नवरात्र पर्व के आठवें और नौवें दिन कन्या पूजन का विधान होता है.....हमारे देश की प्राचीन संस्कृति में   कन्याओं को पूजने की परंपरासमाज म...
 पोस्ट लेवल : 1535
चार दिनों के बाद 150 वाँ जन्मदिन है.. भारत के राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी जिन्हें बापू या महात्मा गांधी के नाम से भी जाना जाता है, के जन्म दिन २ अक्टूबर को गांधी जयंती के रूप तथा विश्व अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाने लगा...दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहाद...
 पोस्ट लेवल : 1534
स्नेहिल अभिवादन------ईश्वरचंद्र विद्या सागर का नाम तो स्मरण होगा न आपको।26 सितंबर 1820 को जन्मे समाज सुधार की मशाल को भला कौन विस्मृत कर सकता है।पुरुष प्रधान समाज में स्त्रियों की आवाज़ विद्या सागरअपने समय की सोच से काफी आगे थे। महिलाओं की दयनीय स्थिति को...
 पोस्ट लेवल : 1533
सादर अभिवादन। ये ऊँची मीनारें  इमारतें बहुमंज़िला रहते इंसान ज़मीर से मुब्तिला। वो बाढ़ क़हर न झोपड़ी न रही रोटी राहत फंड से कौन करेगा मौज़। -रवीन्द्र आइए पढ़ते हैं कुछ पसंदीदा रचनाएँ - &...
 पोस्ट लेवल : 1532
।।भोर वंदन।।"जाग गया है दिनकर गुलाबी लिबास से ढ़ँकी प्राची सुन्दरी अपने अधखुले नेत्रों से समस्त सृष्टि को निहारती है-कमलिनी शनैः-शनैः पुष्पित हो रही है !!"नीरजा हेमेन्द्र ख्याल भी है हमें दहर के हसद औ तशवीश की पर हर सुबह कुछ सुखन ढूंढन...
 पोस्ट लेवल : 1531