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सादर अभिवादनकुछ लिखने का मन नहीं हैख़ुदा की मोहब्बत को फ़ना कौन करेगा?सभी बन्दे नेक हों तो गुनाह कौन करेगा?ये अश़आर है ज़नाब मिर्जा गालिब काव्हाट्सएपप मेे बताया कि आज मिर्जा गालिब का दो सौ बीसवां जन्म दिवस हैशायद गलती से लिख दिया होगाखैर..जाने दीजिए...रचनाएँ देख...
 पोस्ट लेवल : 1530
स्नेहिल अभिवादन..हमक़दम के आज का विषय "सजदा"सजदा अरबी शब्द हैजिसका अर्थ होता हैनमाज पढ़ते समय माथा टेकने की क्रिया, प्रणाम करना,सर झुकाना।यह भी एक प्रयोग थाबेहतरीन अंजाम दिया इस शब्द नेहमारे सुगढ़ रचनाकारों की रचनात्मकताको सादर प्रणाम।इसका प्रयोग अ...
 पोस्ट लेवल : 1529 सजदा
जय मां हाटेशवरी.....श्राद्धपक्ष अपने पूरवजों को स्मर्ण करने का समय होता है.....हम आज जहां है, जो कुछ भी हैं.....अपने पूरवजों के कारण ही हैं.....कुछ तथा कथित ज्ञानी केवल.....हमारी प्राचीन  परंप्राओं का विरोध ही करते हैं.....भले ही हमारे पूरवजों की  मृत आत्...
 पोस्ट लेवल : 1528
सबको यथायोग्यप्रणामाशीष15 सितम्बर 2019 को अनुजा मीना भारद्वाज जी से भेंट हुई संग में वीणा वत्सल जी से हम मिलने गए थे... मीना जी से हमारी पहली भेंट थी... लेकिन लगा नहीं... संग में उनकी बहू भी थी जो बेहद प्यारी बिटिया है... अपार हर्ष वाला दिन गुजरा.. सकूँ वाले पल गुज...
 पोस्ट लेवल : 1527
सादर अभिवादन। वे व्यस्त हैं चर्चा में दुनिया को झोंक देना चाहते हैं परमाणु युद्ध में एक हम हैं कि भिड़े हैं अंतरयुद्ध में। -रवीन्द्र  आइये अब आपको आज की पसंदीदा रचनाओं की ओर ले चलें- यथार्थ.......मीना ...
 पोस्ट लेवल : 1526
स्नेहिल अभिवादन-----------हर रात नींद की क्यारी मेंकुछ बीज ख़्वाब के बोते हैकुछ फूल बने मुस्कुराते हैंकुछ माटी ओढ़े रोते हैंबेढ़ब राहों में जीवन कीकुछ स्वप्न टूट भी जाये तोजीवन को व्यर्थ मैं क्यूँ मानूँ?©श्वेता★★★★★आइये आज की रचनाएँ पढ़ते हैं-★तितलियाँँफिर कैद से उन्मु...
 पोस्ट लेवल : 1525
।।भोर वंदन।।"उषे! बतला यह सीखा हास कहाँ?इस नीरस नभ में पाया हैतूने यह मधुमास कहाँ?अन्धकार के भीतर सोताथा इतना उल्लास कहाँ?सूने नभ में छिपा हुआ थातेरा यह अधिवास कहाँ?यदि तेरा जीवन जीवन हैतो फिर है उच्छ्वास कहाँ?"रामकुमार वर्माजीवन की रहस्यमयी बातों और उठते विचा...
सादर अभिवादनआज विश्वकर्मा जयन्ती हैदेव-शिल्पी भगवान विश्वकर्मा को सादर नमनचलिए चलते हैं रचनाओं की ओर...सजदे तो कम करो..... मुदिता गर्गदुनिया में दीनो इश्क़ के चर्चे तो कम करो या आशिकों पे जारी फतवे तो कम करो... पलकें बिछाए बैठे हैं हम राह में तेरी तुम...
 पोस्ट लेवल : 1523
सादर अभिवादन। 'पाँच लिंकों का आनन्द' के विशेष साप्ताहिक आयोजन 'हम-क़दम' के ताज़ा अंक में आपका हार्दिक स्वागत है जिसका विषय था - 'ख़ामोशी'/'ख़ामोश '   उदाहरणस्वरूप रचना दी गयी थी -'ख़ामोशी से बातें करता था न जाने  क्यों लाचारी है  ...
 पोस्ट लेवल : 1522
सादर अभिवादनहिन्दी दिवस कल सम्पन्न हुआ...भाई कुलदीप जी आज आवश्यक कार्य से बाहर हैंचलिए आपको ले चलती हूँ...आज की रचनाओं की ओर....हिंदी ....एक बात प्रमाणित है हिंदी साहित्य के छोटे-बड़े सभी लेखकों ने बागडोर थामी हुई है हिंदी के भविष्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हु...
 पोस्ट लेवल : 1521